10वाँ चीन-रूस एक्सपो हार्बिन में शुरू, चांग कुओछिंग और ट्रुत्नेव ने किया उद्घाटन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
10वाँ चीन-रूस एक्सपो हार्बिन में शुरू, चांग कुओछिंग और ट्रुत्नेव ने किया उद्घाटन

सारांश

हार्बिन में 10वें चीन-रूस एक्सपो का उद्घाटन हुआ — दोनों देशों के उप प्रधानमंत्रियों ने राष्ट्रपतियों के बधाई पत्र पढ़े और छठी अंतर-सरकारी सहयोग बैठक की अध्यक्षता की। यह आयोजन पूर्वोत्तर चीन और सुदूर पूर्व रूस के बीच बढ़ते क्षेत्रीय सहयोग का प्रतीक है।

मुख्य बातें

10वाँ चीन-रूस एक्सपो उत्तर चीन के हार्बिन शहर में 18 मई 2026 को शुरू हुआ।
चीनी उप प्रधानमंत्री चांग कुओछिंग और रूसी उप प्रधानमंत्री यूरी पेत्रोविच ट्रुत्नेव ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बधाई पत्र पढ़े।
16 मई को पूर्वोत्तर चीन-सुदूर पूर्व रूस अंतर-सरकारी सहयोग समिति की छठी बैठक की संयुक्त अध्यक्षता की गई।
चीन ने चीन-रूस 'पूर्वोत्तर-सुदूर पूर्व' सहयोग तंत्र को और मज़बूत करने की इच्छा जताई।

हार्बिन में 18 मई 2026 को 10वें चीन-रूस एक्सपो का उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ, जिसमें चीनी उप प्रधानमंत्री चांग कुओछिंग और रूसी उप प्रधानमंत्री यूरी पेत्रोविच ट्रुत्नेव ने संयुक्त रूप से भाग लिया। उत्तर चीन के इस प्रमुख शहर में आयोजित यह एक्सपो चीन-रूस द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख मंच बन चुका है।

उद्घाटन समारोह का मुख्य घटनाक्रम

समारोह में दोनों उप प्रधानमंत्रियों ने क्रमशः चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बधाई पत्र पढ़े तथा अपने-अपने भाषण दिए। इससे एक दिन पूर्व, 16 मई को, दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से पूर्वोत्तर चीन और सुदूर पूर्व रूस के बीच अंतर-सरकारी सहयोग समिति की छठी बैठक की अध्यक्षता भी की थी।

चांग कुओछिंग का बयान

चीनी उप प्रधानमंत्री चांग कुओछिंग ने कहा कि एक्सपो पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग का बधाई पत्र चीन और रूस के बीच व्यावहारिक सहयोग के प्रति उनके उच्च महत्व को पूरी तरह दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दोनों राष्ट्रपतियों के रणनीतिक मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से सार्थक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

चांग ने यह भी कहा कि चीन, दोनों राष्ट्रपतियों द्वारा बनी महत्वपूर्ण सहमति के अनुरूप, रूस के साथ मिलकर चीन-रूस एक्सपो जैसे मंचों का भरपूर उपयोग करते हुए चीन-रूस 'पूर्वोत्तर-सुदूर पूर्व' सहयोग तंत्र की भूमिका को और सुदृढ़ करने तथा पारस्परिक लाभ वाले विकास के अवसर बढ़ाने के लिए तत्पर है।

ट्रुत्नेव का रुख

रूसी उप प्रधानमंत्री यूरी पेत्रोविच ट्रुत्नेव ने कहा कि रूस स्थानीय सहयोग की संभावनाओं को उजागर करने और द्विपक्षीय संबंधों के विकास में उपलब्धियों को समृद्ध करने के लिए समिति तंत्र का लाभ उठाने को तैयार है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब चीन और रूस के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से प्रगाढ़ हुए हैं।

एक्सपो का महत्व और आगे की राह

यह 10वाँ चीन-रूस एक्सपो दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और आर्थिक सहयोग का प्रतीक बन चुका है। हार्बिन की भौगोलिक स्थिति — जो रूस की सीमा के निकट है — इसे इस द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक स्वाभाविक केंद्र बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वोत्तर चीन और सुदूर पूर्व रूस के बीच बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा और कृषि क्षेत्रों में सहयोग आने वाले वर्षों में और विस्तार पाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि ऐसे मंचों पर घोषित सहयोग अक्सर कागज़ों पर अधिक और ज़मीन पर कम दिखता है — असली परीक्षा यह होगी कि दोनों देशों के बीच व्यापार और बुनियादी ढाँचे में ठोस प्रगति किस गति से होती है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10वाँ चीन-रूस एक्सपो क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
10वाँ चीन-रूस एक्सपो उत्तर चीन के हार्बिन शहर में 18 मई 2026 को आयोजित हुआ। यह दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग का प्रमुख द्विपक्षीय मंच है, जो हर वर्ष आयोजित किया जाता है।
इस एक्सपो में किन नेताओं ने भाग लिया?
चीनी उप प्रधानमंत्री चांग कुओछिंग और रूसी उप प्रधानमंत्री यूरी पेत्रोविच ट्रुत्नेव ने संयुक्त रूप से उद्घाटन समारोह में भाग लिया। दोनों ने क्रमशः राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बधाई पत्र भी पढ़े।
अंतर-सरकारी सहयोग समिति की छठी बैठक में क्या हुआ?
16 मई को आयोजित इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता चांग कुओछिंग और ट्रुत्नेव ने की। यह बैठक पूर्वोत्तर चीन और सुदूर पूर्व रूस के बीच क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने पर केंद्रित थी।
चीन-रूस 'पूर्वोत्तर-सुदूर पूर्व' सहयोग तंत्र क्या है?
यह चीन के पूर्वोत्तर प्रांतों और रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के बीच क्षेत्रीय आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग का एक संस्थागत ढाँचा है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती व्यापार, बुनियादी ढाँचे और ऊर्जा क्षेत्र में पारस्परिक लाभकारी सहयोग बढ़ाना है।
इस एक्सपो का भारत और वैश्विक कूटनीति के लिए क्या महत्व है?
यह एक्सपो चीन और रूस के बीच गहराते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का प्रतीक है, जो वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करता है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत दोनों देशों के साथ अपने स्वतंत्र संबंध बनाए रखता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले