क्या पीएम मोदी का क्रेज 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम वाली पतंग ने सबका ध्यान खींचा?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम की पतंग उड़ाई।
- यह महोत्सव भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।
- पतंग का डिज़ाइन आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया।
- इस महोत्सव में लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
अहमदाबाद, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव' में इस बार एक विशेष पतंग ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह पतंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर आधारित थी, जिसे एक विशेष एप्लिकेशन के माध्यम से डिजाइन किया गया था। खास बात ये है कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं इस अद्वितीय पतंग को उड़ाया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।
इस पतंग को 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम पर तैयार किया गया था। पतंग बनाने वाले कलाकारों के अनुसार, इस थीम के जरिए देशभक्ति और राष्ट्रीय गर्व की भावना को प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया। पतंग का डिज़ाइन बेहद बारीक और आकर्षक था, जिसे तैयार करने में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले मटीरियल का इस्तेमाल किया गया।
इंडोनेशिया के जकार्ता स्थित इंडोनेशिया काइट म्यूजियम से आए एंडांग ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि यह पतंग लगभग आठ साल पहले बनाई गई थी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में जब प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के दौरे पर गए थे, तब जकार्ता में उन्होंने यही पतंग उड़ाई थी। उस समय भारत और इंडोनेशिया की दोस्ती के 70 साल पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा था।
एंडांग के अनुसार, उस ऐतिहासिक मौके पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी ने साथ मिलकर यह पतंग उड़ाई थी। पतंग को तैयार करने में लगभग एक सप्ताह का समय लगा था और इसमें बेहद नाजुक काम किया गया था।
दूसरी ओर, 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम वाली पतंग ने भी लोगों को आकर्षित किया। राजस्थान के उदयपुर से आए प्रवीण कुमार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "हमें बहुत गर्व है कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी बनाई हुई पतंग उड़ाई। इस बार हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' को थीम के रूप में चुना था।"
वहीं, भारतीय पतंग टीम के सदस्य वरुण चड्ढा ने कहा, "पीएम मोदी के आने से यहां जो खुशनुमा माहौल बना, वह सराहनीय है। यह इवेंट अत्यंत सफल रहा और लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।"
अहमदाबाद का यह पतंग महोत्सव न केवल रंग-बिरंगी पतंगों के लिए, बल्कि भारत और इंडोनेशिया की दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रतीक के रूप में भी यादगार बन गया।