फीफा विश्व कप 2026: सोमाली रेफरी आर्टन को मिलेगी पूरी फीस, अमेरिका ने रोका था प्रवेश
सारांश
मुख्य बातें
फीफा विश्व कप 2026 के लिए चुने गए सोमालिया के रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन को टूर्नामेंट में भाग न कर पाने के बावजूद मैच अधिकारियों को मिलने वाला पूरा मेहनताना दिया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, फीफा ने यह फैसला आर्टन को किसी भी वित्तीय नुकसान से बचाने के उद्देश्य से लिया है — क्योंकि उनकी टूर्नामेंट से अनुपस्थिति उनकी अपनी गलती नहीं थी।
मुख्य घटनाक्रम
34 वर्षीय आर्टन फीफा द्वारा चुने गए 52 रेफरी में से एक थे। उन्हें 11 जून से 19 जुलाई तक कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका में आयोजित हो रहे फीफा विश्व कप 2026 में रेफरीइंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह इस टूर्नामेंट में किसी मैच की जिम्मेदारी संभालने वाले पहले सोमाली रेफरी बनने वाले थे — जो उनके और उनके देश दोनों के लिए ऐतिहासिक अवसर था।
अमेरिका ने रोका प्रवेश
रिपोर्टों के अनुसार, मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने आर्टन को देश में प्रवेश देने से मना कर दिया — यह तब हुआ जब उनके पास वैध एंट्री वीज़ा था। इसके बाद उन्हें इस्तांबुल वापस भेज दिया गया और अंततः वह सोमालिया लौट गए। इस घटना ने उनका विश्व कप में रेफरीइंग का सपना तोड़ दिया।
सोमालिया के युवा और खेल मंत्रालय के सलाहकार सिसे अदन अबशीर ने बताया कि आर्टन को मियामी पहुँचने पर आव्रजन अधिकारियों ने रोक लिया और वह देश में प्रवेश नहीं कर सके।
फीफा की प्रतिक्रिया
फीफा ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'उमर अब्दुलकादिर आर्टन फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अंपायरिंग नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्हें यूनाइटेड स्टेट्स में प्रवेश नहीं दिया गया। होस्ट सरकार ही तय करती है कि किसे वीज़ा मिलेगा और किसे उनके देश में आने दिया जाएगा।' गौरतलब है कि फुटबॉल की वैश्विक संस्था ने इस मामले में आर्टन के साथ खड़े होने का स्पष्ट संकेत दिया है।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह घटना उस समय सामने आई है जब फीफा विश्व कप 2026 के आयोजन पर अमेरिका की वीज़ा नीतियों को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। आर्टन का मामला दर्शाता है कि किस तरह राजनीतिक और प्रशासनिक अवरोध खेल के मैदान तक भी पहुँच सकते हैं। आलोचकों का कहना है कि वैध वीज़ा होने के बावजूद प्रवेश से इनकार करना अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की साख पर सवाल उठाता है।
क्या होगा आगे
फीफा के फैसले के अनुसार आर्टन को टूर्नामेंट के लिए निर्धारित पूरी फीस मिलेगी। हालांकि, उनकी जगह किसे रेफरी नियुक्त किया जाएगा, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। यह मामला भविष्य में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए वीज़ा नीतियों पर नए सिरे से विचार की माँग को और बल दे सकता है।