डेफ क्रिकेट विश्व कप 2026: आईडीसीए टी20 चैंपियंस ट्रॉफी से चुने जाएंगे सर्वश्रेष्ठ 15 खिलाड़ी
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन (आईडीसीए) की टी20 चैंपियंस ट्रॉफी फॉर डेफ 2026 अब केवल एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं रही — यह डेफ क्रिकेट विश्व कप के लिए राष्ट्रीय टीम के चयन का प्रमुख मंच बन गई है। नई दिल्ली में फाइनल मैच के अवसर पर इंडियन नेशनल डेफ क्रिकेट टीम के कोच सुशील गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का प्रदर्शन सीधे विश्व कप दल के चयन को प्रभावित करेगा।
टूर्नामेंट की संरचना और चयन प्रक्रिया
कोच सुशील गुप्ता ने बताया कि आईडीसीए के इस टूर्नामेंट में देश भर से चुनी गई चार टीमें — इंडिया ए, बी, सी और डी — भाग ले रही हैं। लीग चरण के बाद इंडिया ए और इंडिया डी टीमें फाइनल में पहुँची हैं। उन्होंने कहा, 'टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही वर्ल्ड कप के लिए उनके चयन का आधार बनेगा। युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक बहुत ही अहम मौका है। नियमित घरेलू मैचों का इस्तेमाल भी बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए किया जाता है।'
मुख्य कोच का दृष्टिकोण: दिल्ली ट्रॉफी मॉडल पर आधारित ढाँचा
इंडियन नेशनल डेफ क्रिकेट टीम के मुख्य कोच देवदत्त बघेल ने बताया कि चारों टीमों का गठन दिल्ली ट्रॉफी के ढाँचे के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा, 'डेफ क्रिकेट एसोसिएशन ने पहली बार यह योजना बनाई है कि हर राज्य से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाए और उन्हें इंडिया ए, बी, सी और डी टीमों में खेलने का अवसर दिया जाए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अक्टूबर में होने वाले विश्व कप के लिए सर्वश्रेष्ठ 15 खिलाड़ियों की एक शॉर्टलिस्ट इसी टूर्नामेंट के आधार पर तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब आईडीसीए ने इस पैमाने पर राज्यवार प्रतिभा चयन की व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई है।
खिलाड़ियों की फिटनेस और चिकित्सा देखभाल
टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की शारीरिक तैयारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मयंक पुष्कर के कंधों पर है। उन्होंने बताया, 'हमारी मुख्य भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों को किसी भी तरह की चोट न लगे। इसके साथ ही हम उन्हें रिहैबिलिटेशन और उचित देखभाल भी प्रदान करते हैं, ताकि वे पूरी तरह से चोट-मुक्त रहें। यदि कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाता है, तो हम उसका इलाज करते हैं और उसे ठीक होने में मदद करते हैं।' यह सुनिश्चित करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विश्व कप चयन के लिए हर मैच में प्रदर्शन निर्णायक है।
आगे की राह: विश्व कप की तैयारी
इस टूर्नामेंट की सफलता डेफ क्रिकेट में एक नई चयन संस्कृति की नींव रख रही है। अक्टूबर 2026 में होने वाले विश्व कप से पहले इसी प्रक्रिया से उभरे खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम की रीढ़ बनेंगे। आईडीसीए का यह कदम भारत में दिव्यांग क्रिकेट को अधिक संरचित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।