अहमदाबाद में बुजुर्गों को नशीला पदार्थ पिलाकर लूट: 55 वर्षीय महिला गिरफ्तार, एक की मौत
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद, 25 अप्रैल — अहमदाबाद में बुजुर्गों को नशीला पदार्थ पिलाकर लूटने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें क्राइम ब्रांच ने शाहपुर इलाके से 55 वर्षीय लताबेन (उर्फ गुलाब, उर्फ लकड़ी चौहान) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस महिला ने दरियापुर इलाके में एक बुजुर्ग दंपति को बेहोशी की दवा मिली छाछ पिलाई, जिससे 81 वर्षीय अब्दुलभाई सिपाही की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटनाक्रम: कैसे बना शिकार?
अधिकारियों के अनुसार, लताबेन ने अब्दुलभाई सिपाही और उनकी पत्नी के घर में खाना बनाने और किराने का सामान लाने का बहाना बनाकर प्रवेश किया। उसने बुजुर्ग दंपति की उम्र और अकेलेपन का फायदा उठाकर पहले उनका विश्वास जीता।
इसके बाद उसने दंपति को नशीला पदार्थ मिली हुई छाछ पिला दी। जब दोनों बेहोश हो गए, तो वह कथित तौर पर लगभग ₹4,000 नकद लेकर फरार हो गई।
नशीले पदार्थ की अधिक मात्रा के कारण अब्दुलभाई की हालत गंभीर हो गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मामले को चोरी से बदलकर गैर-इरादतन हत्या में तब्दील कर दिया गया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
लताबेन कोई नई अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर अहमदाबाद के कम से कम नौ पुलिस स्टेशनों — खाड़िया, कालूपुर, शाहपुर, घाटलोडिया, वेजलपुर, माधुपुरा और वडाज — में 9 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, सेंधमारी और जुए से जुड़े मामले शामिल हैं।
यह आंकड़ा खुद बताता है कि आरोपी एक सीरियल अपराधी है, जो वर्षों से बुजुर्गों को निशाना बनाती रही है। बावजूद इसके वह बार-बार सक्रिय रही — यह पुलिस निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठाता है।
क्राइम ब्रांच की जांच और गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसी तरह के अपराध करने वाले पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद शाहपुर इलाके में छापा मारा गया और लताबेन को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
दरियापुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105, 123, 329(2) और 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बुजुर्गों की सुरक्षा पर गहरा सवाल
यह मामला अहमदाबाद जैसे महानगर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि भारत में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध के मामले पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़े हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि बुजुर्गों को निशाना बनाकर की जाने वाली ठगी और लूट की घटनाएं शहरी क्षेत्रों में अधिक होती हैं।
विडंबना यह है कि लताबेन पर पहले से ही कई मामले दर्ज थे, फिर भी वह खुलेआम अपराध करती रही। यह सवाल उठता है कि क्या पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों की निगरानी के लिए पर्याप्त तंत्र मौजूद है?
पुलिस ने नागरिकों — विशेष रूप से बुजुर्गों — से अपील की है कि वे अनजान व्यक्तियों से खाना या किसी भी प्रकार की मदद लेने से बचें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। आगे की जांच जारी है और अन्य पीड़ितों की तलाश की जा रही है।