विंबलडन 1877: एक अखबारी इश्तिहार से जन्मा टेनिस का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट
सारांश
मुख्य बातें
विंबलडन — घास के कोर्ट पर खेला जाने वाला दुनिया का एकमात्र टेनिस ग्रैंड स्लैम — की नींव एक साधारण अखबारी विज्ञापन से पड़ी थी। 9 जून 1877 को ब्रिटिश पत्रिका 'द फील्ड' में प्रकाशित एक इश्तिहार में घोषणा की गई थी कि द ऑल इंग्लैंड क्रोक्वेट एंड लॉन टेनिस क्लब 9 जुलाई से एक लॉन टेनिस मीटिंग आयोजित करेगा, जिसमें सभी इच्छुक खिलाड़ी एक पाउंड और एक शिलिंग के प्रवेश शुल्क पर भाग ले सकते हैं। उस एक विज्ञापन ने टेनिस के इतिहास की दिशा बदल दी।
क्रोक्वेट क्लब से टेनिस के मक्का तक का सफर
1869 में स्थापित 'द ऑल इंग्लैंड क्लब' मूल रूप से क्रोक्वेट खेल के लिए बनाया गया था। विंबलडन शहर की वर्पल रोड पर 4 एकड़ घास का मैदान किराए पर लिया गया, जहाँ शुरू में क्रोक्वेट खेला जाता था। लेकिन लॉन टेनिस के प्रति बढ़ती दीवानगी को देखते हुए धीरे-धीरे यह मैदान टेनिस का अखाड़ा बन गया। इसी के साथ क्लब का नाम बदलकर 'द ऑल इंग्लैंड क्रोक्वेट एंड लॉन टेनिस क्लब' कर दिया गया।
पहला संस्करण: 22 खिलाड़ी, 200 दर्शक, कोई नकद पुरस्कार नहीं
1877 के पहले विंबलडन में केवल पुरुष एकल स्पर्धा थी — उस दौर में महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं थी। कुल 22 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और विजेता को चांदी की नक्काशीदार 'चैलेंज कप' ट्रॉफी दी गई। चूँकि यह पूरी तरह शौकिया आयोजन था, इसलिए कोई नकद पुरस्कार नहीं था। उस पहले संस्करण में मात्र 200 दर्शक जुटे थे — एक संख्या जो आज के लाखों की भीड़ के सामने बेहद छोटी लगती है।
महिलाओं की एंट्री और विस्तार का दौर
1884 में दो अहम बदलाव हुए: विमेंस सिंगल्स और मेंस डबल्स को टूर्नामेंट में शामिल किया गया। महिला एकल की शुरुआत के साथ ही दर्शकों की संख्या 3,000 से अधिक हो गई — यह संकेत था कि विंबलडन महज एक क्लब आयोजन से बड़ी चीज़ बनने की राह पर था। 1908 के लंदन ओलंपिक में विंबलडन ने टेनिस प्रतियोगिताओं की मेजबानी की, जिसने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया। 1913 में विमेंस डबल्स को भी जोड़ा गया।
ओपन एरा: 1968 में बदल गया टेनिस का इतिहास
1950 के दशक तक कई शीर्ष टेनिस खिलाड़ी पेशेवर बन चुके थे, लेकिन विंबलडन अपनी शौकिया पहचान बचाए रखने की कोशिश में था। 1968 में यह दीवार टूटी — नियमों में बदलाव हुए, टूर्नामेंट सभी खिलाड़ियों के लिए खुला हो गया और विजेताओं को प्राइज मनी देने की अनुमति मिली। इसी के साथ टेनिस में 'ओपन एरा' की शुरुआत हुई। यही कारण है कि आज भी टेनिस के सभी प्रमुख रिकॉर्ड और उपलब्धियाँ 'ओपन एरा से पहले' या 'ओपन एरा के दौरान' के रूप में वर्गीकृत की जाती हैं।
वैश्विक पहचान और आज का विंबलडन
1970 के दशक में रंगीन टेलीविज़न पर विंबलडन का प्रसारण शुरू हुआ, जिसने इसे घर-घर तक पहुँचाया। 'पोंग' जैसे टेनिस-आधारित वीडियो गेम ने भी इस खेल की लोकप्रियता को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में भूमिका निभाई। आज विंबलडन घास के कोर्ट पर खेला जाने वाला एकमात्र ग्रैंड स्लैम है, जो अपनी समृद्ध परंपरा, सफेद पोशाक के नियम, स्ट्रॉबेरी-क्रीम की रिवायत और विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों की भागीदारी के लिए करोड़ों दर्शकों को आकर्षित करता है। एक छोटे से इश्तिहार से शुरू हुआ यह सफर आज टेनिस की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है।