फीफा वर्ल्ड कप 2026: ईरानी फुटबॉल टीम को हर मैच से एक दिन पहले अमेरिका में प्रवेश की अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की नेशनल फुटबॉल टीम को फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अपने प्रत्येक मुकाबले से एक दिन पहले अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी गई है। मंगलवार, 9 जून को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि टीम को केवल मैच के दिन ही देश में आने-जाने की अनुमति होगी।
मुख्य घटनाक्रम
DHS के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया, 'ऐसा नहीं है कि ईरान को मैच वाले दिन ही आने के लिए मजबूर किया जाएगा। ये बातें गलत हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उदारता की वजह से, ईरानी टीम अपने मुकाबलों से एक दिन पहले आ सकेगी।' यह स्पष्टीकरण उन रिपोर्टों के बाद आया, जिनमें मेक्सिको में ईरान के राजदूत अबोलफजल पसंदीदेह के हवाले से कहा गया था कि टीम को मैच वाले दिन ही प्रवेश और निकास करना होगा।
फिलहाल ईरानी टीम मेक्सिको के तिजुआना में अभ्यास कर रही है। कई हफ्तों की अनिश्चितता के बाद, प्रतियोगिता शुरू होने से 10 दिन पहले अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी टीम के सभी खिलाड़ियों और सदस्यों को वीजा प्रदान कर दिया।
किन्हें नहीं मिली एंट्री
हालांकि, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के कुछ अधिकारियों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। मेक्सिको स्थित ईरानी दूतावास के अनुसार, जिन लोगों को एंट्री नहीं मिली उनमें टीम मैनेजर, दो टीम एनालिस्ट, मीडिया डायरेक्टर और विदेश मंत्रालय का एक प्रतिनिधि शामिल हैं। ईरानी फुटबॉल फेडरेशन ने इन्हें मुख्य मैनेजर और प्रशासनिक सदस्यों के रूप में नामित किया था।
ईरान का वर्ल्ड कप कार्यक्रम
ईरान अपने फीफा वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगा। इसके बाद 21 जून को लॉस एंजिल्स में ही बेल्जियम से मुकाबला होगा, और 26 जून को टीम सिएटल में मिस्र के खिलाफ मैदान में उतरेगी।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि शुरुआत में ईरान का ट्रेनिंग कैंप एरिजोना में प्रस्तावित था, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के चलते इसे तिजुआना स्थानांतरित कर दिया गया। कुछ पक्षों का कहना था कि फरवरी में अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान के खिलाफ युद्ध की घोषणा के बाद वहाँ रहना सुरक्षित नहीं था।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च में घोषणा की थी कि टूर्नामेंट में ईरान का स्वागत किया जाएगा, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि मैचों के बीच खिलाड़ियों का अमेरिका में रुकना उचित नहीं होगा। DHS की ताज़ा घोषणा इस नीति में एक व्यावहारिक संशोधन के रूप में देखी जा रही है।
आगे क्या
अब यह देखना होगा कि प्रवेश से वंचित प्रशासनिक अधिकारियों के बिना ईरानी टीम अपने अभियान को कितनी कुशलता से संचालित कर पाती है। टीम का पहला मुकाबला 15 जून को है और तब तक प्रतिनिधिमंडल से जुड़े मुद्दों के सुलझने की संभावना बनी हुई है।