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विंबलडन 2026: अनिसिमोवा ने 61 मिनट में जीत दर्ज की, प्लिस्कोवा की चार साल बाद वापसी

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विंबलडन 2026: अनिसिमोवा ने 61 मिनट में जीत दर्ज की, प्लिस्कोवा की चार साल बाद वापसी

सारांश

विंबलडन 2026 में पिछले साल की रनर-अप अनिसिमोवा ने 61 मिनट में दमदार जीत से नए सफर की शुरुआत की, जबकि प्लिस्कोवा ने चार साल के इंतज़ार के बाद मेन-ड्रॉ में जीत का स्वाद चखा। दोनों ने दूसरे राउंड में जगह बनाई।

मुख्य बातें

अमांडा अनिसिमोवा (छठी वरीयता) ने लीना ग्योर्चेस्का को 6-3, 6-2 से मात्र 61 मिनट में हराया।
अनिसिमोवा ने 17 विनर्स लगाए, पहली सर्विस पर 83% अंक जीते और एक भी ब्रेक प्वाइंट नहीं गँवाया।
कैरोलिना प्लिस्कोवा ने वैलेंटोवा को 6-3, 6-4 से हराकर 2022 के बाद अपनी पहली विंबलडन मेन-ड्रॉ जीत दर्ज की — यह उनकी विंबलडन में 19वीं जीत है।
प्लिस्कोवा का चेक खिलाड़ियों के खिलाफ करियर रिकॉर्ड अब 46-26 हो गया।
लीना ग्योर्चेस्का नॉर्थ मैसेडोनिया की पहली खिलाड़ी बनीं जिन्होंने क्वालीफाइंग से आगे बढ़कर विंबलडन सिंगल्स मेन ड्रॉ में हिस्सा लिया।

विंबलडन 2026 के पहले राउंड में मंगलवार, 30 जून को ऑल इंग्लैंड क्लब में छठी वरीयता प्राप्त अमांडा अनिसिमोवा और पूर्व फाइनलिस्ट कैरोलिना प्लिस्कोवा ने सीधे सेटों में जीत दर्ज कर दूसरे राउंड में प्रवेश किया। अनिसिमोवा ने नॉर्थ मैसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 6-3, 6-2 से मात दी, जबकि प्लिस्कोवा ने वैलेंटोवा को 6-3, 6-4 से हराकर 2022 के बाद अपनी पहली विंबलडन मेन-ड्रॉ जीत सुनिश्चित की।

अनिसिमोवा का दमदार आगाज़

पिछले साल की रनर-अप अनिसिमोवा के लिए यह मुकाबला इगा स्वियातेक के खिलाफ चैंपियनशिप फाइनल में मिली पराजय के बाद नए सत्र की ताज़ा शुरुआत था। अमेरिकी खिलाड़ी पहले गेम से ही पूरी तरह लय में नज़र आईं। उन्होंने अपने बेसलाइन पावर-गेम से रैलियों पर पकड़ बनाए रखी और 17 विनर्स जड़े। पहली सर्विस पर उनका सफलता प्रतिशत 83% रहा।

अनिसिमोवा को पूरे मैच में एक भी ब्रेक प्वाइंट का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने अपने चार ब्रेक-प्वाइंट अवसरों में से तीन को भुनाया और मात्र 61 मिनट में जीत पक्की कर ली।

ग्योर्चेस्का का ऐतिहासिक सफर, लेकिन कड़ी चुनौती

31 वर्षीया लीना ग्योर्चेस्का भले ही यह मुकाबला हार गईं, लेकिन वह नॉर्थ मैसेडोनिया की पहली खिलाड़ी बनीं जिन्होंने क्वालीफाइंग से आगे बढ़कर विंबलडन सिंगल्स मेन ड्रॉ में जगह बनाई। इसी सफर में उन्होंने अपने करियर की पहली प्रोफेशनल ग्रास-कोर्ट जीत भी दर्ज की थी।

हालाँकि, छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी का सामना करना उनके लिए बड़ी दीवार साबित हुई। आठ डबल फॉल्ट और मात्र 41% फर्स्ट-सर्व सफलता दर के साथ वह अनिसिमोवा पर कोई प्रभावी दबाव नहीं बना सकीं।

