अहमदाबाद पुलिस का 'मिशन फिट खाकी' पूरा, 12 हफ्तों में 10 पुलिसकर्मियों ने घटाया 17 किलो तक वजन
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद पुलिस का 'मिशन फिट खाकी' कार्यक्रम 2 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 12 हफ्तों के भीतर कम से कम 10 पुलिसकर्मियों ने 10 से 17 किलोग्राम तक वजन घटाया। पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने समापन समारोह में बताया कि इस फिटनेस पहल के नतीजे अपेक्षा से कहीं बेहतर रहे हैं।
कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य
पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत में सभी भाग लेने वाले पुलिसकर्मियों का वजन और ब्लड टेस्ट कराया गया था। 12 हफ्ते बाद मंगलवार को फिर से यही परीक्षण दोहराए गए, जिससे प्रगति का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा, "मोटापा सारी बीमारियों की जड़ है।"
कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों को खान-पान, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। मलिक ने स्वयं प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया कि क्या करना है और किस तरह से।
मुख्य स्वास्थ्य परिणाम
कमिश्नर के अनुसार, 10 पुलिसकर्मियों ने 10 से 17 किलोग्राम तक वजन कम किया, जबकि बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागियों ने 7 से 8 किलोग्राम की कमी दर्ज की। उल्लेखनीय बात यह रही कि कुछ पुलिसकर्मी जो पहले ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ ले रहे थे, उन्हें अब उनकी आवश्यकता नहीं रही। इसी तरह, कुछ प्रतिभागी जो शुगर की दवाइयों पर निर्भर थे, वे भी अब दवा-मुक्त हो चुके हैं।
आगे की योजना
पुलिस कमिश्नर मलिक ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों को इस कार्यक्रम से लाभ हुआ है, वे अब पुलिस स्टेशन स्तर और जोन स्तर पर अपने साथियों को प्रशिक्षण देंगे। इस तरह यह फिटनेस मॉडल पूरे विभाग में फैलाया जाएगा।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में पुलिस बल में मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती दर चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि लंबी ड्यूटी शिफ्ट और अनियमित खान-पान पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।
आम जनता के लिए संदेश
समापन समारोह में पुलिस कमिश्नर ने आम नागरिकों से भी अपील की। उन्होंने कहा, "आप अपने दिमाग को मजबूत करें। कम से कम एक घंटा अपने शरीर को दें और लंबी वॉक करें। खान-पान का खास ध्यान रखें।" इस संदेश के साथ 'मिशन फिट खाकी' ने विभागीय सीमाओं से परे एक व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता का संकेत दिया है।
प्रतिभागियों के परिजनों ने भी इस कार्यक्रम के परिणामों पर संतोष व्यक्त किया है, जो इसकी सामाजिक स्वीकार्यता को रेखांकित करता है।