वॉशिंगटन सुंदर की चोट बनी टर्निंग पॉइंट, सितांशु कोटक बोले — 233 रन नाकाफी थे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने 17 जुलाई को कार्डिफ में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में 4 विकेट से मिली हार के बाद स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन सुंदर की इंजरी और उसके तुरंत बाद गंवाए गए दो विकेट ही इस मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहे। उन्होंने माना कि 233 रनों का स्कोर इंग्लैंड जैसी मजबूत बल्लेबाजी के सामने पर्याप्त नहीं था।
मैच का टर्निंग पॉइंट
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक ने कहा, 'देखिए, आखिरी मैच में भी साझेदारी हुई थी और इस मुकाबले में भी पार्टनरशिप हुई। हमारा स्कोर 178/3 था और जब तक विराट कोहली खेल रहे थे तब तक साझेदारी हो रही थी। हालांकि, वॉशिंगटन सुंदर की इंजरी दुर्भाग्यपूर्ण रही और उसके बाद वह आउट हो गए। इसके बाद हमने दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए और मुझे लगता है कि इसी चीज ने सबसे बड़ा अंतर पैदा किया। अगर हम 270 या 280 रन बनाते, तो यह यकीनन चुनौतीपूर्ण होता।'
पिच पर कोच का रुख
बैटिंग कोच ने हार के लिए पिच को जिम्मेदार ठहराने से साफतौर पर इनकार किया। उन्होंने कहा, 'ऐसा लगा कि आगे वाली गेंदें बराबर आ रही थीं, जबकि बैक ऑफ लेंथ गेंदें पहली पारी में थोड़ा रुककर ऊपर आ रही थीं। दूसरी पारी में इतना ऊपर तो नहीं आ रही थीं, लेकिन धीमी जरूर थीं। दोहरे उछाल वाला विकेट था, लेकिन हमें समझ आ रहा था कि विकेट कैसा खेल रहा है — ऐसे में पिच को जिम्मेदार ठहराने का कोई मतलब नहीं।'
विराट का ड्रेसिंग रूम संदेश
सितांशु कोटक ने बताया कि बल्लेबाजी करते समय विराट कोहली ने पिच की प्रकृति को लेकर ड्रेसिंग रूम में संदेश भेजा था, ताकि बाकी बल्लेबाज तालमेल बिठा सकें। कोच ने कहा कि जब पिच में दोहरा पेस या उछाल हो, तो बतौर बल्लेबाज अनुकूलन बेहद जरूरी होता है।
भारत का प्रदर्शन और स्कोरकार्ड
भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 44 ओवर में 233 रन बनाकर ऑलआउट हुई। विराट कोहली ने 65 रन और श्रेयस अय्यर ने 66 रन की पारी खेली, लेकिन इन दोनों को छोड़कर शेष बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इंग्लैंड ने 234 रनों के लक्ष्य को 44.1 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड की ओर से जो रूट 99 रन बनाकर नाबाद रहे और मैच के सबसे अहम खिलाड़ी साबित हुए।
आगे की राह
सितांशु कोटक ने माना कि 35 से 40 रन अतिरिक्त बनाए जाते तो मुकाबला कहीं अधिक रोमांचक हो सकता था। अब भारत को सीरीज में वापसी के लिए तीसरे वनडे में बेहतर बल्लेबाजी की एकजुटता दिखानी होगी।