ऑल इंडिया पुलिस गेम्स 2026: चंडीगढ़ पुलिस ने जीते 10 मेडल, 5 गोल्ड के साथ वुशु-पेंचक सिलाट में दिखाया दम
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया पुलिस गेम्स-जूडो क्लस्टर 2026 में चंडीगढ़ पुलिस ने कुल 10 मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। वुशु, ताइक्वांडो और पेंचक सिलाट — तीनों स्पर्धाओं में टीम ने पदक तालिका में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
मुख्य घटनाक्रम
चंडीगढ़ पुलिस की 16 सदस्यीय टीम ने तीन मार्शल आर्ट विधाओं में भाग लिया। टीम कोच हेड कांस्टेबल संदीप कुमार के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत और सामूहिक — दोनों स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट देशभर की पुलिस बलों के बीच आयोजित होने वाली सबसे प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिताओं में से एक है।
खेलवार मेडल का विवरण
वुशु में चंडीगढ़ पुलिस ने 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। 85 किलोग्राम वर्ग में कांस्टेबल हरीश ने गोल्ड मेडल जीता। 52 किलोग्राम महिला वर्ग में महिला कांस्टेबल अंजू कुमारी ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि कांस्टेबल रितू (70 किलोग्राम) और कांस्टेबल शार्घानंद (90 किलोग्राम) ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।
पेंचक सिलाट में टीम का प्रदर्शन सर्वाधिक प्रभावशाली रहा — 3 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल। महिला कांस्टेबल सोनिया और कांस्टेबल रितू ने गोल्ड मेडल जीते, जबकि कांस्टेबल सिमरन ने तीसरा गोल्ड दिलाया। कांस्टेबल संजीत ने 75 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर और महिला कांस्टेबल चांदनी ने 60 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
ताइक्वांडो में महिला कांस्टेबल सोनम ने गोल्ड मेडल जीतकर टीम का खाता खोला — यह इस स्पर्धा में चंडीगढ़ पुलिस का एकमात्र पदक रहा।
महानिदेशक की प्रतिक्रिया
चंडीगढ़ पुलिस की महानिदेशक डॉ. सागरप्रीत हुड्डा ने टीम के इस प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चंडीगढ़ पुलिस परिवार के लिए गर्व का क्षण है। महानिदेशक ने यह भी उम्मीद जताई कि ये खिलाड़ी आने वाले समय में राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का नाम रोशन करेंगे।
कोच की भूमिका
टीम कोच हेड कांस्टेबल संदीप कुमार की सुनियोजित रणनीति, बारीक तकनीकी तैयारी और लगातार प्रोत्साहन ने इस सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई। यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस बलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर राष्ट्रीय स्तर पर जोर दिया जा रहा है।
क्या होगा आगे
महानिदेशक डॉ. हुड्डा के अनुसार, इन खिलाड़ियों को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। चंडीगढ़ पुलिस का यह प्रदर्शन आगामी संस्करणों में और बेहतर परिणामों की उम्मीद जगाता है।