केएल राहुल के साथ नाइंसाफी — पूर्व कप्तान श्रीकांत ने गौतम गंभीर से माँगी जवाबदेही
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने 21 जुलाई 2026 को हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर कड़े सवाल उठाए — यह आलोचना आयरलैंड टी20 सीरीज, इंग्लैंड टी20 सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में लगातार हार के बाद सामने आई है। श्रीकांत ने विशेष रूप से लॉर्ड्स में केएल राहुल को छठे नंबर पर भेजने के फैसले को 'सरासर नाइंसाफी' करार दिया और वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों पर गहरी चिंता जताई।
मुख्य घटनाक्रम
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर विस्तार से बताया कि टीम मैनेजमेंट की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका तर्क था कि कमज़ोर टीमों — जैसे ज़िम्बाब्वे, श्रीलंका और वेस्टइंडीज — पर मिली जीत को फॉर्म में वापसी का पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'भारत का प्रदर्शन मजबूत टीमों के खिलाफ कैसा रहता है, इसे पैमाना माना जाना चाहिए, न कि कमज़ोर रैंकिंग वाली टीमों पर मिली जीत को।'
श्रीकांत ने यह भी कहा कि बीच-बीच में टी20 विश्व कप या चैंपियंस ट्रॉफी जीत लेने से गंभीर की असली जवाबदेही से ध्यान नहीं हटना चाहिए।
केएल राहुल के साथ नाइंसाफी का आरोप
लॉर्ड्स वनडे में बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय केएल राहुल को छठे नंबर पर उतारने के फैसले पर श्रीकांत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'क्या कोई इतने बड़े स्कोर का पीछा करते समय केएल राहुल को छठे नंबर पर भेजेगा? उस खिलाड़ी ने आपके लिए कई मैच जिताए हैं। आपने संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी का करियर खराब किया, वैसे ही अब आप केएल राहुल का भी कर रहे हैं। यह उनके साथ सरासर नाइंसाफी है।'
श्रीकांत के अनुसार, रोहित शर्मा के आउट होने के बाद विराट कोहली का साथ देने के लिए राहुल सबसे उपयुक्त विकल्प थे। उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप का उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल ने उस टूर्नामेंट में कोहली के साथ कई बार महत्त्वपूर्ण साझेदारियाँ की थीं। राहुल को तब बैटिंग के लिए भेजा गया जब अक्षर पटेल के साथ प्रति ओवर 15 रन की जरूरत थी — जो व्यावहारिक रूप से असंभव था।
वनडे विश्व कप 2027 की तैयारी पर चिंता
श्रीकांत ने प्लेइंग इलेवन में बार-बार किए जा रहे बदलावों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'विश्व कप से पहले ज़्यादा वनडे मैच नहीं हैं। बस कुछ ही वनडे मैच बचे हैं। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया सीरीज, आईपीएल और विश्व कप होगा। बार-बार बदलाव करके तैयारी करने का यह सही तरीका नहीं है।'
उन्होंने शुभमन गिल के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें गिल ने कहा था कि लगातार चोटों के कारण टीम कुछ नहीं कर सकती। श्रीकांत ने इसे टीम प्रबंधन की नियोजन विफलता से जोड़ा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
श्रीकांत की आलोचना अकेली नहीं है — लगातार तीन सीरीज हार के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों में टीम चयन और रणनीति को लेकर असंतोष बढ़ता दिख रहा है। आलोचकों का कहना है कि बड़े टूर्नामेंट जीतना और द्विपक्षीय सीरीज में निरंतरता दिखाना — दोनों अलग-अलग चुनौतियाँ हैं, और मौजूदा मैनेजमेंट दूसरी चुनौती पर खरा नहीं उतर रहा।
आगे क्या
भारतीय टीम अब ज़िम्बाब्वे, श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलेगी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया सीरीज और आईपीएल 2027 होगा। श्रीकांत की चेतावनी साफ है — इन सीरीज में जीत को असली पैमाना न माना जाए। वनडे विश्व कप 2027 से पहले टीम की बल्लेबाजी क्रम की स्थिरता और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही सबसे बड़े सवाल बनकर उभरे हैं।