यूटीटी जूनियर्स 2026: अहोन रे और सोमदेव सेनगुप्ता की जोड़ी ने यू मुंबा टीटी को दिलाया पहला खिताब
सारांश
मुख्य बातें
यू मुंबा टीटी ने 19 जुलाई 2026 को गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में दबंग दिल्ली टीटीसी को 5-2 से हराकर यूटीटी जूनियर्स का पहला खिताब अपने नाम किया। टीम की इस ऐतिहासिक जीत में अहोन रे और सोमदेव सेनगुप्ता की जोड़ी की भूमिका निर्णायक रही। पिछले साल के पहले संस्करण में रनर-अप रही यू मुंबा ने इस बार चैंपियन बनकर अपना हिसाब बराबर किया।
मुख्य घटनाक्रम
सोमदेव सेनगुप्ता ने फाइनल में टीम के लिए पहला पॉइंट हासिल करते हुए हिमोन मंडल को 2-1 (11-5, 11-10, 8-11) से मात दी। इसके बाद सोमदेव और अहोन की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स में भी तीन गेम (11-9, 11-7, 9-11) के कड़े संघर्ष के बाद जीत दर्ज की, जिससे यू मुंबा को निर्णायक बढ़त मिल गई।
अंतिम और निर्णायक पॉइंट अहोन रे ने गर्ल्स सिंगल्स में श्रीजानी चक्रवर्ती को 11-4 से हराकर हासिल किया, जिसने यू मुंबा के खिताब पर मुहर लगा दी। यू मुंबा ने कुल 5-2 के अंतर से फाइनल जीता।
अहोन रे का सफर
यूटीटी जूनियर्स की टॉप ड्राफ्ट पिक अहोन रे गोवा पहुँचने से ठीक पहले WTT यूथ स्टार कंटेंडर दोहा 2026 में अंडर-15 गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीत चुकी थीं। इस प्रकार उन्होंने बेहद कम समय में दो बड़े खिताब अपने नाम किए — एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर और एक घरेलू लीग में।
जीत के बाद अहोन ने कहा, 'खिताब जीतना बहुत रोमांचक है। यह पूरी टीम की कोशिश थी और सोमदेव, हमारे कोच और पूरे सपोर्ट स्टाफ के बिना यह मुमकिन नहीं होता। हमारे कोच ने हमें याद दिलाया कि पिछले साल यू मुंबा रनर-अप रही थी और हमसे कहा कि बाहर जाएं, मौज करें और अपना गेम खेलें। सीनियर खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग करना भी बहुत अच्छा अनुभव रहा है।'
सोमदेव की प्रतिक्रिया
सोमदेव सेनगुप्ता ने जीत के बाद भावुक होते हुए कहा, 'मैं सच में बहुत खुश हूं। यूटीटी जूनियर्स में खेलना हमेशा से एक सपना था और खिताब जीतना इसे और भी खास बनाता है। हमारे सीनियर खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में हमारा हौसला बढ़ाया और यह हमारे लिए बहुत मायने रखता था।'
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह जीत भारतीय टेबल टेनिस के लिए उत्साहजनक संकेत है। यह ऐसे समय में आई है जब देश युवा टेबल टेनिस प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। गौरतलब है कि यूटीटी जूनियर्स जैसे मंच युवा खिलाड़ियों को सीनियर लीग के माहौल में अनुभव देते हैं, जो उनके दीर्घकालिक विकास के लिए अहम है।
आगे की राह
अहोन और सोमदेव जैसे युवा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन भारतीय टेबल टेनिस के भविष्य की झलक देता है। दोनों खिलाड़ियों से आने वाले सत्रों में और बड़े मंचों पर दमदार प्रदर्शन की उम्मीद है।