अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 33 साल पुराने हत्या मामले में कुएं से बरामद किए मानव अवशेष
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को वटवा इलाके में स्थित एक कुएं से मानव अवशेष बरामद किए, जिनके बारे में जांचकर्ताओं को संदेह है कि ये 1992 में कथित तौर पर मारी गई महिला फरजाना उर्फ शबनम के हैं। यह घटनाक्रम तीन दशक से भी अधिक पुराने एक हत्या मामले की जांच में अहम मोड़ साबित हो सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
वटवा के कुम्हार नगर चौक के निकट स्थित एक कुएं पर एक्सकेवेटर की सहायता से खुदाई की गई, जिसके दौरान कंकाल के अवशेष मिले। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने के बाद ही खुदाई का कार्य शुरू किया गया था। स्थानीय निवासियों को पहले से सूचित किया गया था और किसी भी असुविधा के लिए मुआवज़े का आश्वासन दिया गया था।
पीड़िता और संदिग्ध की पृष्ठभूमि
जांचकर्ताओं के अनुसार, फरजाना उर्फ शबनम मूलतः मुंबई की निवासी थीं और 1992 में अपने साथी शमशुद्दीन से मिलने अहमदाबाद आई थीं। पुलिस का मानना है कि फरजाना के आगमन के बाद घर में कलह उत्पन्न हुई, जिसके चलते शमशुद्दीन ने कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी। डीसीपी अजीत राजियन ने बताया कि हत्या के पीछे का संदिग्ध मकसद एक विवाहेतर संबंध से जुड़ा 'क्राइम ऑफ पैशन' माना जा रहा है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है।
मामला कैसे सामने आया
यह मामला तब दोबारा उजागर हुआ जब आरोपी के परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर बार-बार मतिभ्रम और गंभीर मानसिक परेशानी होने लगी। राहत पाने की कोशिश में उन्होंने तांत्रिक क्रियाओं और आध्यात्मिक उपायों का सहारा लिया, जिस दौरान कुछ अहम जानकारियाँ सामने आईं। डीसीपी राजियन ने कहा,