12 अगस्त 2026
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पीआर श्रीजेश का दावा: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत टॉप-4 में पहुँचने की काबिलियत रखता है

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पीआर श्रीजेश का दावा: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत टॉप-4 में पहुँचने की काबिलियत रखता है

सारांश

श्रीजेश का संदेश दो-टूक है — टॉप-4 न्यूनतम लक्ष्य है, मेडल बोनस होगा। 15 अगस्त को वेल्स, 17 को इंग्लैंड और 19 को पाकिस्तान — ग्रुप डी में भारत की हर भिड़ंत बड़ी है। नई पीढ़ी पर दांव लगाया गया है।

मुख्य बातें

एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त 2026 से हो रहा है।
पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश ने कहा कि भारत का न्यूनतम लक्ष्य टॉप-4 में जगह बनाना होना चाहिए।
भारत ग्रुप डी में है — प्रतिद्वंद्वी: वेल्स (15 अगस्त), इंग्लैंड (17 अगस्त), पाकिस्तान (19 अगस्त)।
श्रीजेश के अनुसार मेडल — सिल्वर, गोल्ड या ब्रॉन्ज — टॉप-4 से आगे बोनस होगा।
श्रीजेश ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि दबाव को खेल पर हावी न होने दें और ट्रेनिंग पर भरोसा रखें।

भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने 12 अगस्त 2026 को कहा कि एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के पास कम से कम टॉप-4 में जगह बनाने की पूरी काबिलियत और गहराई है। 15 अगस्त से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में भारत अपने अभियान का आगाज वेल्स के खिलाफ करेगा।

श्रीजेश की सलाह: दबाव को खेल पर हावी मत होने दो

जियोस्टार से बातचीत में श्रीजेश ने खिलाड़ियों को मानसिक दृढ़ता पर जोर देते हुए कहा, 'एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप ओलंपिक के बाद हॉकी का दूसरा सबसे बड़ा टूर्नामेंट है और जाहिर है कि पूरी दुनिया इसे देख रही है और सबकी नजरें आप पर हैं। इससे बहुत दबाव बनता है। हालांकि, आप इस दबाव का असर अपने खेल पर नहीं पड़ने दे सकते।' उन्होंने आगे कहा कि जब खिलाड़ी दबाव के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचने लगते हैं, तो प्रदर्शन गिरता है और दबाव और बढ़ जाता है।

श्रीजेश का संदेश साफ था — 'शांत रहें, अपनी भूमिका पर ध्यान दें और अपनी ट्रेनिंग पर भरोसा रखें। सबसे जरूरी बात यह है कि आप वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। आपने इसी के लिए मेहनत की है। बस इस पल का आनंद लें और पिच पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।'

टॉप-4 लक्ष्य, मेडल बोनस होगा

भारतीय टीम की उम्मीदों पर बात करते हुए श्रीजेश ने कहा, 'मेरी राय में, जिस तरह से यह टीम बनी है और हमने जो तरक्की की है, उसे देखते हुए कम से कम टॉप चार में जगह बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रुप की संरचना को देखते हुए भारत के पास यह करने की क्षमता है।

पूर्व गोलकीपर ने जोड़ा कि इससे आगे — सिल्वर, गोल्ड या ब्रॉन्ज मेडल — जो भी हासिल हो, वह एक बोनस की तरह होगा। उनके अनुसार, 'टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ खेल रही है और हमारे पास बड़े मैचों को संभालने का अनुभव भी है। हमें इससे कम पर समझौता नहीं करना चाहिए।'

ग्रुप डी में भारत का कार्यक्रम

भारत को वर्ल्ड कप के ग्रुप डी में रखा गया है, जिसमें पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेल्स भी शामिल हैं। भारत का पहला मुकाबला 15 अगस्त को वेल्स से होगा, इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान से ग्रुप स्टेज का आखिरी और सबसे अहम मुकाबला होगा।

ऐतिहासिक संदर्भ और दांव

गौरतलब है कि भारत ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब आखिरी बार 1975 में जीता था। तब से टीम कई बार सेमीफाइनल तक पहुँची है, लेकिन खिताब से चूकती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी ने पेरिस ओलंपिक में मजबूत प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख फिर से स्थापित की है। श्रीजेश जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की विदाई के बाद नई पीढ़ी पर यह टूर्नामेंट एक बड़ी परीक्षा साबित होगा।

टूर्नामेंट के नतीजे तय करेंगे कि भारतीय हॉकी का यह नया अध्याय किस दिशा में जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेडल बोनस' वाला बयान उत्साहजनक है, लेकिन ग्रुप डी में पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी टीमों की मौजूदगी इसे कागजी लक्ष्य से कहीं कठिन बनाती है। भारत ने ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन किया, पर वर्ल्ड कप में 1975 के बाद से खिताब नहीं जीता — यह खाई सिर्फ आत्मविश्वास से नहीं, बल्कि निर्णायक मैचों में रणनीतिक अनुशासन से पाटी जाती है। श्रीजेश जैसे अनुभवी स्तंभ के बिना यह टीम नई है, और असली परीक्षा तब होगी जब 19 अगस्त को पाकिस्तान से मुकाबला होगा।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 कब और कहाँ शुरू होगा?
एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त 2026 से हो रहा है। भारत अपना पहला मुकाबला उसी दिन वेल्स के खिलाफ खेलेगा।
पीआर श्रीजेश ने भारतीय हॉकी टीम के लिए क्या लक्ष्य तय किया है?
पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश ने कहा है कि भारत का न्यूनतम लक्ष्य टॉप-4 में जगह बनाना होना चाहिए। उनके अनुसार इससे आगे — सिल्वर, गोल्ड या ब्रॉन्ज मेडल — जो भी हासिल हो, वह बोनस होगा।
वर्ल्ड कप 2026 में भारत के ग्रुप डी में कौन-सी टीमें हैं?
भारत को ग्रुप डी में रखा गया है जिसमें पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेल्स शामिल हैं। भारत का पहला मैच 15 अगस्त को वेल्स, दूसरा 17 अगस्त को इंग्लैंड और तीसरा 19 अगस्त को पाकिस्तान से होगा।
श्रीजेश ने खिलाड़ियों को दबाव से निपटने के लिए क्या सलाह दी?
श्रीजेश ने कहा कि खिलाड़ियों को शांत रहना चाहिए, अपनी भूमिका पर ध्यान देना चाहिए और ट्रेनिंग पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि दबाव के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचने पर प्रदर्शन गिरता है और दबाव और बढ़ जाता है।
भारत ने आखिरी बार हॉकी वर्ल्ड कप कब जीता था?
भारत ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब आखिरी बार 1975 में जीता था। तब से टीम कई बार सेमीफाइनल तक पहुँची है, लेकिन खिताब से चूकती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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