बोटाद में ₹43.11 लाख के हीरों की चोरी: 14 मिनट में वारदात, 7 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के बोटाद जिले में 16 अगस्त को दिनदहाड़े ₹43.11 लाख मूल्य के हीरों की चोरी का बोटाद और अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने महज सात घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। सीसीटीवी फुटेज, ऑटो चालकों की गवाही और रेलवे की तकनीकी सहायता से पुलिस ने तीनों आरोपियों को बावला रेलवे स्टेशन पर दबोचा और चोरी के 1,885.75 कैरेट हीरे बरामद किए।
कैसे हुई चोरी
पुलिस के अनुसार, वारदात 16 अगस्त को दोपहर 1:09 बजे से 1:23 बजे के बीच हुई — यानी केवल 14 मिनट में। रविवार की छुट्टी के कारण नीलम डायमंड मार्केट, बोटाद की अधिकांश दुकानें बंद थीं। सीसीटीवी फुटेज में एक महिला भिखारी के वेश में हीरा कारोबारी अशोक भाई कंकोटिया के कार्यालय के पिछले दरवाजे से प्रवेश करती दिखी, और करीब 14 मिनट बाद एक पैकेट लेकर बाहर निकल गई।
कारोबारी अशोकभाई कंकोटिया ने बाद में पाया कि कार्यालय की एक दराज का ताला तोड़कर 1,437 कैरेट तैयार हीरों के पैकेट और बैग चोरी कर लिए गए हैं। चोरी गए हीरों की कीमत लगभग ₹3,000 प्रति कैरेट आंकी गई, जिससे कुल नुकसान ₹43.11 लाख का हुआ।
पुलिस की जांच और पीछा
पुलिस ने तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगाले और महिला द्वारा इस्तेमाल किए गए ऑटो का पता लगाया। ऑटो चालक ने बताया कि उसने महिला को खोडियारनगर इलाके में रेलवे ट्रैक के पास छोड़ा था। वहाँ पहुँचने पर संदिग्ध परिवार का घर बंद मिला।
जाँच में एक अन्य ऑटो चालक से पता चला कि दो महिलाएँ, दो पुरुष और एक बच्चा शाम करीब 4:31 बजे बोटाद रेलवे स्टेशन गए थे। रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी में संदिग्धों को सामान और बैग के साथ बोटाद-अहमदाबाद लोकल ट्रेन में सवार होते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने रेलवे की तकनीकी सहायता से ट्रेन की लोकेशन ट्रैक की।
जैसे ही पता चला कि आरोपी बोटाद जिले की सीमा पार कर चुके हैं, बोटाद पुलिस ने अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस से संपर्क किया। आरोपियों की तस्वीरें, कपड़ों का विवरण और पहचान संबंधी जानकारी व्हाट्सएप के जरिए संबंधित पुलिस टीमों तक पहुँचाई गई।
बावला स्टेशन पर गिरफ्तारी
शाम करीब 8:30 बजे ट्रेन के बावला रेलवे स्टेशन पहुँचने पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्धों की पहचान की और तीनों को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में आरोपियों ने चोरी में शामिल होने से इनकार किया, लेकिन तलाशी लेने पर महिला के बैग में कपड़ों और रजाई के नीचे छिपाया गया एक चमड़े का बटुआ मिला, जिसमें 14 प्लास्टिक जिप-लॉक पैकेट में हीरे रखे हुए थे।
स्थानीय जौहरी जिग्नेश सोनी की सहायता से हीरों की जाँच और तौल कराई गई। बरामद हीरों का कुल वजन 1,885.75 कैरेट निकला, जिसमें से शिकायतकर्ता और उनके साझेदार ने 1,437 कैरेट की पहचान चोरी के हीरों के रूप में की। पुलिस ने चोरी गई संपत्ति की 100 प्रतिशत बरामदगी का दावा किया है।
गिरफ्तार आरोपी और जब्त संपत्ति
पुलिस ने बाचूभाई सदमिया (55), विनाभाई धीरूभाई उर्फ धारूभाई चौहान और सपनाबेन (31) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी में दिखाई देने वाली महिला की पहचान सपनाबेन के रूप में हुई है। बाचूभाई के पास से ₹4,000 नकद और विनाभाई के पास से ₹180 नकद तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। कुल जब्त संपत्ति की कीमत ₹43.17 लाख आंकी गई है, जिसमें चोरी के हीरे, मोबाइल फोन और नकदी शामिल हैं।
आगे की जाँच
अतिरिक्त बरामद हीरों — यानी 1,885.75 कैरेट में से 1,437 कैरेट से अधिक की मात्रा — के स्रोत और स्वामित्व की जाँच जारी है। यह मामला गुजरात पुलिस की तेज़ तकनीकी-आधारित कार्यप्रणाली का उदाहरण बनकर सामने आया है, जहाँ सीसीटीवी, ऑटो नेटवर्क और रेलवे ट्रैकिंग को मिलाकर महज कुछ घंटों में मामला सुलझाया गया।