आगर मालवा में बगलामुखी दर्शन को गई कार नाले में बही, 3 बच्चों समेत 8 श्रद्धालुओं की मौत
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जनपद के नलखेड़ा क्षेत्र में 19 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक हादसे में मां बगलामुखी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी कार तेज बारिश से उफनते नाले में बह गई, जिससे तीन बच्चों, दो महिलाओं और तीन पुरुषों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतकों में से अधिकांश ओडिशा के निवासी थे जो उज्जैन से किराये की कार लेकर दर्शन के लिए निकले थे।
कैसे हुआ हादसा
घटना मां बगलामुखी मंदिर के समीप स्थित एक बरसाती नाले पर उस समय हुई जब श्रद्धालुओं से भरी कार नाले को पार करने की कोशिश कर रही थी। आगर मालवा पुलिस अधीक्षक के अनुसार, चालक को पानी के तेज बहाव का सही अंदाज़ा नहीं था, और नाले को पार करने के प्रयास में कार बहाव के साथ नाले में समा गई। रात के अंधेरे में यह हादसा किसी की नजर में नहीं आ सका।
शनिवार की सुबह जब नाले का जलस्तर उतरा, तब राहगीरों को नाले में कार दिखी। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुँचा। कार के अंदर से 8 शव बरामद किए गए। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मृतकों की पहचान
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कार में सवार 7 लोग ओडिशा के निवासी थे। उन्होंने उज्जैन से किराये पर कार लेकर नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के दर्शन की यात्रा शुरू की थी। आगर मालवा पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की कि 8 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी थी।
मध्य प्रदेश में बारिश से बढ़ता खतरा
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश से कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। इससे पहले मंडला में भी एक युवती नर्मदा नदी के तेज बहाव में बह गई थी। मौके पर मौजूद मछुआरों ने समय रहते उसे करीब 200 मीटर दूर पानी से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। युवती के बैग में मिले कागज़ से उसकी पहचान टिकरिया थाना क्षेत्र की निवासी के रूप में हुई और परिजनों को सूचना दी गई।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हर मानसून सीजन में नाले-नदियों को पार करने के प्रयास में ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई जानें जाती हैं। विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में उफनते जल-प्रवाह को पार करने के खिलाफ स्थानीय लोगों और यात्रियों को बार-बार चेतावनी दी जाती है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण ऐसी त्रासदियाँ रुक नहीं पाती।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
आगर मालवा के जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करवाया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा लिया। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले की विस्तृत जाँच की जाएगी कि उफनते नाले पर वाहन-संचालन को रोकने के लिए कोई अवरोध क्यों नहीं लगाया गया था।
आने वाले दिनों में मानसूनी बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ऐसे खतरनाक स्थलों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने पर विचार कर रहा है।