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विजयादशमी 2026: 20 या 21 अक्टूबर — सही तारीख, पूजा मुहूर्त और रावण दहन का समय

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विजयादशमी 2026: 20 या 21 अक्टूबर — सही तारीख, पूजा मुहूर्त और रावण दहन का समय

सारांश

इस साल दशहरे की तारीख दो दिनों में बँटी है — उत्तर भारत में 20 अक्टूबर तो पश्चिम बंगाल में 21 अक्टूबर। विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक है। दशमी तिथि का विस्तार इस असमंजस की वजह है।

मुख्य बातें

उत्तर भारत में दशहरा 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को मनाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में विजयादशमी और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन 21 अक्टूबर को होगा।
दशमी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 और समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे।
विजय मुहूर्त : दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक।
अपराह्न पूजा का समय: दोपहर 1:19 बजे से 3:37 बजे तक।
रावण दहन सूर्यास्त के बाद, समय स्थानीय रामलीला समिति के कार्यक्रम पर निर्भर।

हिंदू पंचांग के अनुसार दशहरा 2026 की तारीख को लेकर देशभर में असमंजस बना हुआ है — उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी, जबकि पश्चिम बंगाल सहित कुछ क्षेत्रों में यह पर्व 21 अक्टूबर को होगा। यह अंतर आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के विस्तार के कारण है।

दशमी तिथि का विवरण

पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल दशमी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा और इसका समापन 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। चूँकि तिथि दो दिनों तक फैली हुई है, इसलिए स्थानीय परंपराओं और सूर्योदय-आधारित नियमों के अनुसार तारीख भिन्न हो सकती है।

पूजा मुहूर्त और शुभ समय

विजय मुहूर्त — जिसे इस दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है — दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विजय मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता प्राप्ति की संभावना अधिक होती है।

इसके अतिरिक्त अपराह्न पूजा का शुभ समय दोपहर 1 बजकर 19 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में भगवान श्रीराम, माँ दुर्गा और शस्त्र पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है।

पूजा की परंपराएँ

विजयादशमी पर बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम द्वारा रावण-वध की स्मृति में देशभर में विविध अनुष्ठान होते हैं। शस्त्र पूजन, शमी वृक्ष की पूजा, और वाहन व व्यावसायिक उपकरणों का पूजन भी प्रचलित परंपराओं में शामिल है।

पश्चिम बंगाल में 21 अक्टूबर को दुर्गा पूजा का समापन होगा — माँ दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा और महिलाएं 'सिंदूर खेला' की परंपरा निभाएंगी, जो इस पर्व की एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है।

रावण दहन का समय और परंपरा

दशहरे की सबसे भव्य परंपराओं में रावण दहन प्रमुख है। उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में 20 अक्टूबर की शाम को रामलीला के समापन के पश्चात् रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। यह भगवान श्रीराम की उस ऐतिहासिक विजय का प्रतीक है, जिसमें उन्होंने रावण का वध कर माता सीता को मुक्त कराया था।

गौरतलब है कि रावण दहन का कोई एक राष्ट्रीय निर्धारित समय नहीं है — यह सामान्यतः सूर्यास्त के बाद होता है। विभिन्न नगरों में रामलीला समितियाँ और स्थानीय आयोजक अपने कार्यक्रम के अनुसार समय तय करते हैं। इस वर्ष दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में संध्याकाल में बड़े आयोजन प्रस्तावित हैं।

क्षेत्रवार सारांश

उत्तर भारत (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि): 20 अक्टूबर को दशहरा। पश्चिम बंगाल: 21 अक्टूबर को विजयादशमी और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन। स्थानीय पंचांग और परंपरा के आधार पर तारीख की पुष्टि अपने क्षेत्र के पुरोहित या पंचांग से अवश्य करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह हिंदू पंचांग की तिथि-प्रणाली और अंग्रेज़ी कैलेंडर के बीच की स्वाभाविक असंगति का परिणाम है — इसमें कोई विवाद नहीं, केवल क्षेत्रीय परंपराओं की विविधता है। उत्तर भारत सूर्योदय-प्रधान नियम से चलता है, तो बंगाल की दुर्गा पूजा अपनी अलग परंपरा रखती है। यह विविधता भारतीय सांस्कृतिक बहुलता की शक्ति है, कमज़ोरी नहीं — और पाठकों को सही मुहूर्त की जानकारी देना मीडिया की वास्तविक सार्वजनिक सेवा है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दशहरा 2026 कब है — 20 या 21 अक्टूबर?
उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में दशहरा 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को मनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल में विजयादशमी 21 अक्टूबर को होगी, क्योंकि दशमी तिथि 21 अक्टूबर की दोपहर तक रहती है।
विजयादशमी 2026 का विजय मुहूर्त क्या है?
पंचांग के अनुसार विजय मुहूर्त 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यह समय पूजा, शस्त्र पूजन और शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
रावण दहन 2026 किस समय होगा?
रावण दहन सामान्यतः सूर्यास्त के बाद होता है, लेकिन देशभर के लिए कोई एक निश्चित समय नहीं है। उत्तर भारत में 20 अक्टूबर की शाम रामलीला समापन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाएंगे — सटीक समय स्थानीय समिति के अनुसार अलग-अलग होगा।
अपराह्न पूजा का समय क्या है?
विजयादशमी पर अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 19 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक है। इस अवधि में भगवान श्रीराम, माँ दुर्गा और शस्त्रों की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
पश्चिम बंगाल में विजयादशमी कैसे मनाई जाती है?
पश्चिम बंगाल में 21 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर माँ दुर्गा की प्रतिमाओं का जलाशयों में विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ महिलाएं 'सिंदूर खेला' की परंपरा निभाती हैं, जो इस राज्य की अनूठी सांस्कृतिक विरासत है।
राष्ट्र प्रेस
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