बेंगलुरु: ₹20 की चोरी का झूठा आरोप और शिक्षकों की फटकार, 8वीं की छात्रा मधुश्री ने की आत्महत्या
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के अनेकल तालुक स्थित मारासुरु सरकारी हाईस्कूल में पढ़ने वाली 8वीं कक्षा की छात्रा मधुश्री ने 10 जुलाई 2025 को आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, छात्रा ने एक सुसाइड नोट छोड़ा जिसमें स्कूल में शिक्षकों द्वारा कथित रूप से लगाए गए झूठे चोरी के आरोप और मानसिक प्रताड़ना को अपने इस कदम की वजह बताया। सूर्यनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम
गुरुवार रात मधुश्री अपने घर में फंदे से लटकी मिली। शुक्रवार सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया।
सुसाइड नोट में क्या लिखा
पुलिस के अनुसार, मधुश्री ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि स्कूल में उस पर ₹20 और ₹10 की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था। इस आरोप के बाद शिक्षकों ने उसे सार्वजनिक रूप से डाँटा-फटकारा, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई। नोट में यह भी उल्लेख है कि एक शिक्षक ने होमवर्क पूरा न करने पर उसे सजा दी और ₹20 का जुर्माना भरवाया। इसके साथ ही उसे स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी करने की धमकी भी दी गई थी।
नोट में मधुश्री ने अपनी माँ, भाई-बहनों और परिजनों से बार-बार माफी माँगी। उसने स्पष्ट लिखा कि यह निर्णय उसका अपना है और उसकी माँ को इसके लिए जिम्मेदार न ठहराया जाए।
परिवार के आरोप
मधुश्री की माँ ने स्कूल के शिक्षकों पर बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'घर में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। अगर होती तो मेरी बेटी मुझे जरूर बताती।' उन्होंने बताया कि उन्हें केवल इतना पता है कि स्कूल में कुछ शिक्षकों ने मधुश्री को परेशान किया था, लेकिन वे उन शिक्षकों की पहचान नहीं जानतीं।
पुलिस जाँच की स्थिति
सूर्यनगर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता की जाँच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन परिस्थितियों में छात्रा ने यह कदम उठाया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों के साथ शिक्षकों के व्यवहार को लेकर बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएँ बच्चों पर स्कूली दबाव और सामाजिक शर्मिंदगी के गहरे असर को उजागर करती हैं।
आगे क्या होगा
जाँच के दायरे में संबंधित शिक्षकों से पूछताछ और स्कूल प्रशासन का बयान शामिल होने की संभावना है। कर्नाटक के शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव में है, तो iCall हेल्पलाइन 9152987821 या Vandrevala Foundation हेल्पलाइन 1860-2662-345 पर संपर्क करें।