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BHU में ₹150 करोड़ के 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' का CM योगी ने किया निरीक्षण, उत्तर भारत का पहला जरा चिकित्सा केंद्र

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BHU में ₹150 करोड़ के 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' का CM योगी ने किया निरीक्षण, उत्तर भारत का पहला जरा चिकित्सा केंद्र

सारांश

वाराणसी के BHU में ₹150 करोड़ की लागत से बन रहा 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' देश का तीसरा और उत्तर भारत का पहला जरा चिकित्सा केंद्र होगा। CM योगी ने 13 जून को स्थलीय निरीक्षण कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश दिए। पूर्वांचल सहित उत्तर भारत के लाखों बुजुर्गों को इससे विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 13 जून 2026 को BHU के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' का स्थलीय निरीक्षण किया।
यह केंद्र ₹150 करोड़ की लागत से बन रहा है और इसमें 200 बिस्तर होंगे — सात मंजिला भवन।
यह देश का तीसरा और उत्तर भारत का पहला जरा (वृद्धावस्था) चिकित्सा केंद्र होगा।
केंद्र में मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक OPD, मेमोरी क्लीनिक , गठिया क्लीनिक , मॉड्यूलर OT, ICU और डे-केयर सेंटर की सुविधाएँ होंगी।
MD जेरिएट्रिक मेडिसिन की स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाई जाएंगी और वृद्धावस्था रोगों पर शोध भी होगा।
पूर्वांचल सहित उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीज़ों को एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून 2026 को वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में निर्माणाधीन 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग ₹150 करोड़ की लागत से बन रहा यह 200 बिस्तरों वाला सात मंजिला केंद्र देश का तीसरा और उत्तर भारत का पहला जरा (वृद्धावस्था) चिकित्सा केंद्र होगा। निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है।

निरीक्षण में क्या हुआ

मुख्यमंत्री योगी ने निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना पूरी करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न किए जाएं। BHU प्रशासन के अधिकारियों को भी परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

केंद्र में क्या सुविधाएँ होंगी

यह केंद्र बुजुर्गों के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक ओपीडी संचालित करेगा। इसके अतिरिक्त मेमोरी क्लीनिक, गठिया (अर्थराइटिस) क्लीनिक और वृद्धावस्था से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु विशेष सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

भवन में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक रेडियोलॉजी एवं जाँच सुविधाएँ, पुनर्वास सेवाएँ, डे-केयर सेंटर, ICU तथा प्राइवेट वार्ड की भी व्यवस्था होगी। यह संस्थान जरा चिकित्सा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।

शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियाँ

जेरिएट्रिक मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों और नर्सों को बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वरिष्ठ चिकित्सकों एवं सीनियर रेजिडेंट की सीटों में वृद्धि के साथ-साथ MD जेरिएट्रिक मेडिसिन की स्नातकोत्तर सीटें भी बढ़ाई जाएंगी। वृद्धावस्था संबंधी रोगों पर अनुसंधान, उपचार पद्धतियों का विकास और बुजुर्गों के लिए विशेष चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने का कार्य भी यहीं होगा।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या तेज़ी से बढ़ रही है और विशेषज्ञ जरा चिकित्सा सेवाओं की माँग उत्तर भारत में अपूर्ण बनी हुई है। केंद्र के शुरू होने के बाद पूर्वांचल सहित उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीज़ों को एक ही छत के नीचे आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएँ मिल सकेंगी। गौरतलब है कि अभी तक इस क्षेत्र के मरीज़ों को ऐसे उपचार के लिए दिल्ली या मुंबई जाना पड़ता था।

आगे की राह

निर्माण कार्य अंतिम चरण में होने के साथ, अधिकारियों को समय-सीमा में पूर्णता के लिए बाध्य किया गया है। BHU प्रशासन को नियमित प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। यह केंद्र उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढाँचे को एक नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनकी देशभर में पहले से भारी कमी है? ₹150 करोड़ का निवेश तभी सार्थक होगा जब MD जेरिएट्रिक्स की सीटें वास्तव में भरी जाएँ और शोध के नतीजे नीति-निर्माण तक पहुँचें। CM योगी का सीधा निरीक्षण राजनीतिक प्राथमिकता का संकेत देता है, पर क्रियान्वयन की जवाबदेही का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BHU का 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' क्या है?
यह वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में ₹150 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 200 बिस्तरों वाला सात मंजिला जरा चिकित्सा केंद्र है। यह देश का तीसरा और उत्तर भारत का पहला विशेषज्ञ वृद्धावस्था चिकित्सा केंद्र होगा।
इस केंद्र में बुजुर्गों को कौन-सी सुविधाएँ मिलेंगी?
केंद्र में मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक OPD, मेमोरी क्लीनिक, गठिया (अर्थराइटिस) क्लीनिक, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, ICU, डे-केयर सेंटर, रेडियोलॉजी सुविधाएँ और पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध होंगी। यह सभी सुविधाएँ एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
CM योगी ने निरीक्षण के दौरान क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यदायी संस्था को युद्धस्तर पर काम कर निर्धारित समय सीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और BHU प्रशासन को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।
यह केंद्र उत्तर भारत के बुजुर्गों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
अभी तक पूर्वांचल और उत्तर भारत के बुजुर्ग मरीज़ों को विशेषज्ञ जरा चिकित्सा के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। इस केंद्र के शुरू होने से लाखों वरिष्ठ नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक और विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा।
क्या इस केंद्र में चिकित्सा शिक्षा और शोध भी होगा?
हाँ, केंद्र में MD जेरिएट्रिक मेडिसिन की स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाई जाएंगी और डॉक्टरों-नर्सों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वृद्धावस्था रोगों पर अनुसंधान, उपचार पद्धतियों का विकास और बुजुर्गों के लिए चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने का कार्य भी यहाँ होगा।
राष्ट्र प्रेस
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