सोफी एक्लेस्टोन के 150 टी20 विकेट: इंग्लैंड की पहली गेंदबाज, स्कॉटलैंड को 38 रनों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
महिला टी20 विश्व कप 2026 में सोफी एक्लेस्टोन ने 21 जून को इतिहास रच दिया — स्कॉटलैंड के खिलाफ टूर्नामेंट के 16वें मुकाबले में 23 रन देकर 2 विकेट लेते हुए वह टी20 इंटरनेशनल में 150 विकेट का आँकड़ा पार करने वाली इंग्लैंड की पहली गेंदबाज बन गईं। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 38 रनों से जीतकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
एक्लेस्टोन की ऐतिहासिक उपलब्धि
सोफी एक्लेस्टोन ने स्कॉटलैंड के खिलाफ अपना 150वाँ टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरा किया और अब उनके नाम 109 मैचों में कुल 151 विकेट दर्ज हैं। वह इस मुकाम तक पहुँचने वाली विश्व की पाँचवीं गेंदबाज भी बनी हैं। गौरतलब है कि टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट का रिकॉर्ड भारतीय स्पिनर दीप्ति शर्मा के नाम है, जिन्होंने 146 मुकाबलों में 167 विकेट झटके हैं।
स्कॉटलैंड की पारी: लक्ष्य से 38 दूर
201 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए स्कॉटलैंड की टीम 7 विकेट खोकर मात्र 162 रन ही बना सकी। स्कॉटलैंड की ओर से सारा ब्राइस ने सर्वाधिक 34 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। डार्सी कार्टर ने 23 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 29 रन बनाए, जबकि पिप्पा स्प्राउल ने 27 रन का योगदान दिया। एक्लेस्टोन के अतिरिक्त इंग्लैंड की ओर से लिन्से स्मिथ, चार्ली डीन, गिब्सन और फ्रेया केम्प ने एक-एक विकेट लिया।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी: केम्प-गिब्सन की आतिशी साझेदारी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत निराशाजनक रही — एमी जोन्स पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गईं और डैन व्याट मात्र 7 रन बनाकर आउट हुईं। लेकिन सोफी डंकले ने 37 गेंदों में 57 रनों की दमदार पारी खेलकर पारी को संभाला। एलिस कैप्सी ने 25 गेंदों में 40 रन बनाए।
हीथर नाइट 19 गेंदों में 25 रन बनाने के बाद प्रियानाज चटर्जी की गेंद पर आउट हुईं। अंतिम ओवरों में फ्रेया केम्प (16 गेंदों में नाबाद 39 रन) और डेनियल गिब्सन (11 गेंदों में नाबाद 30 रन) के बीच महज 21 गेंदों में 61 रनों की विस्फोटक साझेदारी ने इंग्लैंड को 200 रन के पार पहुँचाया।
टूर्नामेंट में इंग्लैंड की स्थिति
यह इंग्लैंड की महिला टी20 विश्व कप 2026 में लगातार तीसरी जीत है, जो टूर्नामेंट में उनकी मज़बूत दावेदारी को रेखांकित करती है। एक्लेस्टोन की गेंदबाज़ी और निचले क्रम की बल्लेबाज़ी ने मिलकर इंग्लैंड को अजेय बनाए रखा है। आगे के मुकाबलों में एक्लेस्टोन का प्रदर्शन इंग्लैंड की खिताबी उम्मीदों की कुंजी बना रहेगा।