यशस्वी जायसवाल का नाबाद 155, यश राठौड़ का शतक; इंडिया ए बनाम न्यूजीलैंड ए दूसरा अनाधिकारिक टेस्ट ड्रॉ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड ए के खिलाफ दूसरे अनाधिकारिक टेस्ट की दूसरी पारी में 162 गेंदों पर नाबाद 155 रन की तूफानी पारी खेलकर शानदार फॉर्म वापसी का संकेत दिया। यश राठौड़ के साथ उनकी अटूट 247 रन की साझेदारी ने इंडिया ए को 3 नवंबर 2026 को मैच ड्रॉ कराने में निर्णायक भूमिका निभाई।
जायसवाल की धमाकेदार फॉर्म वापसी
पिछली तीन पारियों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यशस्वी जायसवाल इस पारी में पूरी तरह आक्रामक मूड में नज़र आए। बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने 15 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 162 गेंदों में नाबाद 155 रन बनाए। यह ऐसे समय में आया है जब जायसवाल को आगामी न्यूजीलैंड सीनियर टीम के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत की तरफ से पारी की शुरुआत करनी है — ऐसे में उनके बल्ले का लंबे समय तक खामोश रहना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा था।
राठौड़ का करिश्माई शतक
चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे यश राठौड़ ने भी अपनी पारी से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने 122 गेंदों पर 9 चौकों की मदद से 100 रन पूरे किए। जायसवाल और राठौड़ के बीच तीसरे विकेट के लिए नाबाद 247 रन की साझेदारी मैच की सबसे बड़ी और निर्णायक साझेदारी रही। गौरतलब है कि इंडिया ए ने अपनी दूसरी पारी में कुल 52.4 ओवर में 2 विकेट पर 282 रन बनाए।
मैच का समग्र स्कोरकार्ड
इंडिया ए ने पहली पारी में कप्तान ध्रुव जुरेल के 105, देवदत्त पडिक्कल के 80 और आकाशदीप के 68 रन की बदौलत 346 रन का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में न्यूजीलैंड ए ने अपनी पहली पारी में 424 रन बनाकर 78 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। दूसरी पारी में जायसवाल और राठौड़ के प्रदर्शन ने इस बढ़त को बेअसर कर दिया और मैच के अंतिम दिन मंगलवार को चाय के विश्राम के समय मुकाबला ड्रॉ घोषित किया गया।
सीरीज का हाल और आगे की राह
दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला अनाधिकारिक टेस्ट भी ड्रॉ रहा था, और अब दूसरा भी बराबरी पर छूटा। इस तरह दोनों मैचों में कोई विजेता नहीं निकला। तीसरा और अंतिम अनाधिकारिक टेस्ट 7 नवंबर 2026 से खेला जाएगा, जो सीरीज का फैसला करने के लिए दोनों टीमों के लिए अहम होगा। जायसवाल की इस पारी ने न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बहाल किया, बल्कि सीनियर टीम चयनकर्ताओं को भी राहत की साँस दी होगी।