यशवर्धन सिंह चौहान बने भारत अंडर-19 के कप्तान, ग्वालियर में जश्न; 4 जुलाई से श्रीलंका दौरा
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर के युवा क्रिकेटर यशवर्धन सिंह चौहान को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन वनडे और दो मल्टी-डे मैचों की सीरीज के लिए भारत अंडर-19 टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। 4 जुलाई से शुरू होने वाले इस दौरे की घोषणा के बाद उनके घर पर जश्न का माहौल है और परिवार ने खुशी जाहिर की है।
यशवर्धन की क्रिकेट यात्रा
यशवर्धन ने महज छह-सात साल की उम्र में ग्वालियर की तानसेन क्रिकेट एकेडमी में कोच लवकेश चौधरी के मार्गदर्शन में क्रिकेट की बारीकियाँ सीखनी शुरू की थीं। सात-आठ साल की उम्र से ही वे क्लब मैचों में प्रदर्शन करने लगे थे। डिवीजन टीम की कप्तानी से होते हुए वे मध्यप्रदेश की राज्य टीम के कप्तान बने, और अब भारत अंडर-19 की कमान उनके हाथों में सौंपी गई है।
यशवर्धन ने क्या कहा
कप्तानी मिलने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए यशवर्धन ने कहा, 'मैंने छह या सात साल की उम्र में कोच लवकेश सर के मार्गदर्शन में तानसेन क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण शुरू की थी। मेरे कोच, माता-पिता, परिवार, दोस्तों और आस-पास के सभी लोगों ने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया है। उनके सहयोग से ही यह कामयाबी मुमकिन हुई है।' उन्होंने आगे कहा, '4 जुलाई से श्रीलंका में हमारे मैच हैं, जिसमें तीन वन-डे मैच और दो मल्टी-डे मैच शामिल हैं। मैं अपने देश की कप्तानी करने का मौका मिलने पर उत्साहित हूँ। यह बहुत गर्व की बात है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूँगा।'
परिवार की प्रतिक्रिया
यशवर्धन की माँ रीना चौहान ने कहा, 'जब बच्चे छोटे होते हैं तो माता-पिता को संघर्ष करना पड़ता है। उनका मार्गदर्शन करना पड़ता है। हम उसे हिम्मत देते रहे और बताते रहे कि क्या करना है और कैसे आगे बढ़ना है। उसने बहुत अच्छा किया है। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वह भविष्य में और भी कामयाबी हासिल करे।'
पिता अनामी चौहान ने कहा, 'हम बहुत खुश और गर्व महसूस कर रहे हैं। बहुत अच्छा लग रहा है कि हमने जो सपना देखा था, वह सच हो गया है। हमें उम्मीद है कि वह आगे भी तरक्की करता रहेगा और भविष्य में और भी बड़ी सफलता हासिल करेगा।' उन्होंने बताया कि यशवर्धन ने लगभग सात-आठ साल की उम्र में ही क्लब मैचों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया था।
कोच का नज़रिया
कोच लवकेश चौधरी ने बताया, 'जब वह छह या सात साल का था, तो उसके पिता उसे मेरे पास लाए थे। वह शुरू से प्रतिभाशाली बच्चा रहा है। दूसरे बच्चों की तुलना में उसने जल्दी सीखा और उसमें बहुत उम्मीदें थीं। वह पहले डिवीजन टीम, फिर राज्य टीम का कप्तान बना, और अब भारत अंडर-19 टीम का कप्तान बना है। यह हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है।'
आगे क्या
यशवर्धन के नेतृत्व में भारत अंडर-19 टीम 4 जुलाई से श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी, जहाँ तीन वनडे और दो चार-दिवसीय मैच खेले जाएँगे। यह दौरा यशवर्धन के लिए अपनी कप्तानी क्षमता और खेल को राष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का पहला बड़ा मंच होगा।