टी20 वर्ल्ड कप: रिंकू सिंह ने पिता की तबीयत के कारण छोड़ा भारतीय टीम का साथ
सारांश
Key Takeaways
- रिंकू सिंह ने पिता की बिगड़ी तबीयत के कारण टीम छोड़ी।
- टीम इंडिया को जिम्बाब्वे के खिलाफ अगले मैच में जीत की जरूरत है।
- रिंकू का न होना टीम के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
- संजू सैमसन को उनकी जगह खेलने का मौका मिल सकता है।
- रिंकू ने विश्व कप में २४ रन बनाए हैं।
नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस) भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज रिंकू सिंह ने मंगलवार को चेन्नई से उत्तर प्रदेश के लिए प्रस्थान किया है। सूत्रों के अनुसार, रिंकू को परिवार में स्वास्थ्य संकट के चलते टीम का साथ छोड़ना पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, रिंकू सिंह के पिता चौथे चरण के लिवर कैंसर से ग्रसित हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। फिलहाल, रिंकू के पिता वेंटिलेटर पर हैं।
सूत्रों का कहना है कि रिंकू ने मंगलवार को चेन्नई में हुए अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया, जिससे उनकी अगले मैच में खेलने की संभावनाएं भी कम हो गई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि 'करो या मरो' के मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन को खेल में शामिल किया जा सकता है।
रिंकू सिंह ने अब तक टी20 विश्व कप २०२६ में खेले गए सभी मैचों में भाग लिया है और उन्होंने कुल २४ रन बनाए हैं। अंतिम ओवरों में फिनिशर की भूमिका में रिंकू टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं, और उनकी अनुपस्थिति मेज़बान टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। रिंकू एक कुशल फील्डर भी हैं।
हालांकि, रिंकू ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-८ राउंड के मुकाबले में बल्ले से कुछ खास नहीं किया और बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे। साउथ अफ्रीका द्वारा दिए गए १८८ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की टीम महज़ १११ रन बना सकी थी। साउथ अफ्रीका की ओर से डेविड मिलर ने ३५ गेंदों में ६३ रनों की शानदार पारी खेली थी, जिसके चलते उनकी टीम ने ७ विकेट खोकर १८७ रन बनाए।
डिफेंडिंग चैंपियन भारत को अहमदाबाद में सुपर-८ चरण के अपने पहले मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ २६ फरवरी को भिड़ना है। टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए अपने बचे हुए दोनों मैचों में जीत हासिल करनी होगी। जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम में अक्षर पटेल की वापसी हो सकती है, जो वॉशिंगटन सुंदर के स्थान पर खेल सकते हैं।