'हम दिल से गाते हैं': अभिजीत भट्टाचार्य का तंज, इंडियन आइडल में एक्टर्स को मिलने वाले क्रेडिट पर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- गायक गाने में असली भावनाएं डालते हैं।
- अभिजीत भट्टाचार्य का करियर शानदार रहा है।
- 'इंडियन आइडल' में पुराने गानों का जश्न मनाया जाएगा।
मुंबई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के संगीत क्षेत्र में एक लंबे समय से चल रही बहस है कि क्या फिल्मों में गाने का असली श्रेय गायक को मिलना चाहिए या उन्हें पर्दे पर निभाने वाले अभिनेता को? अक्सर देखा जाता है कि दर्शक गाने को उस अभिनेता से जोड़ देते हैं, जो स्क्रीन पर दिखाई देता है, जबकि असल में उसे किसी प्लेबैक सिंगर ने गाया होता है।
इसी मुद्दे को एक बार फिर मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने उठाया है। सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में पहुंचकर उन्होंने इस पर अपने अनोखे अंदाज में टिप्पणी की, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। शो के होस्ट आदित्य नारायण ने उनसे पूछा कि क्या अभिनेता गानों का अधिक श्रेय ले लेते हैं। इस पर अभिजीत ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, ''अभिनेता बहुत अच्छा गाते हैं, लेकिन असली फर्क यह है कि गायक दिल से गाते हैं।''
अभिजीत के इस बयान का अर्थ है कि गाने में असली भावनाएं और आत्मा सिंगर ही डालता है, जबकि अभिनेता उसे केवल पर्दे पर पेश करता है। उनका यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग मुस्कुराने लगे।
इस बातचीत के दौरान एक दिलचस्प तथ्य भी सामने आया। आदित्य नारायण ने बताया कि अभिजीत और उनके पिता उदित नारायण ने करीब 35 साल पहले अपना पहला डुएट गाना साथ में गाया था। यह सुनकर दर्शकों की यादें ताजा हो गईं।
'इंडियन आइडल' का आने वाला एपिसोड खास होने वाला है, क्योंकि इस बार पुराने दौर के मशहूर गानों और यादों का जश्न मनाया जाएगा। इस स्पेशल एपिसोड में 90 के दशक के दो दिग्गज सिंगर्स, अभिजीत भट्टाचार्य और कविता कृष्णमूर्ति, एक साथ नजर आएंगे।
अगर हम अभिजीत भट्टाचार्य के करियर की बात करें, तो उन्होंने पिछले तीन दशकों में बॉलीवुड को 'चांद तारे', 'मैं कोई ऐसा गीत गाऊं' और 'तौबा तुम्हारे इशारे' जैसे कई सुपरहिट गाने दिए हैं। उनके गाए गाने आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।