विंबलडन 2026: एलेक्स डी मिनौर ने स्वाज्दा को 6-2, 5-7, 6-2, 6-4 से हराया, लगातार तीसरी बार चौथे राउंड में
सारांश
मुख्य बातें
विंबलडन 2026 में 4 जुलाई को पाँचवीं वरीयता प्राप्त ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी एलेक्स डी मिनौर ने अमेरिकी खिलाड़ी जैकरी स्वाज्दा को 6-2, 5-7, 6-2, 6-4 से पराजित कर चौथे राउंड में प्रवेश किया। इस जीत के साथ डी मिनौर लगातार तीसरे वर्ष विंबलडन के चौथे दौर में पहुँचने वाले खिलाड़ी बन गए और अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ ग्रैंड स्लैम प्रदर्शन की ओर बढ़ रहे हैं।
मैच का घटनाक्रम
डी मिनौर ने 2 घंटे 41 मिनट में यह मुकाबला अपने नाम किया। दूसरा सेट गँवाने के बावजूद उन्होंने संयम नहीं खोया और तीसरे व चौथे सेट में अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने स्वाज्दा की सर्विस को पूरे मैच में आठ बार तोड़ा और अपने दूसरे-सर्व रिटर्न पॉइंट का 70 प्रतिशत जीता — जो घास के मैदान पर उनकी आक्रामक रिटर्न रणनीति का स्पष्ट प्रमाण है।
स्वाज्दा का प्रदर्शन
वर्ल्ड रैंकिंग में 66वें स्थान पर काबिज स्वाज्दा पहली बार विंबलडन के मुख्य ड्रॉ में उतरे थे। वह अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग से केवल चार स्थान दूर थे। धीमी शुरुआत के बाद उन्होंने दूसरे सेट में शानदार वापसी की और डी मिनौर को कड़ी चुनौती दी, लेकिन तीसरे और चौथे सेट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के अनुभव के सामने टिक नहीं सके।
डी मिनौर के मैच के बाद के विचार
मैच के बाद डी मिनौर ने कहा, 'मुझे लगा कि यह एक उच्च-स्तरीय मैच था। इसका काफी श्रेय जैक को जाता है। वह बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने मेरे लिए चीजें मुश्किल बना दी थीं। मुझे खुशी है कि मैं मानसिक रूप से मजबूत रहा और तीसरे और चौथे सेट के दौरान अपना स्तर बनाए रखा।'
उन्होंने आगे कहा, 'जैक की बॉल पर टाइमिंग बहुत अच्छी है। वह एक स्मार्ट खिलाड़ी हैं और हम दोनों का खेलने का तरीका एक जैसा है — हमें कोर्ट पर बॉल को घुमाना पसंद है और हम बहुत अधिक स्पिन के साथ हिट नहीं करते। मेरी राय में, इससे टेनिस का खेल काफी मनोरंजक रहा।'
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह जीत डी मिनौर के लिए इस ग्रैंड स्लैम सीज़न में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे पहले वह रोलाँ गैरो 2026 में जैकब मेंसिक से हारकर जल्दी बाहर हो गए थे। उस टूर्नामेंट में मेंसिक ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहाँ उन्हें अंततः चैंपियन बने अलेक्जेंडर ज्वेरेव के हाथों हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि विंबलडन में लगातार तीन बार चौथे दौर में पहुँचना डी मिनौर की घास की सतह पर बढ़ती पकड़ और मानसिक दृढ़ता का संकेत है।
आगे क्या
चौथे राउंड में डी मिनौर का सामना किससे होगा, यह अभी तय होना बाकी है। यदि वह इस लय को बनाए रखते हैं, तो इस बार विंबलडन में क्वार्टरफाइनल तक पहुँचना उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ ग्रैंड स्लैम प्रदर्शन होगा।