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रोहित शर्मा और विराट कोहली की गेम-रीडिंग काबिलियत अद्वितीय: फील्डिंग कोच शुभदीप घोष

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रोहित शर्मा और विराट कोहली की गेम-रीडिंग काबिलियत अद्वितीय: फील्डिंग कोच शुभदीप घोष

सारांश

फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने खुलासा किया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की गेंद की दिशा पहले से भाँप लेने की क्षमता उन्हें औसत फील्डर से अलग बनाती है। पहले वनडे में रोहित के अंदाज़े ने डेरिल मिशेल का रन-आउट संभव बनाया — और यही 'एंटिसिपेशन' घोष के लिए फील्डिंग का सबसे अहम पहलू है।

मुख्य बातें

फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने वेलिंगटन में 6 नवंबर 2026 को विराट कोहली और रोहित शर्मा की गेम-रीडिंग क्षमता की प्रशंसा की।
कोहली को कवर और पॉइंट पर वर्षों की फील्डिंग के कारण गेंद की दिशा पहले से भाँप लेने की महारत हासिल है।
रोहित शर्मा के शुरुआती अंदाज़े ने पहले वनडे में डेरिल मिशेल का रन-आउट संभव बनाया।
भारत ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को लगभग 180 रन पर रोका, जिसमें गेंदबाज़ी के साथ-साथ क्वालिटी फील्डिंग की भी भूमिका रही।
घोष ने विदेशी परिस्थितियों — मैदान का आकार, ठंडा मौसम, बाउंड्री की स्थिति — के अनुकूलन को नियमित ड्रेसिंग-रूम एजेंडा बताया।

भारत के फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे से पूर्व वेलिंगटन में कहा कि सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा की गेंद की दिशा भाँपने और मैदानी स्थितियाँ पढ़ने की क्षमता उन्हें अपनी पीढ़ी के श्रेष्ठ क्षेत्ररक्षकों में शामिल करती है। घोष ने स्पष्ट किया कि वर्षों की विशेष पोजीशन पर फील्डिंग ने इन दोनों खिलाड़ियों को औसत क्षेत्ररक्षकों से कहीं आगे ला खड़ा किया है।

कोहली की कवर-पॉइंट पर महारत

घोष ने बताया कि विराट कोहली ने वर्षों तक कवर और पॉइंट जैसी चुनौतीपूर्ण पोजीशन पर फील्डिंग की है, जिससे उन्हें गेंद की उड़ान, टप्पा खाने के बाद की दिशा और गति का सहज अनुभव हो गया है। उन्होंने कहा, 'विराट ने कवर और पॉइंट पर कई बार फील्डिंग की है, इसलिए उन्हें गेंद की दिशा और रास्ता पता है, साथ ही यह भी पता है कि गेंद टकराने के बाद कैसे जाएगी। वह दूसरों की तुलना में स्थिति को थोड़ा पहले समझ लेते हैं, और आप उनके काम करने के तरीके में यह देख सकते हैं।'

रोहित का वह रन-आउट जो सीरीज में चर्चा का केंद्र बना

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले वनडे में रोहित शर्मा ने बल्लेबाज डेरिल मिशेल को रन-आउट करते हुए अपनी असाधारण अनुमान-क्षमता का प्रदर्शन किया। घोष ने इस क्षण को विस्तार से समझाया: 'जहाँ तक रोहित की बात है, मुझे लगता है कि उन्होंने उस रन-आउट के दौरान अंदाज़ा लगा लिया था कि गेंद स्क्वायर लेग की तरफ जाएगी। वह सीधे नहीं चल रहे थे — वह पहले से ही थोड़ा स्क्वायर लेग की तरफ जा रहे थे। उस शुरुआती अंदाज़े ने उन्हें स्किल को पूरी तरह से करने में मदद की।' घोष ने जोड़ा कि 'अंदाज़ा लगाना फील्डिंग के सबसे ज़रूरी पहलुओं में से एक है।'

