10 जुलाई 2026
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कोहेडा में ₹47 करोड़ के फिश एक्सपोर्ट सेंटर की आधारशिला, 5,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

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कोहेडा में ₹47 करोड़ के फिश एक्सपोर्ट सेंटर की आधारशिला, 5,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

सारांश

तेलंगाना ने कोहेडा में ₹47 करोड़ के फिश एक्सपोर्ट सेंटर की नींव रखकर एक बड़ा दांव खेला है — देश में पहली बार किसी गैर-तटीय राज्य में इतनी आधुनिक मत्स्य निर्यात सुविधा बन रही है। 5,000 रोजगार और वैश्विक बाज़ार तक पहुँच का वादा मछुआरों के लिए बड़ी उम्मीद है।

मुख्य बातें

मंत्री वाकिटी श्रीहरी ने 10 जुलाई को रंगारेड्डी जिले के कोहेडा में मीठे पानी की मछली के निर्यात केंद्र की आधारशिला रखी।
परियोजना की कुल लागत ₹47 करोड़ ; केंद्र सरकार 60% और तेलंगाना सरकार 40% फंडिंग दे रही है।
यह देश का पहला आधुनिक मत्स्य निर्यात केंद्र है जो किसी गैर-तटीय राज्य में बनाया जा रहा है।
लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार और 2,000 व्यापारियों को कारोबार का अवसर मिलेगा।
तेलंगाना में 2025 में 4.20 लाख टन मछली और 15,000 टन मीठे पानी के झींगे का उत्पादन दर्ज हुआ।

तेलंगाना के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री वाकिटी श्रीहरी ने शुक्रवार, 10 जुलाई को रंगारेड्डी जिले के कोहेडा में मीठे पानी की मछली के निर्यात केंद्र की आधारशिला रखी। ₹47 करोड़ की लागत से बनने वाला यह फिश एक्सपोर्ट सेंटर देश में अपनी तरह का पहला ऐसा आधुनिक निर्यात केंद्र है, जो किसी गैर-तटीय राज्य में स्थापित किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से मछुआरों की आय में वृद्धि होगी और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक उनकी पहुँच सुनिश्चित होगी।

परियोजना की वित्त पोषण संरचना

यह केंद्र प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 60 प्रतिशत और तेलंगाना सरकार की ओर से 40 प्रतिशत की फंडिंग दी जा रही है। मंत्री श्रीहरी ने इसे तेलंगाना के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि समुद्र तट से दूर किसी राज्य में इतनी आधुनिक मत्स्य निर्यात सुविधा का निर्माण देश में पहली बार हो रहा है।

सुविधाएँ और बुनियादी ढाँचा

इस एक्सपोर्ट सेंटर में अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज यूनिट, प्यूरिफिकेशन यूनिट, पैकेजिंग सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, कस्टम्स सुविधाएँ और एक बड़ा होलसेल मार्केट स्थापित किया जाएगा। इस बुनियादी ढाँचे के ज़रिए तेलंगाना में उत्पादित मछलियों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाज़ारों तक पहुँच संभव होगी और मछुआरों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।

रोजगार और आर्थिक प्रभाव

इस केंद्र से लगभग 2,000 व्यापारियों को कारोबार के अवसर मिलेंगे। लोडिंग, अनलोडिंग, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन और संबद्ध क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 5,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल मछली बाज़ार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए नए रोजगार के द्वार खोलने का माध्यम भी बनेगी।

तेलंगाना की मत्स्य उत्पादन क्षमता

मंत्री श्रीहरी ने बताया कि तेलंगाना वर्तमान में मीठे पानी की मछली उत्पादन में देशभर में अग्रणी स्थान रखता है। वर्ष 2025 में राज्य में लगभग 4.20 लाख टन मछली और 15,000 टन मीठे पानी के झींगे का उत्पादन दर्ज किया गया। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य तेलंगाना में पैदा होने वाली हर मछली के लिए वैश्विक बाज़ार उपलब्ध कराना है। मछुआरों के परिवारों में आर्थिक खुशहाली लाना हमारी सरकार का संकल्प है।'

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन प्रतिनिधि

आधारशिला समारोह में भुवनगिरी के सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी, विधायक मलरेड्डी रंगा रेड्डी, मत्स्य पालन निदेशक निखिल, फ्रूट मार्केट के चेयरमैन चिलुक मधु, रंगा रेड्डी मत्स्य पालन सहकारी समिति के अध्यक्ष दुसा वेंकटेश सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह परियोजना आने वाले वर्षों में तेलंगाना के मत्स्य पालन क्षेत्र को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सफलता निर्यात लाइसेंसिंग, गुणवत्ता प्रमाणन और अंतरराष्ट्रीय क्रेताओं से दीर्घकालिक अनुबंध पर निर्भर करेगी — जिनका उल्लेख अभी तक नहीं किया गया है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोहेडा फिश एक्सपोर्ट सेंटर क्या है?
यह तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के कोहेडा में ₹47 करोड़ की लागत से बनने वाला मीठे पानी की मछली का निर्यात केंद्र है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विकसित हो रहा है। इसमें कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग, ट्रेनिंग और कस्टम्स सुविधाएँ शामिल होंगी।
इस परियोजना की फंडिंग कहाँ से आएगी?
परियोजना की कुल लागत ₹47 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और तेलंगाना राज्य सरकार 40 प्रतिशत का योगदान दे रही है। यह फंडिंग प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत आवंटित की गई है।
इस एक्सपोर्ट सेंटर से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
लोडिंग, अनलोडिंग, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त लगभग 2,000 व्यापारियों को कारोबार के अवसर उपलब्ध होंगे।
तेलंगाना का मत्स्य उत्पादन कितना है?
तेलंगाना वर्तमान में मीठे पानी की मछली उत्पादन में देश में सबसे आगे है। वर्ष 2025 में राज्य में लगभग 4.20 लाख टन मछली और 15,000 टन मीठे पानी के झींगे का उत्पादन दर्ज किया गया।
यह केंद्र गैर-तटीय राज्य के लिए क्यों खास है?
देश में पहली बार किसी तटीय क्षेत्र के बजाय एक भूमि-बद्ध राज्य में इतना आधुनिक मत्स्य निर्यात केंद्र स्थापित हो रहा है। मंत्री वाकिटी श्रीहरी के अनुसार, यह तेलंगाना की मीठे पानी की मत्स्य उत्पादन क्षमता को वैश्विक बाज़ार से सीधे जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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