जम्मू-कश्मीर में आयुष का विस्तार: ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना, वेलनेस टूरिज्म पर बड़ा दांव
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने 2 जून को आयुष प्रणाली के बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने, सेवाओं की पहुँच बढ़ाने और केंद्र शासित प्रदेश को राष्ट्रीय वेलनेस पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दिया। राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के अंतर्गत राज्य वार्षिक कार्य योजना 2026-27 को मंज़ूरी देते हुए ₹91.997 करोड़ के व्यापक प्रस्ताव को आगे आयुष मंत्रालय को भेजने का निर्णय लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के आयुक्त-सचिव एम. राजू, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक तथा आयुष निदेशक डॉ. अजय कुमार टिकू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
डॉ. टिकू ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित संसाधन आवंटन का संकेत दिया है, परंतु बढ़ती माँग और पिछले कार्यक्रमों में निधि के संतोषजनक उपयोग को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश ने ₹91.997 करोड़ की कार्ययोजना प्रस्तावित की है।
वेलनेस पर्यटन पर ज़ोर
मुख्य सचिव ने कहा कि केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की तर्ज़ पर जम्मू-कश्मीर को एक प्रमुख वेलनेस और स्वास्थ्य सेवा गंतव्य के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने निजी हितधारकों के सहयोग से एक सशक्त कल्याण नीति तैयार करने की अपील की और कहा कि क्षेत्र के विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इस पहल को अनूठी बढ़त देते हैं।
योजना के प्रमुख घटक
योजना में 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को सुदृढ़ करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष इकाइयों का विस्तार, अस्पतालों व डिस्पेंसरियों में आवश्यक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति, और कम सेवा वाले क्षेत्रों में नई सुविधाओं को शीघ्र पूरा करना शामिल है। साथ ही ऑस्टियोआर्थराइटिस, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग व स्ट्रोक की रोकथाम के राष्ट्रीय कार्यक्रम, मातृ-नवजात देखभाल, वृद्धावस्था सेवाएँ, स्कूली बच्चों के लिए स्वस्थ जीवनशैली पहल और आयुष मोबाइल चिकित्सा इकाइयाँ सभी मेडिकल कॉलेजों एवं ज़िला अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएँगी।
नशा-मुक्ति और स्वदेशी संसाधन
अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने 'नशा मुक्त अभियान' में आयुष-आधारित पुनर्वास उपायों को शामिल करने की वकालत की और 'संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण' अपनाने पर बल दिया। मुख्य सचिव डुल्लू ने सरकारी संस्थानों में हर्बल गार्डन स्थापित करने और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को औषधीय जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि स्वदेशी उत्पादों के साथ-साथ आजीविका के अवसर भी बढ़ें।
क्या होगा आगे
स्वीकृत कार्य योजना अब केंद्रीय आयुष मंत्रालय के पास अंतिम मंज़ूरी के लिए भेजी जाएगी। गवर्निंग बॉडी ने जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की कार्यकारी समिति के पुनर्गठन को भी हरी झंडी दी, जिसमें स्वास्थ्य, NHM, वित्त, योजना तथा अन्य तकनीकी हितधारकों का प्रतिनिधित्व शामिल किया गया है। मुख्य सचिव ने आयुष कॉलेजों में फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी लाने और नियमित निरीक्षण के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।