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अगस्ता वेस्टलैंड: सुप्रीम कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका पर CBI को नोटिस, 4 मई को सुनवाई

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अगस्ता वेस्टलैंड: सुप्रीम कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका पर CBI को नोटिस, 4 मई को सुनवाई

सारांश

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने CBI को नोटिस दिया है। मिशेल का दावा है कि वे अधिकतम सजा काट चुके हैं। 4 मई को अगली सुनवाई में फैसले की दिशा तय होगी।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका पर CBI को नोटिस जारी किया।
अगली सुनवाई 4 मई 2025 को निर्धारित की गई है।
मिशेल का दावा है कि वे प्रत्यर्पण आधारित आरोपों की अधिकतम सजा काट चुके हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय पहले ही उनकी याचिका खारिज कर चुका है।
मिशेल को दिसंबर 2018 में UAE से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।
यह मामला 3,600 करोड़ रुपये के VVIP हेलीकॉप्टर सौदे में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की रिहाई की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 4 मई 2025 को निर्धारित की है। यह मामला देश के सबसे चर्चित रक्षा घोटालों में से एक माना जाता है।

मिशेल की दलील — अधिकतम सजा पहले ही काट चुके हैं

क्रिश्चियन मिशेल जेम्स ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि जिन आरोपों के आधार पर उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पित किया गया था, उन आरोपों के लिए निर्धारित अधिकतम सजा की अवधि वे जेल में पूरी कर चुके हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति में उनका निरंतर कारावास कानूनी दृष्टि से अनुचित और असंवैधानिक है।

मिशेल ने यह भी कहा कि उन्हें उन मामलों में भी घेरा जा रहा है, जो मूल प्रत्यर्पण आदेश का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने भारत-UAE प्रत्यर्पण संधि के एक विशेष प्रावधान को चुनौती देते हुए कहा कि इसका दुरुपयोग किया जा रहा है।

दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही कर चुका है याचिका खारिज

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने मिशेल की याचिका को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि उनकी दलीलों में कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मिशेल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब शीर्ष अदालत ने CBI से जवाब मांगकर यह संकेत दिया है कि वह इस मामले को गंभीरता से परख रही है।

कौन हैं क्रिश्चियन मिशेल और क्या है पूरा मामला

क्रिश्चियन मिशेल जेम्स एक ब्रिटिश नागरिक हैं, जिन्हें दिसंबर 2018 में UAE से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाई और इस सौदे में भारी रिश्वत का लेन-देन हुआ।

यह सौदा इटली की कंपनी AgustaWestland के साथ हुआ था, जिसके तहत भारतीय वायुसेना के लिए 12 VVIP हेलीकॉप्टर खरीदे जाने थे। बाद में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते यह सौदा रद्द कर दिया गया था। इस मामले में CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों अलग-अलग जांच कर रहे हैं।

गहरा विश्लेषण — क्यों अहम है यह सुनवाई

यह मामला केवल एक व्यक्ति की रिहाई का नहीं है। प्रत्यर्पण संधि की व्याख्या पर सुप्रीम कोर्ट का रुख भविष्य में अन्य प्रत्यर्पण मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर स्थापित कर सकता है। गौरतलब है कि भारत ने पिछले एक दशक में कई देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां की हैं और इन संधियों की सीमाओं पर स्पष्टता की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

दूसरी ओर, मिशेल की रिहाई से जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ सकता है क्योंकि वे अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं दिला पाई हैं। यह सवाल भी उठता है कि क्या छह साल से अधिक समय की जांच के बाद भी मुकदमा इतना कमजोर है कि आरोपी रिहाई की मांग कर सके।

4 मई 2025 की सुनवाई में CBI का जवाब और अदालत का रुख तय करेगा कि मिशेल को राहत मिलती है या उन्हें जेल में ही रहना होगा। यह फैसला भारत की रक्षा खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की बहस को भी नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही अब कानूनी पेचीदगियों में उलझ गया है। सुप्रीम कोर्ट का रुख न केवल इस मामले बल्कि भविष्य की प्रत्यर्पण संधियों की व्याख्या के लिए भी निर्णायक होगा — और यही इस सुनवाई को असाधारण बनाता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्रिश्चियन मिशेल ने सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग की है?
क्रिश्चियन मिशेल ने सुप्रीम कोर्ट में रिहाई की मांग करते हुए कहा है कि वे उन आरोपों की अधिकतम सजा जेल में काट चुके हैं जिनके आधार पर उन्हें भारत लाया गया था। उन्होंने भारत-UAE प्रत्यर्पण संधि के एक प्रावधान को भी चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका पर CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने अगली सुनवाई 4 मई 2025 को निर्धारित की है।
अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला क्या है?
अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला इटली की कंपनी AgustaWestland के साथ हुए 3,600 करोड़ रुपये के VVIP हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़ा है। इसमें रिश्वत के आरोपों के चलते सौदा रद्द किया गया और CBI व ED दोनों जांच कर रहे हैं।
क्रिश्चियन मिशेल को भारत कब और कैसे लाया गया?
क्रिश्चियन मिशेल को दिसंबर 2018 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाया गया था। वे ब्रिटिश नागरिक हैं और उन पर वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मिशेल की याचिका क्यों खारिज की थी?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मिशेल की याचिका यह कहते हुए खारिज की थी कि उनकी दलीलों में कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। इसके बाद मिशेल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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