प्लिस्कोवा की चार साल बाद विंबलडन वापसी

पूर्व फाइनलिस्ट कैरोलिना प्लिस्कोवा ने हमवतन खिलाड़ी वैलेंटोवा को एक घंटे 15 मिनट में हराकर विंबलडन मेन-ड्रॉ में अपनी 19वीं जीत दर्ज की। इस जीत के साथ चेक खिलाड़ियों के खिलाफ उनका करियर रिकॉर्ड 46-26 हो गया।

मुकाबला कड़ा था — हर सेट में केवल एक ही सर्विस ब्रेक निर्णायक रहा। दोनों बार प्लिस्कोवा ने आठवें गेम में बढ़त हासिल की। सबसे नाज़ुक क्षण पहले सेट में 3-3 की बराबरी के बाद आया, जब वैलेंटोवा ने अपना इकलौता ब्रेक प्वाइंट हासिल किया।

प्लिस्कोवा ने एक जबरदस्त फोरहैंड विनर से संकट टाला और उसके बाद मैच पर पूरी पकड़ बना ली। उन्होंने पहले सेट के आखिरी तीन गेम जीते और दूसरे सेट में आखिरी 13 में से 12 अंक जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।

आगे क्या

अनिसिमोवा और प्लिस्कोवा दोनों अब दूसरे राउंड में अपने अगले प्रतिद्वंद्वियों का इंतज़ार करेंगी। पिछले साल की रनर-अप के रूप में अनिसिमोवा इस बार खिताब की प्रमुख दावेदारों में शुमार हैं, जबकि प्लिस्कोवा के लिए यह जीत घास पर उनके पुराने आत्मविश्वास की वापसी का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि चार साल की विंबलडन सूखे के बाद घास पर जीत का आत्मविश्वास लौटाना आसान नहीं होता। दोनों मैचों की असली कहानी स्कोर से परे है — यह मानसिक दृढ़ता और ग्रास-कोर्ट अनुकूलन की कहानी है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विंबलडन 2026 में अनिसिमोवा ने पहले राउंड में किसे हराया?
अमांडा अनिसिमोवा ने नॉर्थ मैसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 6-3, 6-2 से मात्र 61 मिनट में हराया। अनिसिमोवा ने 17 विनर्स लगाए और पहली सर्विस पर 83% अंक जीते।
प्लिस्कोवा की आखिरी विंबलडन मेन-ड्रॉ जीत कब थी?
कैरोलिना प्लिस्कोवा की आखिरी विंबलडन मेन-ड्रॉ जीत 2022 में थी। 30 जून 2026 को वैलेंटोवा पर 6-3, 6-4 की जीत चार साल बाद उनकी पहली विंबलडन जीत है और विंबलडन में उनकी कुल 19वीं जीत है।
लीना ग्योर्चेस्का का विंबलडन में क्या ऐतिहासिक महत्व है?
लीना ग्योर्चेस्का नॉर्थ मैसेडोनिया की पहली खिलाड़ी बनीं जिन्होंने क्वालीफाइंग से आगे बढ़कर विंबलडन सिंगल्स मेन ड्रॉ में प्रवेश किया। उन्होंने क्वालीफाइंग में अपने करियर की पहली प्रोफेशनल ग्रास-कोर्ट जीत भी दर्ज की थी।
प्लिस्कोवा बनाम वैलेंटोवा मैच का निर्णायक मोड़ क्या रहा?
पहले सेट में 3-3 की बराबरी पर वैलेंटोवा ने अपना इकलौता ब्रेक प्वाइंट हासिल किया, लेकिन प्लिस्कोवा ने जबरदस्त फोरहैंड विनर से खतरा टाल दिया। इसके बाद उन्होंने पहले सेट के आखिरी तीन गेम और दूसरे सेट में आखिरी 13 में से 12 अंक जीतकर मैच अपने नाम किया।
अनिसिमोवा विंबलडन 2026 में खिताब की दावेदार क्यों मानी जा रही हैं?
अनिसिमोवा पिछले साल विंबलडन 2025 की रनर-अप रही थीं और इस बार छठी वरीयता के साथ उतरी हैं। पहले राउंड में उनके आँकड़े — 83% फर्स्ट-सर्व, 17 विनर्स, शून्य ब्रेक प्वाइंट का सामना — उनके मज़बूत फॉर्म का संकेत देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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