वर्ल्ड अर्निस चैंपियनशिप: जम्मू-कश्मीर के नाहिद अली ने जीते 2 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज, कोच अमन वर्मा को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मार्शल आर्ट खिलाड़ी नाहिद अली चौधरी ने वर्ल्ड एस्क्रीमा काली आर्निस फेडरेशन (WEKAF) द्वारा आयोजित वर्ल्ड अर्निस चैंपियनशिप के 18वें संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। सांबा जिले के इस युवा खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया और अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और कोच अमन वर्मा को दिया।
मुख्य घटनाक्रम: तीन इवेंट, तीन पदक
नाहिद ने बताया कि उन्होंने इस चैंपियनशिप में कुल तीन इवेंट में हिस्सा लिया। पहले इवेंट में उन्होंने फिलिपींस, अमेरिका और थाईलैंड के प्रतिस्पर्धियों को पराजित कर गोल्ड मेडल हासिल किया। दूसरे इवेंट में भी उन्होंने इसी दमखम के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। तीसरे इवेंट में नाहिद ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपना अभियान तीन पदकों के साथ संपन्न किया।
कोच और परिवार को श्रेय
नाहिद ने कहा, 'मेरी इस सफलता के पीछे मेरे माता-पिता और कोच अमन वर्मा की अथक मेहनत है — उनके बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था।' उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी वे इसी स्तर का प्रदर्शन बनाए रखते हुए देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का प्रयास जारी रखेंगे। साथ ही नाहिद ने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेल की ओर रुख करने की अपील की।
परिवार की प्रतिक्रिया
नाहिद की माँ निशाद बीवी ने अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि नाहिद की खेल के प्रति रुचि बचपन से ही रही है और वे जहाँ भी प्रतियोगिता में जाते थे, वहाँ से दो से तीन गोल्ड मेडल लेकर लौटते थे। उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ नाहिद के पिता देश की सेवा कर रहे हैं और दूसरी तरफ बेटा अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मान बढ़ा रहा है।
बड़े भाई हमीद चौधरी ने कहा कि नाहिद की यह सफलता न केवल पूरे परिवार के लिए, बल्कि उनके गाँव के लिए भी गर्व का विषय है।
अर्निस खेल के बारे में
अर्निस एक पारंपरिक फिलिपीनी मार्शल आर्ट है, जिसमें लाठी (डंडों), चाकू और निहत्थे आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन किया जाता है। यह खेल अनुशासन, फुर्ती और तकनीकी दक्षता की माँग करता है। गौरतलब है कि भारत इस खेल में धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा है और जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों का इस दिशा में योगदान उल्लेखनीय है।
आगे की राह
नाहिद की यह सफलता जम्मू-कश्मीर में मार्शल आर्ट के प्रति बढ़ती रुचि और युवा प्रतिभाओं की संभावनाओं को रेखांकित करती है। उम्मीद की जा रही है कि इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ी भी प्रेरणा लेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए आगे आएंगे।