31 अगस्त 2026
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एम्स रेवाड़ी में 50 एमबीबीएस सीटें मंजूर, 2026-27 सत्र से होगा प्रवेश: हरियाणा स्वास्थ्य मंत्री

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एम्स रेवाड़ी में 50 एमबीबीएस सीटें मंजूर, 2026-27 सत्र से होगा प्रवेश: हरियाणा स्वास्थ्य मंत्री

सारांश

भारत सरकार ने रेवाड़ी स्थित एम्स — देश के 22वें एम्स — में 2026-27 सत्र के लिए 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी है। हरियाणा विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने यह जानकारी दी। यह हरियाणा में सरकारी चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

भारत सरकार ने एम्स रेवाड़ी में 2026-27 सत्र के लिए 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश को मंजूरी दी।
रेवाड़ी एम्स प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत देश का 22वाँ एम्स होगा।
हरियाणा में केंद्र से संबद्ध दो प्रमुख संस्थान: झज्जर का राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और रेवाड़ी एम्स।
हिसार में पुरानी पाइपलाइनों के कारण जल रिसाव की समस्या; वितरण नेटवर्क का सर्वेक्षण जारी।
आदमपुर और नलवा क्षेत्रों की 47 नहरें स्वीकृत रोटेशन शेड्यूल ( 8 दिन चालू, 16 दिन बंद ) पर संचालित।

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सोमवार, 31 अगस्त को राज्य विधानसभा को सूचित किया कि रेवाड़ी के माजरा में स्थापित हो रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 2026-27 सत्र के लिए 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश को भारत सरकार की मंजूरी मिल गई है। प्रश्नकाल के दौरान एक विधायक के सवाल के जवाब में दी गई यह जानकारी हरियाणा में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एम्स रेवाड़ी की स्थापना और दर्जा

रेवाड़ी स्थित एम्स की स्थापना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के अंतर्गत की जा रही है। यह देश का 22वाँ एम्स होगा और इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त होगा। संस्थान में एक पूर्ण मेडिकल कॉलेज भी शामिल होगा।

हरियाणा में केंद्र से संबद्ध स्वास्थ्य संस्थान

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा में केंद्र सरकार के एम्स से संबद्ध दो प्रमुख संस्थान कार्यरत हैं। पहला, झज्जर के बादसा में स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई), जो नई दिल्ली स्थित एम्स का दूसरा परिसर है। यह तृतीयक स्तर का संस्थान कैंसर उपचार, रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, अनुसंधान और मानव संसाधन विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है। दूसरा, रेवाड़ी का नवस्थापित एम्स, जिसमें अब पहली बार एमबीबीएस प्रवेश को अनुमति मिली है।

हिसार में पेयजल सुधार की तैयारी

विधानसभा में एक अन्य प्रश्न के उत्तर में लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि हिसार शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर को भाखरा नहर से पानी मिलता है और इसे सात नहर आधारित जल संयंत्रों के माध्यम से वितरित किया जाता है। सदस्य सावित्री जिंदल के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने माना कि कुछ हिस्सों में पुरानी पाइपलाइनों के कारण रिसाव, पाइप फटने और कम जल दबाव की समस्याएँ सामने आ रही हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए वर्तमान में वितरण नेटवर्क का सर्वेक्षण किया जा रहा है।

आदमपुर और नलवा में सिंचाई जल आपूर्ति

सिंचाई और जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने विधानसभा को बताया कि आदमपुर और नलवा विधानसभा क्षेत्रों में नहरों के माध्यम से सिंचाई जल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि दोनों क्षेत्रों में कुल 48 नहरें और उपनहरें हैं। इनमें से बसरा सब-माइनर नंबर दो को छोड़कर — जिसके पुनर्वास को सरकार ने मंजूरी दे दी है — शेष 47 नहरें स्वीकृत रोटेशन शेड्यूल के अनुसार संचालित हो रही हैं। नलवा क्षेत्र की 17 नहरें और दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की साझा 4 नहरें 8 दिन चालू और 16 दिन बंद के चक्र पर चल रही हैं।

आगे की राह

एम्स रेवाड़ी में पहले बैच के 50 एमबीबीएस छात्रों का प्रवेश 2026-27 सत्र में होना अपेक्षित है, जो हरियाणा में सरकारी चिकित्सा शिक्षा की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। राज्य विधानसभा में उठाए गए ये प्रश्न सरकार पर बुनियादी सुविधाओं — स्वास्थ्य, पेयजल और सिंचाई — को लेकर जनप्रतिनिधियों की सक्रिय निगरानी को दर्शाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि संस्थान की भौतिक अवसंरचना, संकाय नियुक्तियाँ और अस्पताल सुविधाएँ पहले बैच के आने से पहले कितनी तैयार होंगी — देश के कई नए एम्स में यही अंतराल देखा गया है। हरियाणा में स्वास्थ्य और जल आपूर्ति दोनों मोर्चों पर विधानसभा में उठे सवाल बताते हैं कि बुनियादी ढाँचे की घोषणाएँ और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी भी चिंता का विषय है। हिसार की पुरानी पाइपलाइन समस्या और नहरों के रोटेशन शेड्यूल पर जन-प्रतिनिधियों की सतर्कता यह दर्शाती है कि नागरिक सुविधाओं पर विधायी जवाबदेही की माँग बढ़ रही है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम्स रेवाड़ी में एमबीबीएस प्रवेश कब से शुरू होगा?
भारत सरकार ने एम्स रेवाड़ी में 2026-27 सत्र से 50 एमबीबीएस छात्रों के प्रवेश को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने 31 अगस्त को राज्य विधानसभा में दी।
एम्स रेवाड़ी की स्थापना किस योजना के तहत हो रही है?
एम्स रेवाड़ी की स्थापना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के अंतर्गत की जा रही है। यह देश का 22वाँ एम्स होगा और इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त होगा।
हरियाणा में केंद्र से संबद्ध कौन-से प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान हैं?
हरियाणा में केंद्र सरकार के एम्स से संबद्ध दो प्रमुख संस्थान हैं: झज्जर के बादसा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई), जो नई दिल्ली एम्स का दूसरा परिसर है, और रेवाड़ी स्थित नवस्थापित एम्स। एनसीआई कैंसर उपचार, अनुसंधान और मानव संसाधन विकास के लिए समर्पित तृतीयक देखभाल केंद्र है।
हिसार में पेयजल की समस्या क्या है और सरकार क्या कर रही है?
हिसार के कुछ हिस्सों में पुरानी पाइपलाइनों के कारण रिसाव, पाइप फटने और कम जल दबाव की समस्याएँ हैं। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने विधानसभा को बताया कि वितरण नेटवर्क को बदलने या सुधारने के लिए वर्तमान में सर्वेक्षण किया जा रहा है।
आदमपुर और नलवा में नहरों से सिंचाई कैसे होती है?
आदमपुर और नलवा विधानसभा क्षेत्रों में कुल 48 नहरें और उपनहरें हैं। बसरा सब-माइनर नंबर दो को छोड़कर शेष 47 नहरें स्वीकृत रोटेशन शेड्यूल के तहत 8 दिन चालू और 16 दिन बंद के चक्र पर संचालित होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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