क्या हैं 2026 के संभावनाओं का साल: इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेंगी विश्व की निगाहें?
सारांश
Key Takeaways
- वैभव सूर्यवंशी और अन्य युवा खिलाड़ी 2026 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञाननंद ने कैंडिडेट टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है।
- अभिषेक शर्मा के वनडे और टेस्ट में डेब्यू की संभावना है।
- दीप्ति शर्मा महिला क्रिकेट में अग्रणी रहेंगी।
- अर्जुन बाबूता ओलंपिक में पदक की उम्मीद में हैं।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। खेलों के संदर्भ में यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। आइए, उन भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं, जिनसे इस वर्ष देश को विशेष उम्मीदें हैं।
वैभव सूर्यवंशी: 14 वर्षीय इस खिलाड़ी ने आईपीएल और यूथ क्रिकेट में अपनी अद्वितीय छाप छोड़ी है। वैभव इस साल अंडर 19 वर्ल्ड कप में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। फैंस को उम्मीद है कि विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए वैभव जल्द ही सीनियर टीम में जगह बना सकते हैं।
रमेशबाबू प्रज्ञाननंद: भारतीय ग्रैंडमास्टर ने कैंडिडेट टूर्नामेंट 2026 के लिए क्वालीफाई किया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इकलौते भारतीय पुरुष हैं। उनकी दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा है कि वह विश्व रेटिंग में नंबर 1 और विश्व चैंपियन बनें।
अभिषेक शर्मा: भारत के 25 वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने 33 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 35.96 की औसत के साथ 1,115 रन बनाए हैं। उनसे देश को इस साल वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में डेब्यू करते हुए शानदार पारियां खेलने की उम्मीद है।
हर्षित राणा: 24 वर्षीय खिलाड़ी ने 2025 में सीमित ओवर क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राणा ने 2025 में 11 वनडे में 25.55 की औसत से 20 विकेट लिए। वहीं, 6 टी20 में 7 विकेट निकाले हैं। फैंस को उनसे इस साल भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
यशस्वी जायसवाल: 24 वर्षीय खिलाड़ी आईपीएल में अपनी चमक बिखेरने के बाद भारत के लिए 28 टेस्ट, 4 वनडे और 23 टी20 खेल चुका है। इस साल भी जायसवाल से देश को उम्मीदें होंगी।
अर्जुन बाबूता: 2024 पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाले शूटर अर्जुन बाबूता 10 मीटर एयर राइफल के प्रमुख निशानेबाज हैं। उनसे आईएसएसएफ विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने की उम्मीद होगी।
दीप्ति शर्मा: महिला वर्ल्ड कप 2025 की 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दीप्ति ने उस टूर्नामेंट के 9 मुकाबलों में 20.41 की औसत के साथ सर्वाधिक 22 विकेट लिए। इस साल भी दीप्ति से भारतीय महिला क्रिकेट को खासा उम्मीदें होंगी।
अमन सहरावत: भारतीय कुश्ती महासंघ ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में ओवरवेट होने के कारण सहरावत पर बैन लगाया था, लेकिन नवंबर 2025 में इसे हटा दिया गया। अब सहरावत प्रो रेसलिंग लीग में अपनी चमक बिखेर सकते हैं।
दिव्या देशमुख: भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर और मौजूदा महिला शतरंज विश्व कप चैंपियन दिव्या की उपलब्धियाँ युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। 2026 में उनसे आशा की जाती है कि वह कुछ बड़े खिताब जीतकर भारत में महिला शतरंज को अधिक लोकप्रिय बना सकती हैं।