21 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जोधपुर में एजीटीएफ की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटर गिरफ्तार, पंजाब में ₹5 लाख का था इनाम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जोधपुर में एजीटीएफ की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटर गिरफ्तार, पंजाब में ₹5 लाख का था इनाम

सारांश

राजस्थान एजीटीएफ ने जोधपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो कथित शार्पशूटर — जसकरण सिंह और राजिंदर उर्फ बिल्ला — को दबोचा। दोनों पंजाब में दो बिजनेसमैन की हत्या में वॉन्टेड थे और मारवाड़ में एक और कारोबारी को निशाना बनाने की फिराक में थे। हर एक पर ₹5 लाख का इनाम था।

मुख्य बातें

एजीटीएफ ने 21 सितंबर 2026 को जोधपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो कथित शार्पशूटर गिरफ्तार किए।
आरोपियों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण/सनी/कट्टा (फाजिल्का) और राजिंदर उर्फ बिल्ला (अबोहर) के रूप में हुई।
पंजाब पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी पर ₹5 लाख प्रति व्यक्ति का इनाम घोषित किया था।
दोनों अबोहर में संजय वर्मा और फाजिल्का में साहिल सेन की हत्या के मामलों में वॉन्टेड थे।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, दोनों शूटर वारदात के बाद कथित तौर पर नेपाल फरार हो जाते थे।
दोनों मारवाड़ के एक बड़े बिजनेसमैन पर हमले की योजना के साथ जोधपुर आए थे; जाँच जारी है।

राजस्थान एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने 21 सितंबर 2026 को जोधपुर में एक सफल ऑपरेशन के तहत लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो कथित शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को मारवाड़ इलाके के एक बड़े बिजनेसमैन पर हमला करने के लिए पंजाब से जोधपुर बुलाया गया था।

ऑपरेशन का घटनाक्रम

एजीटीएफ के एडीजी दिनेश एम.एन. ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर यह ऑपरेशन तब शुरू किया गया जब पता चला कि दोनों संदिग्ध जोधपुर में डेरा जमाए हुए हैं और एक बड़े बिजनेसमैन को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।

टीम के सदस्य राकेश को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी मध्य प्रदेश से सिरोही होते हुए जोधपुर पहुँचे हैं। इसके बाद उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई और मौका पाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

यह ऑपरेशन एएसपी सिद्धांत शर्मा, डिप्टी एसपी रवींद्र प्रताप सिंह, और इंस्पेक्टर सुनील जांगिड़रामसिंह नथावत की अगुवाई वाली टीमों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों में पहला है जसकरण सिंह उर्फ करण, सनी और कट्टा — जो फाजिल्का के हरसिंह राय नगर का रहने वाला है — और दूसरा है राजिंदर उर्फ बिल्ला — जो अबोहर के बलुआना का निवासी है।

पंजाब पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर प्रत्येक के लिए ₹5 लाख के इनाम की घोषणा पहले ही कर रखी थी। एजीटीएफ के अनुसार, गैंग के कई अन्य सदस्य फिलहाल जेल में होने की वजह से इन दोनों को संगठन के लिए अहम माना जाता था।

पंजाब में हत्याओं से कड़ी

एजीटीएफ के अनुसार, दोनों आरोपी पंजाब में दो बिजनेसमैन की हत्या के मामलों में वॉन्टेड थे। जाँचकर्ताओं का मानना है कि जसकरण और राजिंदर कथित तौर पर अबोहर में कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा और फाजिल्का में साहिल सेन की हत्या में शामिल थे।

जाँचकर्ताओं को संदेह है कि ये हत्याएँ लॉरेंस गैंग के निर्देश पर रंगदारी से जुड़ी गतिविधियों के तहत की गई थीं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे जोधपुर में एक बड़े बिजनेसमैन को निशाना बनाने की योजना लेकर आए थे।

अपराध का तरीका

जाँचकर्ताओं के अनुसार, दोनों शूटर कथित तौर पर वारदात को अंजाम देने के बाद नेपाल फरार हो जाते थे और किसी नए टारगेट के लिए निर्देश मिलने पर भारत लौटते थे। यह ऑपरेशनल पैटर्न पुलिस के लिए उनकी निगरानी को चुनौतीपूर्ण बनाता था।

गौरतलब है कि यह तरीका उस व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है जिसमें गैंग अपने सक्रिय शूटरों को देश के बाहर रखता है और ज़रूरत पड़ने पर वापस बुलाता है।

आगे की जाँच

एजीटीएफ अभी उस संभावित टारगेट की पहचान, हमले की योजना के पीछे की वजह और दोनों संदिग्धों से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस की संगठित अपराध के खिलाफ जारी मुहिम की कड़ी है, जो ऐसे समय में आई है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग की देशभर में बढ़ती गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब तक गैंग का कमांड ढाँचा — जो कथित तौर पर जेल से ही संचालित होता है — टूटता नहीं, तब तक ऐसी गिरफ्तारियाँ अपराध के प्रवाह को कितना रोक पाएँगी। मारवाड़ के बिजनेसमैन समुदाय में रंगदारी का बढ़ता खौफ भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एजीटीएफ ने जोधपुर में किन्हें गिरफ्तार किया?
एजीटीएफ ने जसकरण सिंह उर्फ करण (फाजिल्का, पंजाब) और राजिंदर उर्फ बिल्ला (अबोहर, पंजाब) को गिरफ्तार किया। दोनों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित शार्पशूटर बताए जा रहे हैं और पंजाब में दो बिजनेसमैन की हत्या के मामलों में वॉन्टेड थे।
इन शूटरों पर कितना इनाम था और किसने घोषित किया था?
पंजाब पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर हर एक के लिए ₹5 लाख के इनाम की घोषणा की थी। यह इनाम इन दोनों की पंजाब में हुई हत्याओं से संदिग्ध संलिप्तता के चलते घोषित हुआ था।
दोनों आरोपी जोधपुर क्यों आए थे?
एजीटीएफ के अनुसार, दोनों को मारवाड़ इलाके के एक बड़े बिजनेसमैन पर हमला करने के लिए पंजाब से जोधपुर बुलाया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर इस मंशा की पुष्टि की है।
दोनों शूटरों का अपराध करने का तरीका क्या था?
जाँचकर्ताओं के मुताबिक, दोनों कथित तौर पर वारदात के बाद नेपाल फरार हो जाते थे और नए टारगेट के लिए निर्देश मिलने पर वापस भारत आते थे। इस ऑपरेशनल पैटर्न की वजह से इनकी पहचान और गिरफ्तारी कठिन थी।
इस ऑपरेशन को किसने अंजाम दिया और आगे क्या होगा?
यह ऑपरेशन एएसपी सिद्धांत शर्मा, डिप्टी एसपी रवींद्र प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर सुनील जांगिड़ व रामसिंह नथावत की टीमों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाया। अब एजीटीएफ उस बिजनेसमैन की पहचान, साजिश के पीछे की वजह और इनसे जुड़े बड़े नेटवर्क की जाँच में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले