रियाद महरेज का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास, FIFA विश्व कप 2026 में स्विट्जरलैंड से हार के बाद लिया फैसला
सारांश
मुख्य बातें
अल्जीरिया के दिग्गज कप्तान रियाद महरेज ने 3 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की — FIFA विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में स्विट्जरलैंड के हाथों हार के कुछ ही घंटों बाद। 12 साल के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का यह पटाक्षेप वैंकूवर में हुआ, जहाँ महरेज ने मैदान पर आखिरी बार अल्जीरिया की जर्सी पहनी।
महरेज के अपने शब्दों में
मैच के बाद महरेज ने कहा, 'हमारा लक्ष्य आगे बढ़ना था। मुझे लगता है कि यह एक ऐसा गेम था जो हमारी पहुँच में था। हमने गलतियों पर दो गोल खाए। हमें गलतियों की भारी कीमत चुकानी पड़ी। यह राष्ट्रीय टीम के साथ मेरा आखिरी मैच था।' उनके इन शब्दों ने पुष्टि की कि एक युग का अंत हो चुका है।
करियर की शुरुआत और अफ्रीकी खिताब
फ्रांस में जन्मे महरेज ने 2013 में अल्जीरिया का प्रतिनिधित्व करने का निर्णय लिया और उसी वर्ष अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। 2014 FIFA विश्व कप में उन्होंने अल्जीरिया को राउंड ऑफ 16 तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके करियर का सबसे गौरवशाली क्षण 2019 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस का खिताब रहा, जब अल्जीरिया ने फाइनल में सेनेगल को हराकर लगभग तीन दशकों में अपनी पहली महाद्वीपीय चैंपियनशिप जीती। सेमीफाइनल में नाइजीरिया के खिलाफ उनकी स्टॉपेज-टाइम फ्री-किक टूर्नामेंट के सबसे यादगार पलों में से एक मानी जाती है।
FIFA विश्व कप 2026 — सर्वश्रेष्ठ अभियान
FIFA विश्व कप 2026 महरेज का सबसे सफल विश्व कप अभियान रहा। उन्होंने चार मैचों में तीन गोल में योगदान दिया — ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल और जॉर्डन के विरुद्ध एक असिस्ट। इस प्रदर्शन ने उन्हें किसी एकल विश्व कप संस्करण में सर्वाधिक गोल योगदान देने वाले अल्जीरियाई खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया। इसके अलावा, वे वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच की शुरुआती एकादश में जगह पाने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज अफ्रीकी फुटबॉलर भी बने।
आँकड़ों में एक महान करियर
35 वर्षीय महरेज ने अल्जीरिया के लिए 120 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 40 गोल दागे। वे देश के लिए सर्वाधिक मैच खेलने और सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। गौरतलब है कि वे अल्जीरिया के सबसे प्रभावशाली और पहचाने जाने वाले फुटबॉल चेहरों में से एक रहे हैं।
आगे क्या
महरेज के संन्यास के बाद अल्जीरिया को एक नई नेतृत्व पहचान तलाशनी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब अफ्रीकी फुटबॉल में प्रतिस्पर्धा तेज़ी से बढ़ रही है और अगला अफ्रीका कप ऑफ नेशंस नज़दीक है। महरेज की विरासत अल्जीरियाई फुटबॉल की अगली पीढ़ी को प्रेरणा देती रहेगी।