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सचिन vs विराट: विदेशी पिचों पर कौन बेहतर? एबी डिविलियर्स ने दिया स्पष्ट जवाब

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सचिन vs विराट: विदेशी पिचों पर कौन बेहतर? एबी डिविलियर्स ने दिया स्पष्ट जवाब

सारांश

एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर स्पष्ट किया — सचिन ने राह दिखाई, विराट ने उसे नई ऊँचाई दी। SENA देशों में सचिन का औसत 51.30 बनाम विराट का 42.08 बताता है कि आँकड़ों की बाजी 'क्रिकेट के भगवान' के पास है, पर कोहली की विरासत भारतीय टेस्ट क्रिकेट को विदेश में बदलने में कहीं ज़्यादा गहरी है।

मुख्य बातें

एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि सचिन तेंदुलकर ने उपमहाद्वीप बल्लेबाजों के लिए विदेशी पिचों पर सफलता का ट्रेंड शुरू किया, जिसे विराट कोहली ने आगे बढ़ाया।
सचिन ने 200 टेस्ट में 15,921 रन बनाए, जिनमें से 8,705 रन (लगभग 55%) विदेशी धरती पर — यह टेस्ट क्रिकेट में विदेश में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड है।
विराट कोहली ने 123 टेस्ट में 9,230 रन बनाए; विदेश में 66 टेस्ट में 4,774 रन ; 2025 में टेस्ट से संन्यास।
SENA देशों में सचिन का औसत 51.30 ( 63 टेस्ट , 5,387 रन , 17 शतक ) बनाम विराट का 42.08 ( 46 टेस्ट , 3,661 रन , 12 शतक )।
डिविलियर्स के अनुसार केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल इसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, हालाँकि राहुल में अभी और सुधार की गुंजाइश है।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर के विदेशी पिचों पर प्रदर्शन की तुलना करते हुए एक महत्वपूर्ण राय साझा की है। डिविलियर्स के अनुसार, सचिन ने उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों के लिए जो राह खोली, उसे विराट ने और ऊँचाइयों तक पहुँचाया — और इस विरासत की गूँज आज केएल राहुलदेवदत्त पडिक्कल जैसे युवा खिलाड़ियों में भी सुनाई देती है।

डिविलियर्स ने क्या कहा

अपने यूट्यूब चैनल पर डिविलियर्स ने कहा, "मुझे सचिन तेंदुलकर की याद आती है, जिन्होंने भारत के लिए यह ट्रेंड शुरू किया था। सचिन पहले व्यक्ति थे जिन्होंने दिखाया कि एक सबकॉन्टिनेंट बल्लेबाज के तौर पर, आप बाउंसी और सीमिंग कंडीशन में अच्छा कर सकते हैं। विराट ने इसे आगे बढ़ाया और स्तर बढ़ाया।" उनका यह बयान विदेशी परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों की बढ़ती क्षमता को रेखांकित करता है।

आँकड़े क्या कहते हैं

सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए — जो टेस्ट क्रिकेट का सर्वकालिक रिकॉर्ड है। इनमें से लगभग 55 प्रतिशत यानी 8,705 रन विदेशी धरती पर आए, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा विदेश में बनाए गए सर्वाधिक टेस्ट रन हैं। सचिन ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था।

वहीं, विराट कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए। भारत से बाहर खेले गए 66 टेस्ट में उनके नाम 4,774 रन दर्ज हैं। 2025 में विराट ने टेस्ट क्रिकेट से विदाई ली।

SENA देशों में तुलना

क्रिकेट की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली SENA (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) परिस्थितियों में दोनों के आँकड़े उल्लेखनीय हैं। सचिन ने 63 टेस्ट में 51.30 के औसत से 5,387 रन बनाए, जिसमें 17 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं। कोहली ने 46 टेस्ट में 42.08 के औसत से 3,661 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 14 अर्धशतक हैं। आँकड़ों के अनुसार, SENA देशों में सचिन का औसत और रन-संग्रह दोनों ही विराट से बेहतर रहे हैं।

विरासत और प्रेरणा

डिविलियर्स का मानना है कि कोहली और तेंदुलकर दोनों ने मिलकर भारतीय बल्लेबाजों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार की है जो विदेशी चुनौतियों से नहीं घबराती। उन्होंने यह भी कहा कि केएल राहुल के पास विदेशों में सफल होने की तकनीक मौजूद है, लेकिन उनमें अभी और निखार की गुंजाइश है। यह विरासत भारत को एक मजबूत विदेशी टेस्ट टीम के रूप में स्थापित करने में सहायक रही है।

आगे देखें तो देवदत्त पडिक्कल जैसे युवा खिलाड़ी इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं, और भारतीय क्रिकेट का विदेशी पिचों पर भविष्य इन्हीं कंधों पर टिका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आँकड़े एक स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं — SENA देशों में सचिन का 51.30 का औसत, विराट के 42.08 से काफी बेहतर है, और यह अंतर महज संख्या नहीं है। विराट की असली उपलब्धि व्यक्तिगत आँकड़ों से परे है — उन्होंने एक पूरी टीम की मानसिकता बदली और भारत को विदेश में जीतने वाली इकाई बनाया। यह बहस 'कौन बेहतर' की नहीं, बल्कि 'किसका योगदान किस आयाम में बड़ा' की है — और इसका जवाब दोनों के पक्ष में अलग-अलग है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एबी डिविलियर्स ने सचिन और विराट की तुलना में क्या कहा?
डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि सचिन तेंदुलकर ने उपमहाद्वीप बल्लेबाजों के लिए बाउंसी और सीमिंग पिचों पर सफलता का रास्ता खोला, और विराट कोहली ने उस रास्ते को और ऊँचाई दी। उनके अनुसार दोनों ने मिलकर भारतीय क्रिकेट की विदेशी पहचान बनाई।
SENA देशों में सचिन और विराट के आँकड़े क्या हैं?
सचिन तेंदुलकर ने SENA देशों में 63 टेस्ट में 51.30 के औसत से 5,387 रन बनाए, जिसमें 17 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं। विराट कोहली ने 46 टेस्ट में 42.08 के औसत से 3,661 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 14 अर्धशतक हैं।
विदेशी पिचों पर सबसे ज़्यादा टेस्ट रन किसके हैं?
सचिन तेंदुलकर के नाम विदेशी धरती पर सर्वाधिक 8,705 टेस्ट रन हैं, जो उनके कुल 15,921 रनों का लगभग 55 प्रतिशत है। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में विदेश में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन हैं।
विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से कब संन्यास लिया?
विराट कोहली ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्होंने अपने करियर में 123 टेस्ट मैच खेले और 9,230 रन बनाए।
डिविलियर्स ने केएल राहुल के बारे में क्या कहा?
डिविलियर्स का मानना है कि केएल राहुल के पास विदेशी परिस्थितियों में सफल होने की तकनीक मौजूद है, लेकिन उनमें अभी और निखार की गुंजाइश है। उन्होंने राहुल और देवदत्त पडिक्कल को सचिन-विराट की विरासत का उत्तराधिकारी बताया।
राष्ट्र प्रेस
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