क्या ग्रेटर हैदराबाद में नववर्ष पर नशे में वाहन चलाने के 2,731 मामले दर्ज किए गए?

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क्या ग्रेटर हैदराबाद में नववर्ष पर नशे में वाहन चलाने के 2,731 मामले दर्ज किए गए?

सारांश

ग्रेटर हैदराबाद में नववर्ष के जश्न के दौरान नशे में वाहन चलाने के 2,731 मामलों की रिपोर्ट हुई है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और दुर्घटनाओं को रोकना था। जानिए इस अभियान के परिणाम और पुलिस की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • ग्रेटर हैदराबाद में नशे में वाहन चलाने के 2,731 मामले दर्ज हुए।
  • पुलिस ने विशेष अभियान चलाया था।
  • सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य था।
  • नशे में वाहन चलाने के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
  • नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण है।

हैदराबाद, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नववर्ष समारोह के अवसर पर ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में नशे में वाहन चलाने के 2,731 मामले सामने आए हैं। 31 दिसंबर और 1 जनवरी की रात को पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा के तीन पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई।

हैदराबाद कमिश्नरेट में 1,198 मामले दर्ज किए गए, जबकि साइबराबाद में 928 और राचकोंडा कमिश्नरेट में 605 वाहन चालकों को नशे की हालत में पकड़ा गया।

हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना, नशे में वाहन चलाने पर रोक लगाना और नववर्ष समारोह के दौरान घातक व गैर-घातक सड़क हादसों के जोखिम को कम करना था।

हैदराबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) आर. वेंकटेश्वरलु ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का लक्ष्य बिना किसी दुर्घटना के नववर्ष का स्वागत करना था, ताकि नागरिक जिम्मेदारी और सुरक्षा के साथ जश्न मना सकें।

कुल 1,198 मामलों में से 1,042 दोपहिया वाहन चालकों, 51 तिपहिया और 105 चारपहिया और अन्य वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

पुलिस ने आरोपियों को ब्लड अल्कोहल कंसन्ट्रेशन (बीएसी) स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया। 35 से 50 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर बीएसी स्तर वाले 175 मामले दर्ज किए गए। 51–100 बीएसी स्तर के 468, 101–150 के 293, 151–200 के 163 मामले दर्ज हुए।

इसके अलावा, 201–250 बीएसी स्तर के 51 और 251–300 बीएसी स्तर के 31 मामले सामने आए। 300 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर से अधिक बीएसी स्तर के 17 मामले दर्ज किए गए।

संयुक्त आयुक्त ने कहा कि नशे में वाहन चलाने के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी और यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने यात्रियों से हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस के साथ सहयोग की अपील की।

इस बीच, हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने बिना किसी बड़ी घटना के नववर्ष मनाए जाने पर नागरिकों का आभार जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि सख्त प्रवर्तन, प्रभावी जागरूकता और जन सहयोग के कारण नशे में वाहन चलाने के खिलाफ चलाए गए अभियानों के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

उन्होंने लिखा, “यह संयोग से नहीं हुआ। जागरूकता ने काम किया, जिम्मेदारी की जीत हुई और आपके सहयोग ने फर्क पैदा किया। आइए, हैदराबाद को और अधिक सुरक्षित और वास्तव में वैश्विक शहर बनाने के लिए मिलकर काम करते रहें।”

पुलिस आयुक्त ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर ‘बंदोबस्त’ की सफल व्यवस्था और नशे में वाहन चलाने के कानूनों के सख्त प्रवर्तन के लिए सभी अधिकारियों को बधाई भी दी।

Point of View

सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। ग्रेटर हैदराबाद में नशे में वाहन चलाने के मामलों की संख्या चिंताजनक है, और यह दर्शाता है कि हमें जागरूकता और सख्त प्रवर्तन की आवश्यकता है। नागरिकों का सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

ग्रेटर हैदराबाद में नशे में वाहन चलाने के कितने मामले दर्ज किए गए?
ग्रेटर हैदराबाद में नववर्ष समारोह के दौरान नशे में वाहन चलाने के 2,731 मामले दर्ज किए गए।
पुलिस ने यह अभियान कब चलाया?
यह अभियान 31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरम्यानी रात को चलाया गया।
नशे में वाहन चलाने वाले चालक कितने प्रकार के थे?
इन मामलों में दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को शामिल किया गया।
पुलिस ने नशे के स्तर को कैसे वर्गीकृत किया?
पुलिस ने आरोपियों को उनके ब्लड अल्कोहल कंसन्ट्रेशन (बीएसी) स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया।
पुलिस का क्या उद्देश्य था?
पुलिस का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और बिना किसी दुर्घटना के नववर्ष का स्वागत करना था।
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