आस्था कुंज गैंगरेप: आरोपियों के मोबाइल FSL जांच को भेजे, आसिफ के फोन से अश्लील वीडियो बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जाँच एजेंसियों ने डिजिटल साक्ष्य जुटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों — आसिफ, हेमंत और मुकेश — के मोबाइल फोन फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने घटना के दौरान पीड़िता का वीडियो बनाया हो सकता है।
डिजिटल साक्ष्य और FSL जांच
सूत्रों के अनुसार, आरोपी आसिफ के मोबाइल फोन में कई अश्लील वीडियो मिलने की बात सामने आई है। वहीं, दोनों भाइयों — मुकेश और हेमंत — ने अपने फोन की सर्च हिस्ट्री डिलीट की थी। जाँच एजेंसियाँ अब तीनों की डिजिटल गतिविधियों और डिजिटल फुटप्रिंट की गहन पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस का मानना है कि घटना महज सांयोगिक नहीं थी — यह ऐसे समय में आई है जब डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका यौन हिंसा मामलों में न्यायालयों में निर्णायक साबित हो रही है।
आपराधिक साजिश की धाराएँ जोड़ी गईं
आसिफ के पास से पिस्टल, चाकू और कंडोम बरामद होने के बाद एफआईआर में आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएँ भी जोड़ी गई हैं। पुलिस यह जाँच कर रही है कि क्या आसिफ पहले से हथियार लेकर चलने का आदी था और क्या उसने इससे पूर्व भी पार्क में अन्य महिलाओं को निशाना बनाया था। गौरतलब है कि इन बरामदगियों ने इस घटना को पूर्वनियोजित अपराध की श्रेणी में ला दिया है।
पुलिस की आड़ में किया वारदात
आरोप है कि तीनों आरोपियों ने पीड़िता और उसके दोस्त पर दबाव बनाने के लिए खुद को पुलिसकर्मी बताया और 'जनाब' जैसी भाषा का इस्तेमाल किया। यह तथ्य मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है, क्योंकि कानून प्रवर्तन की नकल करना एक अलग आपराधिक धारा के अंतर्गत आता है।
घटना के बाद दोनों भाई एक खाने की दुकान गए और फिर श्रीनिवासपुरी स्थित अपने घर लौटकर कथित तौर पर सबूत मिटाने के लिए कपड़े धोए। आरोप यह भी है कि उन्होंने पीड़िता को घटना किसी को न बताने की धमकी दी।
पीड़िता की शिकायत और गिरफ्तारी
पीड़िता ने घटना अपने मित्र को बताई, जिसने तत्काल पीसीआर को कॉल कर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपी आसिफ को एनकाउंटर के बाद अमर कॉलोनी इलाके से गिरफ्तार किया। इसके बाद हेमंत और उसके भाई मुकेश को भी हिरासत में लिया गया।
आगे की जांच
मामले में पुलिस की जाँच जारी है। FSL रिपोर्ट आने के बाद आरोप-पत्र को और मज़बूत आधार मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य यह भी स्पष्ट कर सकते हैं कि क्या यह घटना किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी है।