वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में चयन: ताजपुर में लड्डू बंटे, पटाखों से गूंजा गांव
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में 6 जून 2026 को उत्सव का माहौल छा गया, जब युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय सीनियर टीम में चुना गया। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी20 टीम के साथ-साथ जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय दल में शामिल किया गया है।
गांव में जश्न का माहौल
मुंबई स्थित बीसीसीआई (BCCI) मुख्यालय में सचिव देवजीत सैकिया द्वारा वैभव के नाम की घोषणा होते ही ताजपुर में उल्लास की लहर दौड़ गई। ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके घर पहुंचने लगे। लोगों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाए और पटाखे फोड़कर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।
परिवार की प्रतिक्रिया
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा, 'हम घर पर थे और किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही चयन की घोषणा हुई, पूरा गांव हमें बधाई देने पहुंच गया। मिठाइयां बांटी गईं और पटाखे फोड़े गए। हम बेहद खुश हैं। वैभव ने बचपन से देश के लिए खेलने का सपना देखा था और आज उसकी मेहनत रंग लाई है।'
संजीव ने बताया कि उन्हें पहले से भरोसा था कि इस बार वैभव का चयन होगा। उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने वैभव पर भरोसा जताया है, इसके लिए हम उनके आभारी हैं।' उनकी माँ आरती सिंह हर सुबह तीन बजे उठकर बेटे के लिए घर का खाना तैयार करती थीं — एक समर्पण जो इस सफलता की नींव में है।
संघर्ष और तैयारी की कहानी
संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि उन्होंने पांच साल की उम्र से ही वैभव को क्रिकेट से जोड़ा। बाद में हर दूसरे दिन ताजपुर से पटना की जेन नेक्स्ट अकादमी तक करीब ढाई घंटे का सफर तय कर उसे अभ्यास के लिए ले जाते थे। उन्होंने भावुक होकर कहा, 'जब वह 8-10 साल का था, तभी महसूस हो गया था कि उसमें कुछ अलग बात है। असली मेहनत उसी बच्चे ने की है।'
आईपीएल और युवा रिकॉर्ड
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव ने 776 रन बनाए और 72 छक्के लगाए — एक प्रदर्शन जिसने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इससे पहले वह 9 से 21 जून तक श्रीलंका में होने वाली इंडिया-ए की त्रिकोणीय वनडे सीरीज में हिस्सा लेंगे और उसके बाद सीनियर टीम से जुड़ेंगे।
गौरतलब है कि वैभव महज 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन चुके हैं। उनके पिता ने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका दौरों के अलावा अंडर-19 विश्व कप और इमर्जिंग एशिया कप में उनके प्रदर्शन का हवाला दिया।
ऐतिहासिक पदार्पण की संभावना
यदि वैभव आयरलैंड या इंग्लैंड दौरे पर अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करते हैं, तो वह 16 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। तुलना के लिए, महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में टेस्ट और 16 साल 238 दिन की उम्र में वनडे डेब्यू किया था। टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी वॉशिंगटन सुंदर रहे हैं, जिन्होंने 18 साल 80 दिन की उम्र में पदार्पण किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट युवा प्रतिभाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने की नीति पर चल रहा है।
संजीव सूर्यवंशी ने अंत में भावुक होकर कहा, 'बस आप सबका आशीर्वाद बना रहे; वह आगे भी देश का नाम रोशन करेगा।' वैभव की यात्रा अभी शुरू हुई है — और पूरा देश उन्हें नीली जर्सी में देखने का इंतजार कर रहा है।