जेपी नड्डा का केरल को बड़ा स्वास्थ्य पैकेज, एम्स और 100 एमबीबीएस सीटों की सैद्धांतिक मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में केरल को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा आश्वासन दिए। इनमें तिरुवनंतपुरम के के. करुणाकरण मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में अगले शैक्षणिक वर्ष से 100 एमबीबीएस सीटें शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी और केरल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित करने की केंद्र की प्रतिबद्धता को दोहराना प्रमुख रूप से शामिल है।
मुख्य घोषणाएँ और आश्वासन
केरल के स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन के अनुसार, नड्डा ने के. करुणाकरण मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिले में हुई लंबी देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले करोड़ों रुपये की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाने के बावजूद दाखिले नहीं हो सके — इस देरी को उन्होंने 'आपराधिक लापरवाही' करार दिया। उनका अनुमान है कि समय पर दाखिले शुरू हुए होते तो लगभग 1,100 छात्र मेडिकल शिक्षा का लाभ उठा चुके होते।
नड्डा ने केरल से भारत का पहला जेनेटिक इंस्टीट्यूट राज्य में स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने जिला अस्पतालों को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक जिले में ट्रॉमा केयर सेंटर खोलने में केंद्रीय सहायता का वादा किया।
बीमा, मानसिक स्वास्थ्य और टीकाकरण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत केरल में बीमा कवरेज विस्तार के राज्य के अनुरोध को सैद्धांतिक मंजूरी दी। राज्य के तीन मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने में भी केंद्रीय सहयोग का भरोसा दिलाया गया। इसके अलावा नड्डा ने लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय सहायता देने की बात कही।
यह ऐसे समय में आया है जब केरल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मौजूदा फंड की कमी की ओर केंद्र का ध्यान दिलाया था। नड्डा ने संकेत दिया कि एनएचएम के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
दवाओं की उपलब्धता और वायरोलॉजी संस्थान
केरल के प्रतिनिधिमंडल ने गैर-संचारी रोगों की दवाओं, विशेष कैंसर उपचारों और उन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में केंद्रीय सहयोग माँगा जो अभी भारत में सुलभ नहीं हैं। नड्डा ने भरोसा दिलाया कि इन मामलों की जाँच कर उचित कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि नड्डा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी में केरल की सक्रिय भूमिका को स्वीकार करते हुए स्टेट वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ाने पर सहमति जताई — यह संस्थान निपाह जैसे संक्रमणों की निगरानी में अहम भूमिका निभाता रहा है।
बैठक का माहौल और आगे की राह
केरल के स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया और कहा कि केंद्रीय मंत्री ने राज्य की माँगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। नड्डा ने केरल की स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली की सराहना भी की। इन आश्वासनों के औपचारिक क्रियान्वयन पर नज़र रखना अब अहम होगा, क्योंकि एम्स जैसी बड़ी परियोजनाएँ अतीत में लंबे प्रशासनिक चक्रों से गुज़रती रही हैं।