पहले वनडे में टीम की फील्डिंग: घोष का मूल्यांकन

फील्डिंग कोच ने पहले मैच में पूरी टीम के प्रदर्शन को सराहा। उन्होंने कहा, 'हमने पहले वनडे में अच्छा किया। हमने कुछ अच्छे कैच लिए, विकेट लिए और बेहतरीन ग्राउंड फील्डिंग से इसे सपोर्ट किया। इंटेंसिटी बहुत अच्छी थी।' घोष ने यह भी रेखांकित किया कि विरोधी टीम को लगभग 180 रन पर रोकना महज़ अच्छी गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि क्वालिटी फील्डिंग का भी नतीजा था।

विदेशी परिस्थितियों में ढलने की चुनौती

घोष ने विदेश दौरों पर बदलती परिस्थितियों में अनुकूलन की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उनके अनुसार मैदान के अलग-अलग आकार, ठंडा मौसम और बाउंड्री की अलग स्थिति — ये सभी कारक खिलाड़ियों की फील्डिंग को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, 'जब आप अलग-अलग देशों में जाते हैं, तो नई कंडीशन में ढलना हमेशा एक चुनौती होती है। ग्राउंड के आकार अलग-अलग होते हैं, और मौसम ठंडा हो सकता है — ये ऐसी बातें हैं जिन पर हम ड्रेसिंग रूम में नियमित बात करते हैं।'

आगे क्या

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे वेलिंगटन में खेला जाना है, जहाँ टीम इंडिया सीरीज़ में बढ़त बनाए रखने के इरादे से उतरेगी। घोष के बयान से स्पष्ट है कि टीम प्रबंधन फील्डिंग को रणनीतिक हथियार के रूप में प्राथमिकता दे रहा है, और अनुभवी खिलाड़ियों की उपस्थिति इस विभाग में युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय क्रिकेट की एक बड़ी बहस को रेखांकित करता है — क्या अनुभवी खिलाड़ियों की फील्डिंग उनकी उम्र के साथ घटती है या 'एंटिसिपेशन' उसकी भरपाई कर देता है? घोष का तर्क है कि तकनीकी दक्षता से अधिक मानसिक पूर्वानुमान निर्णायक होता है — और यह दृष्टिकोण युवा फील्डरों के चयन-विमर्श को चुनौती देता है। गौरतलब है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की उम्र और फिटनेस को लेकर पिछले कुछ महीनों में सवाल उठते रहे हैं; ऐसे में कोचिंग स्टाफ का यह सार्वजनिक समर्थन रणनीतिक संदेश भी है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने विराट कोहली की फील्डिंग के बारे में क्या कहा?
घोष ने कहा कि विराट कोहली ने कवर और पॉइंट पर वर्षों तक फील्डिंग की है, जिससे उन्हें गेंद की दिशा और टप्पे के बाद की चाल पहले से समझने की क्षमता मिली है। यह 'अर्ली एंटिसिपेशन' उन्हें अधिकतर क्षेत्ररक्षकों से बेहतर बनाती है।
रोहित शर्मा ने डेरिल मिशेल को कैसे रन-आउट किया?
घोष के अनुसार रोहित ने पहले से अंदाज़ा लगा लिया था कि गेंद स्क्वायर लेग की तरफ जाएगी, इसलिए वे सीधे न चलकर पहले से ही उस दिशा में जा रहे थे। इसी शुरुआती अनुमान ने उन्हें मिशेल को रन-आउट करने का मौका दिया।
पहले वनडे में भारत की फील्डिंग कैसी रही?
फील्डिंग कोच घोष ने पहले वनडे में टीम की फील्डिंग को बेहतरीन बताया — अच्छे कैच, विकेट और दमदार ग्राउंड फील्डिंग के साथ। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड को लगभग 180 रन पर रोकना गेंदबाज़ी और क्वालिटी फील्डिंग दोनों का साझा नतीजा था।
विदेशी दौरों पर फील्डिंग में क्या चुनौतियाँ होती हैं?
घोष ने बताया कि अलग-अलग देशों में मैदान का आकार, ठंडा मौसम और बाउंड्री की स्थिति बदल जाती है, जिसके लिए खिलाड़ियों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है। ये विषय ड्रेसिंग रूम में नियमित चर्चा का हिस्सा होते हैं।
भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज़ 2026 का मौजूदा हाल क्या है?
भारत ने पहला वनडे जीतकर सीरीज़ में बढ़त बना ली है। दूसरा वनडे वेलिंगटन में खेला जाना है, जहाँ टीम इंडिया सीरीज़ पर पकड़ और मज़बूत करना चाहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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