दिल्ली एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके की हिरासत: 'सरकार ने गलत किया' — भड़के माता-पिता
सारांश
मुख्य बातें
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिए जाने के बाद उनके परिवार ने सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं। 10 अक्टूबर 2026 को संभाजीनगर से आई इस खबर में अभिजीत के पिता भगवान दीपके ने इस कार्रवाई को भारत के इतिहास की पहली ऐसी घटना बताया, जिसमें एक छात्र को विमान के भीतर से गिरफ्तार किया गया हो।
पिता का आरोप — लोकतंत्र को दबाया जा रहा है
भगवान दीपके ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं देखा कि बड़े-बड़े अपराधियों या विदेशों में देश का धन ले जाने वाले उद्योगपतियों को इस तरह गिरफ्तार किया गया हो, लेकिन लोकतंत्र के लिए आवाज़ उठाने वाले एक सामान्य छात्र को हिरासत में ले लिया गया। उनके अनुसार, जो लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए बोल रहे हैं, उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
भगवान दीपके ने यह भी दावा किया कि सरकार का लक्ष्य 'वन नेशन, वन पार्टी' की दिशा में आगे बढ़ना और अन्य राजनीतिक दलों को समाप्त करना है। देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सीधे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब भारत में लोकतंत्र बचा है।
गिरफ्तारी की पूर्व आशंका — परिवार था सतर्क
अभिजीत के पिता ने बताया कि उनका बेटा घर से निकलते समय यह कहकर गया था कि उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में भी आरोप लगाया कि उन्हें पहले से ही एक खास कार्रवाई के लिए लाया गया था और यह सब एक पूर्व-निर्धारित योजना का हिस्सा था। इस दावे के समर्थन में उन्होंने संसद में सांसदों के निलंबन और राष्ट्रपति के अधिकारों से जुड़े कानून का उल्लेख किया।
इंदिरा गांधी के आपातकाल से मौजूदा हालात की तुलना पर उन्होंने कहा कि उन्हें आपातकाल की विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन अभिजीत के साथ हुए व्यवहार को देखने के बाद वे आगे का कदम तय करेंगे।
माँ की पीड़ा — 'रोते हुए विदा किया था'
अभिजीत की माँ अनीता दीपके ने भावुक होते हुए कहा कि सरकार ने उनके बेटे के साथ अच्छा नहीं किया। उन्होंने कहा, 'देश के लिए काम करने वाले बच्चों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि अपराध करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती।'
अनीता दीपके ने बताया कि उन्हें पहले से ही डर था कि उनके बेटे को हिरासत में लिया जा सकता है। जब अभिजीत घर से जा रहे थे, तब उन्होंने उसे आगाह भी किया था। लेकिन अभिजीत ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। माँ ने कहा, 'मैंने उसे रोते हुए विदा किया था, लेकिन अभिजीत ने कहा था — रोओ मत, जो होगा अच्छे के लिए होगा।'
मौजूदा हालात पर परिवार की प्रतिक्रिया
अनीता दीपके ने कहा कि मौजूदा हालात उन्हें अच्छे नहीं लग रहे। उनके अनुसार, सरकार ने उनके बेटे के साथ गलत किया है और इस कार्रवाई से उन्हें गहरा दुख पहुँचा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक गतिविधियों और सामाजिक आंदोलनों को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब है कि अभिजीत दीपके की हिरासत और उनके परिवार की यह प्रतिक्रिया नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक विरोध के अधिकार पर एक व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ला देती है। आगे की कानूनी कार्रवाई और परिवार का अगला कदम इस मामले की दिशा तय करेगा।