BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर का AAP पर हमला: 'पूरी तरह अराजक पार्टी, दिल्ली-पंजाब में दिख रहा असर'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने 18 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला और कहा कि 'आप' एक 'पूरी तरह अराजक पार्टी' है, जिसका असर दिल्ली और पंजाब दोनों में साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने AAP पार्षद विजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई न होने और पंजाब में BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हुए हमले को मुद्दा बनाया।
पंजाब में बिट्टू पर हमले पर भाजपा की प्रतिक्रिया
BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने पंजाब में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हुए हमले को AAP शासन की विफलता बताया। उन्होंने कहा, 'पंजाब में पुलिस प्रशासन अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और मनीष सिसोदिया के हाथों में है।' कपूर के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति AAP नेतृत्व की प्राथमिकता नहीं रही।
सफाई कर्मचारी की आत्महत्या का मामला और पार्षद पर आरोप
कपूर ने AAP पार्षद विजय कुमार के खिलाफ एक गंभीर आरोप उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी दीपक को घर बनाने के सपने का हवाला देकर पहले ₹15 लाख का कर्ज दिलाया गया। आरोप है कि यह राशि कथित तौर पर किसी दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दी गई और कर्मचारी की चेकबुक व एटीएम कार्ड पार्षद ने अपने पास रख लिए।
भाजपा नेता के अनुसार, जब कर्मचारी ने धन वापसी की माँग की, तो उससे कथित तौर पर कहा गया कि ₹25,000 प्रति लाख — यानी कुल ₹3 लाख से अधिक — अदा करने के बाद ही पैसे लौटाए जाएंगे। अत्यधिक दबाव में आकर कर्मचारी दीपक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। कपूर ने बताया कि BJP टीम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और अब जाँच चल रही है।
प्रदर्शन की चेतावनी
भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि शनिवार को त्रिलोकपुरी और कल्याणपुरी क्षेत्र की स्थानीय महिला कार्यकर्ताएं पार्षद विजय कुमार के त्रिलोकपुरी स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगी और पार्षद के इस्तीफे की माँग करेंगी।
कपूर ने चेतावनी दी कि यदि माँग नहीं मानी गई, तो रविवार को अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज के कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब AAP दिल्ली में विपक्ष में होते हुए भी कई स्थानीय विवादों के केंद्र में है।
आगे क्या होगा
पुलिस जाँच जारी है और BJP ने संकेत दिया है कि यदि AAP पार्षद विजय कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन को और विस्तार दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह मामला दिल्ली नगर निगम में AAP पार्षदों पर लगातार बढ़ते आरोपों की कड़ी में नवीनतम है, और विपक्ष इसे पार्टी के शासन-मॉडल पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है।