विमेंस एशिया कप 2026: भारत-पाक के खिलाफ खेलना सपने जैसा — हांगकांग की स्टार स्पिनर कैरी चान
सारांश
मुख्य बातें
हांगकांग-चीन की अनुभवी लेफ्ट-आर्म रिस्ट-स्पिनर कैरी चान (टीम शीट पर 'का यिंग चान') ने विमेंस एशिया कप 2026 से पहले अपना उत्साह साझा किया है। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 150 या उससे अधिक विकेट लेने वाली दुनिया की सिर्फ सात महिला गेंदबाजों में शामिल कैरी, डायरिया के कारण अस्पताल में कुछ समय बिताने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हैं और टूर्नामेंट के लिए तैयार हैं। उनके लिए भारत और पाकिस्तान जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ मैदान पर उतरना किसी सपने के सच होने जैसा है।
मुकाबलों का कार्यक्रम
हांगकांग-चीन की टीम ग्रुप-ए में है और 28 अक्टूबर को थाईलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद 3 सितंबर को भारत से और 7 सितंबर को पाकिस्तान से टक्कर होगी। यह टूर्नामेंट दुबई में खेला जाएगा।
कैरी का सपना होगा साकार
कैरी ने एक खास बातचीत में कहा, "यह सब बहुत अजीब और अविश्वसनीय लगता है, क्योंकि हम हमेशा भारत या पाकिस्तान की टीमों को टीवी पर खेलते हुए देखते थे, और हमें कभी उनके खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला। इसलिए जब हमने क्वालीफाई किया, तो हम सभी काफी उत्साहित थे — इस पर यकीन नहीं हो रहा था। हमें सच में लगा कि यह कोई सपना है।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं पता कि इस भावना को कैसे बयां करूं क्योंकि मैंने उन खिलाड़ियों को स्क्रीन पर देखकर ही क्रिकेट सीखा है। अब मैं उनके खिलाफ खेलने जा रही हूं। सच कहूं तो घबराहट भी हो रही है, लेकिन मैं बेहद उत्साहित हूं।"
श्रीलंका में तैयारी और दुबई की उम्मीद
श्रीलंका में हुए प्रशिक्षण शिविर ने टीम को विविध गेंदबाजी का सामना करने का महत्वपूर्ण अनुभव दिया। कैरी के अनुसार, वहाँ की पिच की परिस्थितियाँ काफी हद तक दुबई जैसी थीं, जिससे तैयारी और भी कारगर रही। उन्होंने कहा, "हमें कई तरह के गेंदबाजों का सामना करना पड़ा — जैसे लेफ्ट-आर्म बॉलर्स जिनका हमने पहले कभी सामना नहीं किया था। यह कुछ-कुछ वैसा ही है जैसा हमें एशिया कप में देखने को मिलेगा।"
कोच ममता माबेन का बदलाव
टीम की हेड कोच और भारत की पूर्व कप्तान ममता माबेन के आने से हांगकांग-चीन की टीम में पेशेवर बदलाव आया है। कैरी ने बताया, "जब से उन्होंने हमें कोचिंग देना शुरू किया, हम एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं। उनकी सोच मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता, पेशेवर अंदाज और सर्वश्रेष्ठ बनने के बारे में है। उन्होंने हमें न सिर्फ स्किल के मामले में, बल्कि मानसिक रूप से भी बदला।"
इसके साथ ही, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच तनुजा लेले ने पिछले तीन महीनों में टीम की फिटनेस दिनचर्या को नए सिरे से गढ़ा है। कैरी ने कहा, "वह भारतीय टीम के खिलाड़ियों को भी ट्रेन कर चुकी हैं। अगर मैं उनकी बताई बातों को मानूं, तो शायद एक दिन हम उनके लेवल के करीब पहुंच सकें।"
सुविधाओं की कमी और युवा पीढ़ी को प्रेरणा
हांगकांग में क्रिकेट के लिए बुनियादी ढाँचे की कमी एक बड़ी चुनौती है — टीम के पास सिर्फ एक मुख्य मैदान है और हफ्ते में तीन बार, लगभग तीन घंटे का अभ्यास समय मिलता है, जिसमें लड़के और लड़कियाँ मिलकर प्रैक्टिस करते हैं। कैरी ने कहा, "हम माहौल के बारे में शिकायत नहीं कर सकते। हम अपने आस-पास के माहौल को नहीं बदल सकते — हम बस उन्हें स्वीकार करते हैं, हालात के हिसाब से ढलते हैं।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि एशिया कप में क्वालीफिकेशन के बाद सरकार बेहतर सुविधाएं दे सकती है। उनके अनुसार, हांगकांग की युवा पीढ़ी के लिए यह सफलता एक बड़ी प्रेरणा है — यह संदेश देती है कि परंपरागत क्रिकेट शहर न होने के बावजूद कुछ भी संभव है।
कैरी ने यह भी बताया कि वे स्मृति मंधाना की बड़ी प्रशंसक हैं और यदि मौका मिले तो उनसे जर्सी बदलना चाहती हैं। उनकी टीममेट के साथ एक मजेदार डील भी है — अगर कैरी स्मृति को आउट कर पाईं, तो उन्हें 'बबल टी' मिलेगी। विमेंस एशिया कप 2026 में हांगकांग-चीन की यह यात्रा क्रिकेट के विस्तार की एक उम्मीद भरी कहानी है।