17 जुलाई 2026
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अहमदाबाद पुलिस का 'मिशन फिट खाकी' पूरा, 12 हफ्तों में 10 पुलिसकर्मियों ने घटाया 17 किलो तक वजन

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अहमदाबाद पुलिस का 'मिशन फिट खाकी' पूरा, 12 हफ्तों में 10 पुलिसकर्मियों ने घटाया 17 किलो तक वजन

सारांश

'मिशन फिट खाकी' सिर्फ एक फिटनेस ड्राइव नहीं थी — यह खाकी वर्दी की सेहत को लेकर एक ठोस प्रयोग था। 12 हफ्तों में 10 पुलिसकर्मियों ने 17 किलो तक वजन घटाया और कई की ब्लड प्रेशर व शुगर की दवाइयाँ बंद हुईं। अब यह मॉडल पूरे विभाग में फैलाया जाएगा।

मुख्य बातें

अहमदाबाद पुलिस का 'मिशन फिट खाकी' कार्यक्रम 2 जून 2026 को 12 हफ्तों बाद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
10 पुलिसकर्मियों ने 10 से 17 किलोग्राम तक वजन घटाया; कई अन्य ने 7–8 किलो की कमी दर्ज की।
कुछ प्रतिभागियों की ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाइयाँ कार्यक्रम के बाद बंद हो गईं।
लाभान्वित पुलिसकर्मी अब पुलिस स्टेशन और जोन स्तर पर साथियों को ट्रेनिंग देंगे।
पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने आम जनता को भी रोज़ाना कम से कम एक घंटा व्यायाम की सलाह दी।

अहमदाबाद पुलिस का 'मिशन फिट खाकी' कार्यक्रम 2 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 12 हफ्तों के भीतर कम से कम 10 पुलिसकर्मियों ने 10 से 17 किलोग्राम तक वजन घटाया। पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने समापन समारोह में बताया कि इस फिटनेस पहल के नतीजे अपेक्षा से कहीं बेहतर रहे हैं।

कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य

पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत में सभी भाग लेने वाले पुलिसकर्मियों का वजन और ब्लड टेस्ट कराया गया था। 12 हफ्ते बाद मंगलवार को फिर से यही परीक्षण दोहराए गए, जिससे प्रगति का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा, "मोटापा सारी बीमारियों की जड़ है।"

कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों को खान-पान, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। मलिक ने स्वयं प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया कि क्या करना है और किस तरह से।

मुख्य स्वास्थ्य परिणाम

कमिश्नर के अनुसार, 10 पुलिसकर्मियों ने 10 से 17 किलोग्राम तक वजन कम किया, जबकि बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागियों ने 7 से 8 किलोग्राम की कमी दर्ज की। उल्लेखनीय बात यह रही कि कुछ पुलिसकर्मी जो पहले ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ ले रहे थे, उन्हें अब उनकी आवश्यकता नहीं रही। इसी तरह, कुछ प्रतिभागी जो शुगर की दवाइयों पर निर्भर थे, वे भी अब दवा-मुक्त हो चुके हैं।

आगे की योजना

पुलिस कमिश्नर मलिक ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों को इस कार्यक्रम से लाभ हुआ है, वे अब पुलिस स्टेशन स्तर और जोन स्तर पर अपने साथियों को प्रशिक्षण देंगे। इस तरह यह फिटनेस मॉडल पूरे विभाग में फैलाया जाएगा।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में पुलिस बल में मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती दर चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि लंबी ड्यूटी शिफ्ट और अनियमित खान-पान पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।

आम जनता के लिए संदेश

समापन समारोह में पुलिस कमिश्नर ने आम नागरिकों से भी अपील की। उन्होंने कहा, "आप अपने दिमाग को मजबूत करें। कम से कम एक घंटा अपने शरीर को दें और लंबी वॉक करें। खान-पान का खास ध्यान रखें।" इस संदेश के साथ 'मिशन फिट खाकी' ने विभागीय सीमाओं से परे एक व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता का संकेत दिया है।

प्रतिभागियों के परिजनों ने भी इस कार्यक्रम के परिणामों पर संतोष व्यक्त किया है, जो इसकी सामाजिक स्वीकार्यता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह मॉडल स्वैच्छिक भागीदारी से आगे बढ़कर संस्थागत नीति बन पाएगा। देशभर में पुलिस बल में जीवनशैली रोगों की बढ़ती दर को देखते हुए, 12 हफ्ते का यह प्रयोग एक सार्थक शुरुआत है — पर इसे टिकाऊ बनाने के लिए ड्यूटी शेड्यूल, कैंटीन मेन्यू और मानसिक स्वास्थ्य सहायता में संरचनात्मक बदलाव ज़रूरी हैं। अहमदाबाद का यह मॉडल अन्य राज्यों के पुलिस विभागों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है, बशर्ते परिणामों की स्वतंत्र जाँच और दीर्घकालिक अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित हो।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मिशन फिट खाकी' कार्यक्रम क्या है?
यह अहमदाबाद पुलिस द्वारा शुरू किया गया 12 हफ्ते का फिटनेस और स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है, जिसमें पुलिसकर्मियों को वजन घटाने, खान-पान सुधारने और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत और अंत में सभी प्रतिभागियों का वजन व ब्लड टेस्ट कराया गया।
कार्यक्रम में कितने पुलिसकर्मियों ने कितना वजन घटाया?
पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक के अनुसार, 10 पुलिसकर्मियों ने 12 हफ्तों में 10 से 17 किलोग्राम तक वजन घटाया। बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागियों ने 7 से 8 किलोग्राम की कमी दर्ज की।
क्या इस कार्यक्रम से दवाइयों पर निर्भरता भी कम हुई?
हाँ, पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कुछ पुलिसकर्मी जो पहले ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाइयाँ ले रहे थे, उन्हें अब इन दवाओं की ज़रूरत नहीं रही। यह कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
आगे इस मॉडल को कैसे विस्तार दिया जाएगा?
लाभान्वित पुलिसकर्मी अब पुलिस स्टेशन और जोन स्तर पर अपने साथियों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि यह फिटनेस मॉडल पूरे विभाग में फैल सके। पुलिस कमिश्नर मलिक ने इसे एक सतत प्रक्रिया बनाने का संकल्प जताया है।
पुलिस कमिश्नर ने आम जनता को क्या सलाह दी?
पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने दिमाग को मजबूत रखें, रोज़ाना कम से कम एक घंटा व्यायाम या लंबी वॉक करें और खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
राष्ट्र प्रेस
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