ग्रैंड स्लैम का बहिष्कार करूँगी: एरिना सबालेंका की पुरस्कार राशि में समानता की माँग
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 6 मई 2026। विश्व की शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने इटैलियन ओपन में मंगलवार को ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की पुरस्कार राशि में महिलाओं को समान हिस्सेदारी न देने के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया। चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने का एकमात्र तरीका बड़े टूर्नामेंटों का बहिष्कार ही है।
सबालेंका की सीधी माँग
सबालेंका ने कहा, "मुझे लगता है कि शो हमारी तरफ से है। हमारे बिना कोई टूर्नामेंट नहीं होता। हम निश्चित रूप से अधिक राशि पाने के हकदार हैं। मुझे लगता है कि किसी समय हम बहिष्कार करेंगे। अपने अधिकारों के लिए लड़ने का यही एकमात्र तरीका है।" उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियाँ आसानी से एक साथ आ सकती हैं और इस मुद्दे पर एकजुट हो सकती हैं।
पिछले साल की सामूहिक माँग
सबालेंका ने बताया कि पिछले साल लगभग सभी बड़ी खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंड स्लैम आयोजकों के नाम दो पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इन पत्रों में पुरस्कार राशि में वृद्धि, संन्यास सुविधाएँ, और मातृत्व अवकाश के दौरान वित्तीय सहायता जैसी माँगें शामिल थीं। खिलाड़ियों ने कुल टूर्नामेंट राजस्व का 22 प्रतिशत अपने लिए माँगा था, जिससे वे ATP मेन्स टूर और WTA महिला सर्किट द्वारा संचालित नौ संयुक्त 1000-स्तरीय इवेंटों के समकक्ष हो जाते।
स्वियाटेक की सावधानी भरी रुख
चार बार की फ्रेंच ओपन चैंपियन इगा स्वियाटेक (पोलैंड) ने हालाँकि सबालेंका की तुलना में अधिक संयमित दृष्टिकोण अपनाया। स्वियाटेक ने कहा, "टूर्नामेंट के बहिष्कार का निर्णय थोड़ा ज्यादा हो सकता है।" उन्होंने जोर देते हुए कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात शासन निकायों के साथ सही संवाद और चर्चा है। हमारे पास अपनी बात रखने की जगह होनी चाहिए।" स्वियाटेक को फ्रेंच ओपन से पहले ऐसी बैठक की उम्मीद है।
फ्रेंच ओपन की अधूरी बृद्धि
खिलाड़ियों ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि फ्रेंच ओपन द्वारा घोषित 9.5 प्रतिशत की पुरस्कार राशि वृद्धि पर्याप्त नहीं है। पिछले वर्ष फ्रेंच ओपन की कुल कमाई €395 मिलियन थी, जो पिछले साल से 14 प्रतिशत अधिक थी। हालाँकि, कुल पर्स में केवल 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, और खिलाड़ियों की राजस्व हिस्सेदारी 14.3 प्रतिशत तक गिर गई। आयोजकों का अनुमान है कि इस वर्ष फ्रेंच ओपन का राजस्व €400 मिलियन से अधिक हो सकता है।
सबालेंका का समय पर दबाव
सबालेंका की यह माँग फ्रेंच ओपन 2026 (18 मई से 7 जून) की शुरुआत से ठीक पहले आई है, जिससे आयोजकों पर पुरस्कार राशि पुनर्विचार का दबाव बढ़ गया है। महिला टेनिस में पिछले दशक में समान पुरस्कार की माँग तेज़ हुई है, और यह सबालेंका जैसे शीर्ष खिलाड़ियों की सामूहिक कार्रवाई का संकेत है।