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यूपी बनेगा अंतरराष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन: सीएम योगी ने 'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026' पर दिए निर्देश

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यूपी बनेगा अंतरराष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन: सीएम योगी ने 'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026' पर दिए निर्देश

सारांश

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन बनाने का रोडमैप पेश किया — वाराणसी, अयोध्या और मथुरा के धार्मिक सर्किट को आयुष और पंचकर्म से जोड़ते हुए। PPP मॉडल, निवेश प्रोत्साहन और 5 नए एकीकृत महाविद्यालयों के साथ यह योजना स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार को एक साथ साधने का दांव है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 मई 2026 को आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में 'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026' लागू करने के निर्देश दिए।
प्रदेश में वर्तमान में 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयाँ , 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर , 225 योग वेलनेस सेंटर और 19 आयुष चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं।
वाराणसी, अयोध्या और मथुरा के धार्मिक पर्यटन सर्किट को वेलनेस और हीलिंग पर्यटन से जोड़ने की योजना।
PPP मॉडल के तहत 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा केंद्र और आयुष कॉलेजों के उन्नयन का प्रस्ताव; निवेशकों को एकल खिड़की से त्वरित स्वीकृति।
मीरजापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडलों में नए एकीकृत आयुष महाविद्यालय स्थापित किए जाएँगे।
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर को शोध एवं नवाचार का उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर जोर।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 24 मई 2026 को लखनऊ में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में 'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026' को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश को केवल उपचार-केंद्रित व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए आयुष, योग, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं के समन्वय से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए।

नीति का दायरा और प्रस्तावित ढाँचा

बैठक में प्रस्तावित नीति के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। नीति के अंतर्गत एकीकृत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आयुष वेलनेस एवं चिकित्सा केंद्र, प्रशिक्षण-युक्त एकीकृत संस्थान तथा आयुष कॉलेज-आधारित मॉडल विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इन केंद्रों में पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ सेवाएँ तथा अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियाँ भी शामिल होंगी।

मुख्यमंत्री ने पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर, 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा आयुष कॉलेजों के उन्नयन की दिशा में चरणबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

मौजूदा बुनियादी ढाँचा

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयाँ, 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 225 योग वेलनेस सेंटर और 19 आयुष चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं। यह आधारभूत संरचना प्रस्तावित विस्तार की नींव बनेगी।

धार्मिक पर्यटन और वेलनेस का संगम

सीएम योगी ने प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आयुष वेलनेस सेक्टर से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग-आधारित पर्यटन विकसित करने की व्यापक संभावनाएँ हैं। आयुर्वेद एवं योग की परंपरा तथा धार्मिक पर्यटन सर्किट को एकीकृत कर एक नई पर्यटन अर्थव्यवस्था खड़ी करने का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने आयुष-आधारित वेलनेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बताया। निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से त्वरित स्वीकृतियाँ देने और स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रस्तावित नीति में निवेश-आधारित सब्सिडी, संचालन प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट तथा रोजगार सृजन-आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान है। आयुष शोध, नवाचार और पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं के लिए भी विशेष प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं।

नए महाविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय

सीएम योगी ने मीरजापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा एवं बस्ती मंडलों में एकीकृत आयुष महाविद्यालयों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर में शोध एवं नवाचार गतिविधियों को गति देने और स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने पर बल दिया। यह विश्वविद्यालय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब वैश्विक वेलनेस पर्यटन तेज़ी से बढ़ रहा है और भारत इस क्षेत्र में अपनी प्राचीन चिकित्सा परंपराओं के बल पर बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की स्थिति में है। आने वाले महीनों में नीति के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — प्रदेश में पहले से 3,953 आयुष इकाइयाँ हैं, फिर भी गुणवत्ता और दवा-उपलब्धता की शिकायतें आम हैं। धार्मिक पर्यटन सर्किट को वेलनेस से जोड़ने का विचार नया नहीं है, पर अब तक इसे व्यवस्थित रूप नहीं मिला। PPP मॉडल और एकल खिड़की की बात हर नीति में होती है — निवेशकों का भरोसा तभी बनेगा जब ज़मीन पर पहली परियोजनाएँ समयसीमा में पूरी हों। वैश्विक वेलनेस पर्यटन में भारत की हिस्सेदारी अभी बेहद कम है; यदि यह नीति वास्तव में मानकीकरण और सत्यापन-योग्य रोजगार से जुड़ती है, तो यह एक ऐतिहासिक बदलाव हो सकता है — अन्यथा यह भी घोषणाओं की लंबी सूची में एक और नाम बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026' क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित नीति है जिसका उद्देश्य प्रदेश को आयुष, योग, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। इसमें PPP मॉडल, निवेश प्रोत्साहन और धार्मिक पर्यटन सर्किट को वेलनेस से जोड़ने की योजना शामिल है।
उत्तर प्रदेश में अभी कितने आयुष संस्थान हैं?
प्रदेश में वर्तमान में 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयाँ, 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 225 योग वेलनेस सेंटर और 19 आयुष चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं। यह बुनियादी ढाँचा प्रस्तावित विस्तार की आधारशिला बनेगा।
वाराणसी, अयोध्या और मथुरा को वेलनेस से कैसे जोड़ा जाएगा?
सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि इन प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग-आधारित पर्यटन विकसित किया जाए। आयुर्वेद, योग और पंचकर्म सेवाओं को धार्मिक पर्यटन सर्किट से एकीकृत कर एक नई पर्यटन अर्थव्यवस्था बनाने की योजना है।
नई नीति में निवेशकों के लिए क्या सुविधाएँ हैं?
प्रस्तावित नीति में निवेश-आधारित सब्सिडी, संचालन प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और रोजगार सृजन-आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान है। निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से त्वरित स्वीकृतियाँ देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की क्या भूमिका होगी?
गोरखपुर स्थित इस विश्वविद्यालय को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में शोध एवं नवाचार का उत्कृष्टता केंद्र बनाया जाएगा। सीएम योगी ने स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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