हैदराबाद में ₹110 करोड़ से बनेगा अंबेडकर नॉलेज सेंटर, लाखों छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के लोअर टैंक बंड के निकट ₹110 करोड़ की लागत से डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर नॉलेज सेंटर निर्मित करने की योजना की घोषणा की है, जो हजारों छात्रों और बेरोज़गार युवाओं के लिए एक व्यापक शैक्षिक एवं करियर-सहायता केंद्र के रूप में काम करेगा। 8 जून 2026 को तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने प्रस्तावित स्थलों का व्यक्तिगत निरीक्षण किया और परियोजना को शीघ्र आगे बढ़ाने के संकेत दिए।
मुख्य घटनाक्रम
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने सोमवार को दो स्थलों का दौरा किया — पहला, लोअर टैंक बंड के समीप वह भूखंड जहाँ अंबेडकर नॉलेज सेंटर बनेगा, और दूसरा, काचीगुडा के निंबोली अड्डा पर प्रस्तावित एससी हॉस्टल का स्थान, जिसकी अनुमानित लागत ₹25 करोड़ है। उन्होंने बताया कि दोनों परियोजनाओं के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही प्रदान की जा चुकी है।
नॉलेज सेंटर की संरचना में एक बेसमेंट, एक भूतल और 10 अतिरिक्त मंजिलें होंगी। इसमें स्टडी सर्कल, डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी। वर्तमान में उस स्थान पर खड़े पुराने अंबेडकर भवन को गिराने के लिए ₹5 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
डिजिटल नेटवर्क और मुफ्त कोचिंग की योजना
सरकार की योजना है कि इस मुख्य केंद्र से शीर्ष व्याख्याताओं द्वारा दी जाने वाली कोचिंग को ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली के माध्यम से राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित होने वाले अंबेडकर नॉलेज सेंटरों से जोड़ा जाएगा। इससे दूरदराज के छात्र हैदराबाद आए बिना अपने स्थानीय केंद्र से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों, किसान परिवारों और मध्यम वर्गीय छोटे व्यापारियों के बच्चे जब प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए हैदराबाद आते हैं, तो उन्हें भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है। यह केंद्र उसी समस्या का स्थायी समाधान बनेगा।
निंबोली अड्डा हॉस्टल का नवीनीकरण
काचीगुडा स्थित निंबोली अड्डा पर बनने वाले तीन मंजिला हॉस्टल को पूरी तरह आधुनिक रूप दिया जाएगा और इसका नाम बदलकर बाबू जगजीवन राम नॉलेज सेंटर रखा जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह हॉस्टल अविभाजित राज्य के समय से ही अनगिनत गरीब छात्रों को आश्रय देता आया है और इसका नवीनीकरण दलित एवं वंचित समुदायों का दीर्घकालिक स्वप्न रहा है।
आम जनता पर असर
इस परियोजना का सीधा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो SC, OBC और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों से आते हैं। राज्यव्यापी डिजिटल नेटवर्क के ज़रिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि बेरोज़गार युवा सरकारी नौकरियों में सफलतापूर्वक चयनित हो सकें।
कल्याण मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस स्थल निरीक्षण में उपमुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे। यह परियोजना तेलंगाना सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसमें राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में डॉ. बीआर अंबेडकर नॉलेज सेंटर स्थापित करने का वादा किया गया था।
क्या होगा आगे
पुरानी इमारत के विध्वंस के बाद नॉलेज सेंटर का निर्माण कार्य शुरू होगा। राज्य सरकार के अनुसार, निर्माण पूर्ण होने पर यह केंद्र अंतरराष्ट्रीय बुद्धिजीवियों के साथ सेमिनार आयोजित करने और वैश्विक स्तर पर ज्ञान-साझेदारी का मंच भी बनेगा।