स्मृति मंधाना: ₹5,411 वनडे रन और दो ICC अवॉर्ड — भारतीय महिला क्रिकेट की नई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान और बाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपनी आक्रामक और तकनीकी रूप से समृद्ध बल्लेबाजी से महिला क्रिकेट को भारत में एक नया दर्शक वर्ग दिलाया है। स्टेडियम में 'मंधाना' के नारे और टेलीविजन-मोबाइल पर रिकॉर्ड दर्शक संख्या इस बात का प्रमाण है कि 30 वर्षीया यह खिलाड़ी लोकप्रियता के मामले में देश के शीर्ष पुरुष क्रिकेटरों को कड़ी टक्कर देती हैं।
शुरुआती जीवन और क्रिकेट में प्रवेश
18 जुलाई 1996 को मुंबई में जन्मी स्मृति मंधाना एक क्रिकेट-परिवार से आती हैं — उनके पिता और भाई दोनों क्रिकेटर रहे। मंधाना ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उनके पिता को बाएं हाथ के बल्लेबाज विशेष रूप से पसंद थे, जिसने उनकी बल्लेबाजी शैली को आकार दिया। महज 9 साल की उम्र में उन्हें महाराष्ट्र अंडर-15 टीम में जगह मिली और 11 साल की आयु में वह राज्य की अंडर-19 टीम का हिस्सा बन गईं।
अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत
घरेलू क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन के बाद 5 अप्रैल 2013 को मंधाना ने बांग्लादेश के खिलाफ टी20 मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। इसी वर्ष उन्होंने वनडे में भी डेब्यू किया, जबकि टेस्ट में पदार्पण 2014 में हुआ। डेब्यू के बाद से वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम की धुरी बनी हुई हैं।
करियर के आँकड़े
अपने 13 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में मंधाना ने प्रभावशाली आँकड़े दर्ज किए हैं। 9 टेस्ट की 16 पारियों में 2 शतक और 5 अर्धशतक के साथ 788 रन; 120 वनडे की 120 पारियों में 14 शतक और 35 अर्धशतक के साथ 5,411 रन; तथा 171 टी20 की 165 पारियों में 1 शतक और 35 अर्धशतक के साथ 4,538 रन — ये संख्याएँ उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे उत्पादक बल्लेबाजों में स्थापित करती हैं।
उपलब्धियाँ और रिकॉर्ड
मंधाना के नाम कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज हैं। वह ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी के बाद ICC विमेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दो बार जीतने वाली दुनिया की दूसरी क्रिकेटर हैं। वनडे फॉर्मेट में भारत की ओर से सबसे तेज शतक (50 गेंदों पर) उनके नाम है। वह तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज हैं और एक कैलेंडर वर्ष में महिला क्रिकेट में 1,000 से अधिक रन बनाने वाली पहली खिलाड़ी भी हैं। एक कैलेंडर वर्ष में वनडे में सर्वाधिक 4 शतक का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। वनडे में वह मिताली राज के बाद भारत की दूसरी सबसे सफल बल्लेबाज हैं।
नेतृत्व क्षमता और भविष्य की राह
बतौर कप्तान महिला प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 2 खिताब दिलाकर मंधाना अपनी नेतृत्व प्रतिभा भी साबित कर चुकी हैं। हरमनप्रीत कौर के बाद वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्णकालिक कप्तान बनने की प्रबल दावेदार मानी जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार उनके पास कम से कम 5-6 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर शेष है, और यदि मौजूदा फॉर्म बरकरार रही, तो वह महिला क्रिकेट में कई और असाधारण कीर्तिमान स्थापित करेंगी।