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विश्व योगासन चैंपियनशिप में सारांश कुमार ने जीता स्वर्ण पदक, बिहार के तीन खिलाड़ियों का पटना में भव्य स्वागत

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विश्व योगासन चैंपियनशिप में सारांश कुमार ने जीता स्वर्ण पदक, बिहार के तीन खिलाड़ियों का पटना में भव्य स्वागत

सारांश

बिहार के सारांश कुमार ने अहमदाबाद में प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। 60 से अधिक देशों की प्रतिस्पर्धा में बिहार के तीन खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया। पटना लौटने पर हुए भव्य स्वागत में सारांश ने युवाओं को खेल में करियर बनाने का संदेश दिया।

मुख्य बातें

सारांश कुमार ने 4–8 जून को अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
इस चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया; यह योगासन की पहली वैश्विक प्रतियोगिता थी।
बिहार के दिलीप कुमार और सुधांशु शेखर ने भी चैंपियनशिप में प्रदर्शन किया और सफलता का श्रेय बिहार सरकार को दिया।
सारांश ने बिहार सरकार की 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' नीति का उल्लेख करते हुए खेल में रोज़गार के अवसरों की बात कही।
खिलाड़ियों ने दिसंबर में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य व्यक्त किया।
चैंपियनशिप का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, जिन्होंने योगासन को ओलंपिक में शामिल कराने की संभावना जताई।

पटना, 10 जून — बिहार के युवा खिलाड़ी सारांश कुमार ने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। 4 से 8 जून तक चली इस ऐतिहासिक चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया और भारतीय दल में शामिल बिहार के प्रतिभागियों ने देश की पदक तालिका को मज़बूत किया।

पटना में भव्य स्वागत

अहमदाबाद से पटना लौटने पर सारांश कुमार, दिलीप कुमार और सुधांशु शेखर का हवाई अड्डे पर माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने तीनों खिलाड़ियों को मालाओं से लाद दिया। यह स्वागत समारोह बिहार में खेल के प्रति बढ़ती जागरूकता और उत्साह का प्रतीक बना।

सारांश कुमार ने बिहार सरकार को दिया श्रेय

मीडिया से बातचीत में सारांश कुमार ने कहा, 'मैंने स्वर्ण पदक जीता है। इसके लिए मैं बिहार सरकार को धन्यवाद देना चाहूंगा। बिहार सरकार की वजह से ही मुझे बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिला और मैं स्वर्ण पदक जीत सका।' उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, 'आप शिक्षा के साथ ही खेल के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकते हैं। खेल में भी करियर के काफी अवसर हैं।' दिलीप कुमार और सुधांशु शेखर ने भी अपनी सफलता का श्रेय बिहार सरकार के सहयोग को दिया।

मेडल लाओ नौकरी पाओ नीति का उल्लेख

सारांश ने बिहार सरकार की 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' नीति का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अच्छी सरकारी नौकरियाँ उपलब्ध कराई जाती हैं। यह नीति बिहार में खेल को करियर विकल्प के रूप में स्थापित करने में सहायक बन रही है।

कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी

सारांश कुमार ने बताया कि दिसंबर में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी उनकी तैयारी जारी है और वे उसमें भी स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। गौरतलब है कि अहमदाबाद में आयोजित यह योगासन चैंपियनशिप अपनी तरह की पहली वैश्विक प्रतियोगिता थी, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह चैंपियनशिप भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर योगा को खेल की श्रेणी में शामिल कराने के लिए बेहद अहम हो सकती है। बिहार के इन खिलाड़ियों की यह सफलता राज्य में खेल संस्कृति के नए युग की शुरुआत का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार में खेल नीति की एक परीक्षा भी है। 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' जैसी योजनाएँ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये नीतियाँ ज़मीनी स्तर पर योगासन जैसे गैर-पारंपरिक खेलों के बुनियादी ढाँचे — प्रशिक्षण केंद्र, कोच, उपकरण — में भी निवेश कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी का योगासन को ओलंपिक में शामिल कराने का सपना तभी साकार होगा जब राज्य सरकारें इस खेल को संस्थागत समर्थन दें, न कि केवल विजेताओं को पुरस्कृत करें।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व योगासन चैंपियनशिप में सारांश कुमार ने कौन-सा पदक जीता?
सारांश कुमार ने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। यह प्रतियोगिता 4 से 8 जून तक चली और इसमें 60 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप कहाँ और कब हुई?
प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप गुजरात के अहमदाबाद में 4 से 8 जून को आयोजित की गई। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और यह योगासन की अपनी तरह की पहली वैश्विक प्रतियोगिता थी।
बिहार की 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' नीति क्या है?
बिहार सरकार की 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाती है। सारांश कुमार ने इस नीति का उल्लेख करते हुए युवाओं को खेल में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बिहार के कौन-से खिलाड़ी विश्व योगासन चैंपियनशिप में शामिल हुए?
बिहार से सारांश कुमार, दिलीप कुमार और सुधांशु शेखर ने इस चैंपियनशिप में भाग लिया। तीनों खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय बिहार सरकार के सहयोग और प्रशिक्षण सुविधाओं को दिया।
क्या योगासन को ओलंपिक में शामिल किया जाएगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चैंपियनशिप के उद्घाटन के दौरान कहा था कि यह प्रतियोगिता भविष्य में योगासन को ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर खेल की श्रेणी में शामिल कराने के लिए बेहद अहम हो सकती है। हालाँकि इस दिशा में कोई आधिकारिक निर्णय अभी नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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