अभिषेक बनर्जी ने सीईसी को पत्र लिखकर सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट के रोजाना प्रकाशन की अपील की

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अभिषेक बनर्जी ने सीईसी को पत्र लिखकर सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट के रोजाना प्रकाशन की अपील की

सारांश

अभिषेक बनर्जी ने सीईसी को लिखा पत्र, जिसमें उन्होंने अंतिम मतदाताओं की पूरक सूचियों के दैनिक प्रकाशन की मांग की है। यह मांग न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की गई है, जिससे चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

Key Takeaways

  • अभिषेक बनर्जी ने सीईसी को पत्र लिखा है।
  • सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट का दैनिक प्रकाशन जरूरी है।
  • पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं हुआ।
  • तृणमूल कांग्रेस ने सुधार की मांग की है।

कोलकाता, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार की रात मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को एक पत्र भेजकर अंतिम मतदाताओं की पूरक सूचियों के दैनिक प्रकाशन की मांग की, जो तार्किक विसंगति श्रेणी के तहत पहचाने गए मतदाताओं के न्यायिक निर्णय की प्रगति के अनुसार 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।

पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट, जिसमें से ज्यूडिशियल एडज्यूडिकेशन के लिए भेजे गए 60 लाख केस हटा दिए गए थे, 28 फरवरी को जारी की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुसार, सप्लीमेंट्री लिस्ट सही समय पर प्रकाशित की जाएगी। अब, बनर्जी ने मांग की है कि ज्यूडिशियल एडज्यूडिकेशन की दैनिक प्रगति के अनुसार सप्लीमेंट्री लिस्ट को प्रतिदिन प्रकाशित किया जाए।

अपने पत्र में, जिसकी एक कॉपी समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस के पास मौजूद है, तृणमूल कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी ने पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन रजिस्टर के प्रकाशन में पारदर्शिता और प्रक्रियात्मक अनुपालन पर चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, अब तक कोई स्पष्ट नोटिफिकेशन नहीं आया है जिससे यह पुष्टि हो सके कि रोजाना सप्लीमेंट्री निर्वाचन रोल के माध्यम से शामिल मतदाताओं को फाइनल निर्वाचन रोल का हिस्सा माना जाएगा।

पत्र में उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का पालन नहीं किया गया है जिनमें एडज्यूडिकेशन के परिणामों को दर्शाने वाली सप्लीमेंट्री निर्वाचन रोल के दैनिक प्रकाशन को अनिवार्य बनाया गया था। बनर्जी के अनुसार, दावों और आपत्तियों पर निर्णय देने वाली प्राधिकृत संस्थाओं के निर्णयों में पारदर्शिता की कमी थी, जो सार्वजनिक रूप से नहीं बताई जा रही थी, जो उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन था।

बनर्जी ने यह भी कहा कि किसी मतदाता का नाम अस्वीकृत या हटाने का सही आदेश न होने के कारण, नागरिकों को कानूनी मदद लेने का अवसर नहीं मिला।

तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार रात एक बयान जारी करते हुए दावा किया, "हमारे राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सुधार के कदम उठाने की मांग की है। बंगाल के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रहेगी।"

Point of View

NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

अभिषेक बनर्जी ने सीईसी को पत्र क्यों लिखा?
उन्होंने अंतिम मतदाताओं की पूरक सूचियों के दैनिक प्रकाशन की मांग की है ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट का क्या महत्व है?
यह सूची उन मतदाताओं को पहचानती है जिन्हें न्यायिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत रखा गया है, और यह चुनावी पारदर्शिता को बढ़ाने में मदद करती है।
क्या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया?
बनर्जी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है, जिससे प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी आई है।
तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर क्या बयान दिया?
तृणमूल कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग की है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।
पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता क्यों महत्वपूर्ण है?
यह लोकतंत्र के लिए आवश्यक है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि नागरिकों का विश्वास बना रहे।
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