रॉबिन उथप्पा ने मुझे पूरी तरह बदल दिया: एन जगदीसन का भावुक खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
विकेटकीपर बल्लेबाज एन जगदीसन ने स्वीकार किया है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने पिछले तीन वर्षों में उन्हें न केवल एक बेहतर क्रिकेटर बल्कि 'पूरी तरह एक अलग इंसान' बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। जगदीसन इस समय पुडुचेरी में 22 सितंबर 2026 से शुरू हो रही भारत ए बनाम ऑस्ट्रेलिया ए की अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का हिस्सा हैं, जिसमें 2 अनाधिकारिक टेस्ट और 3 अनाधिकारिक वनडे खेले जाने हैं।
उथप्पा से पहली मुलाकात और तकनीकी बदलाव
जगदीसन ने बताया कि उथप्पा के साथ उनका रिश्ता चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के ड्रेसिंग रूम से शुरू हुआ। उन्होंने कहा, 'सीएसके के लिए खेलते समय उन्होंने मुझे मेरे बैटिंग स्टांस और शरीर के भार को संतुलित करने के बारे में कुछ बताया था।' इस सलाह का असर जगदीसन को विजय हज़ारे ट्रॉफी में देखने को मिला, जहाँ उन्होंने 5 शतकों के साथ लगभग 830 रन बनाए।
जगदीसन के अनुसार, उनके 5वें शतक के तुरंत बाद उथप्पा ने उन्हें फोन किया और कहा, 'दोस्त, क्या हो रहा है? तुमने अपनी बैटिंग के साथ क्या कर लिया है?' यह फोन जगदीसन के लिए एक बड़ा भावनात्मक क्षण था, जब एक अनुभवी खिलाड़ी ने उनकी तरक्की नोटिस की।
मेंटरशिप की शुरुआत और तीन साल का सफर
जगदीसन ने बताया कि एक बार जब उथप्पा ने CSK छोड़ दिया और वे खुद भी टीम से बाहर हो गए, तो दोनों के बीच लंबा अंतराल आ गया। करीब दो साल बाद, उथप्पा ने अचानक एक बार फिर फोन किया — इस बार क्रिकेट से बिल्कुल अलग विषय पर जीवन की बातें करने के लिए। इसी बातचीत में जगदीसन ने उनसे औपचारिक मेंटरशिप की इच्छा जताई।
उन्होंने कहा, 'मैं चाहता था कि ऐसा कोई हो जो पहले से भारतीय टीम का हिस्सा रहा हो और मुझे भारत के लिए खेलने के सपने की ओर मार्गदर्शन दे सके।' अगले ही दिन उथप्पा ने फोन किया और अगले एक सप्ताह तक दोनों लगातार संपर्क में रहे।
मानसिक और तकनीकी स्तंभ
जगदीसन ने उथप्पा के बारे में कहा, 'वह मानसिक और तकनीकी तौर पर मेरे लिए एक पिलर रहे हैं। वह मेरे लिए परिवार हैं और हम बहुत करीब हैं। चाहे कुछ भी हो, यह सिर्फ क्रिकेट नहीं है — जिंदगी में भी कोई बात हो तो मैं पक्का उनके पास जाऊंगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में मेंटरशिप की भूमिका को लेकर बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि युवा विकेटकीपर बल्लेबाजों की अगली पीढ़ी पर नजरें टिकी हैं, और जगदीसन जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की रडार पर है।
भारत ए बनाम ऑस्ट्रेलिया ए सीरीज में जगदीसन का महत्व
पुडुचेरी में खेली जाने वाली इस सीरीज में जगदीसन की भूमिका अहम होगी। 22 सितंबर 2026 से शुरू हो रहे 2 अनाधिकारिक टेस्ट के बाद 3 अनाधिकारिक वनडे मैच भी इसी केंद्र पर खेले जाएंगे। यह सीरीज उन खिलाड़ियों के लिए एक अहम अवसर है जो वरिष्ठ भारतीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में हैं।
जगदीसन ने कहा, 'पिछले तीन साल मेरे लिए रॉबिन के साथ आशीर्वाद की तरह रहे हैं। उन्होंने मुझे पूरी तरह से एक अलग इंसान बना दिया है।' यह बयान महज कृतज्ञता नहीं — यह उस मेंटरशिप की ताकत का प्रमाण है जो मैदान से परे जाकर एक खिलाड़ी को गढ़ती है।